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Old Solar Eclipse: ऋग्वेद में लिखा है कब लगा था सबसे पुराना सूर्य ग्रहण, तारीख देखकर वैज्ञानिक हैरान

Tue, 03 Sep 2024 09:14 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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ऋग्वेद में लिखा है कब लगा था सबसे पुराना सूर्य ग्रहण, तारीख देखकर वैज्ञानिक हैरान - फोटो : Istock
Old Solar Eclipse: वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण खोज की है। इस खोज में इतिहास के सबसे पुराने पूर्ण सूर्य ग्रहण के बारे में पता लगा है। प्राचीन हिंदू ग्रंथ ऋग्वेद में इस सूर्य ग्रहण का उल्लेख है। वैज्ञानिकों ने इस ग्रहण को लेकर ऋग्वेद को प्रामाणिक दस्तावेज माना है। खगोशास्त्रियों की तरफ से ऋग्वेद में बताए गए सबसे प्राचीन पूर्ण सूर्य ग्रहण को ही सबसे पुराना माना गया है। करीब 6000 साल पहले यह सूर्य ग्रहण लगा था। ऋग्वेद में कई धार्मिक और दर्शनशास्त्र के स्कूलों के कथन का जिक्र किया गया है। यह सभी कथन 1500 ईसा पूर्व के आसपास के माने जाते हैं। 

बताया जाता है कि ऋग्वेद में ज्यादातर घटनाएं उस समय की हैं, जब इसको लिखा गया था। अन्य धार्मिक ग्रंथों और पुस्तकों की तरह ऋग्वेद में भी प्राचीन घटनाओं का उल्लेख है। कुछ ग्रंथों में प्राचीन घटनाओं का उल्लेख है। हालांकि, ऋग्वेद सबसे प्रचानी है। इसमें कई बार वर्नल इक्वीनॉक्स (Vernal Equinox) में सूर्य के उगने का जिक्र है। यानी जब सूर्य दोपहर में सीधे सिर के ऊपर होता है। 

 
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ऋग्वेद में लिखा है कब लगा था सबसे पुराना सूर्य ग्रहण, तारीख देखकर वैज्ञानिक हैरान - फोटो : Istock
प्राचीन हिंदू ग्रंथ ऋग्वेद में एक जगह लिखा है कि यह ये इक्वीनॉक्स ओरियन (Orion) नक्षत्र में, जबकि दूसरा प्लीयेडस (Pleiades) में हो रहा है। खगोलशास्त्रियों ने इस डिस्क्रिप्शन से जांच की शुरुआत की। तारीख के बारे में पता लगाने लगे। धरती अपनी धुरी पर लहराते हुए घूमती है। इस समय का वर्नल इक्वीनॉक्स पाइसेस नक्षत्र में है। इसका मतलब है कि ओरियन 4500 ईसा पूर्व में था और प्लीयेडस 2230 ईसा पूर्व में।
 
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ऋग्वेद में लिखा है कब लगा था सबसे पुराना सूर्य ग्रहण, तारीख देखकर वैज्ञानिक हैरान - फोटो : Istock
भारतीय और जापानी वैज्ञानिकों ने सांकेतिक भाषा का किया अध्ययन

वैज्ञानिकों ने माना है कि ऋग्वेद में कई ऐसी बातों का जिक्र किया गया है, जब वो लिखी भी नहीं गई थी। ऋग्वेद में बहुत ज्यादा सांकेतिक भाषा है। हालांकि, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के मयंक वाहिया और जापान के नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जरवेटरी के मित्सुरू सोमा ने इसका अध्ययन किया है। 

 

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ऋग्वेद में लिखा है कब लगा था सबसे पुराना सूर्य ग्रहण, तारीख देखकर वैज्ञानिक हैरान - फोटो : Istock
दोनों वैज्ञानिकों ने ऋग्वेद में प्राचीनतम सूर्य ग्रहण का जिक्र पाया है। जर्नल ऑफ एस्ट्रोनॉमिकल हिस्ट्री एंड हेरिटेज में यह अध्ययन प्रकाशित किया गया है। ऋग्वेद में बताई गई कहानी सामान्य राहू-केतु वाली कहानी से अलग है। बाद में इन कहानियों को बनाया गया है। ऋग्वेद में सूर्य ग्रहण का अलग कारण बताया है। 

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ऋग्वेद में लिखा है कब लगा था सबसे पुराना सूर्य ग्रहण, तारीख देखकर वैज्ञानिक हैरान - फोटो : Istock
वैज्ञानिकों ने ऋग्वेद में ओरियन नक्षत्र के समय वर्नल इक्वीनॉक्स की तारीख का पता लगाना शुरू किया है, क्योंकि इसी दिन प्राचीनतम सूर्य ग्रहण हुआ था। इसे सबसे पहला लिखित पूर्ण सूर्य ग्रहण माना जाता है। यह घटना तब हुई थी जब ऋग्वेद को लिखने वाले मौजूद थे। उनके सामने यह घटना घटी है, इसलिए उन्होंने इसमें उसके बारे में लिखा है। दोनों वैज्ञानिकों की गणना के मुताबिक, सबसे पुराना सूर्य ग्रहण 22 अक्तूबर 4202 ईसा पूर्व और 19 अक्तूबर 3811 ईसा पूर्व के बीच कभी हुआ था।
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