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महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी आते हैं पीरियड्स, रिसर्च में हुआ खुलासा

Mon, 19 Apr 2021 09:17 AM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्णिमा का चांद - फोटो : @pixabay
पूर्णिमा किसे नहीं पसंद? पूर्णिमा के चांद पर कई सारे कवियों ने कविता लिखी। भारतीय फिल्म जगत में न जाने कितने सारे गीत चांद को केंद्र में रखकर लिखे गए हैं। वहीं एक रिसर्च ने चौकाने वाला खुलासा किया है। इस रिसर्च को ट्यूनिशिया और कतर के वैज्ञानिकों ने किया। रिसर्च में पता चला है कि पूर्णिमा के दिन पुरुष के शरीर में टोस्टोस्टेरोन और कोर्टिसोल की मात्रा बढ़ जाती है। इस कारण पुरुषों में तनाव बढ़ता है, जिसके चलते अंदुरूनी तौर पर उन्हें भी पीरियड्स आते हैं।
 
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ज्वार भाटा - फोटो : @Pixabay
अब तक यही पता था कि चांद के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से पृथ्वी पर ज्वार भाटा आते हैं। इससे समुद्रा का पानी चंद्रमा के गुरुत्व वाले प्रभाव की दिशा में चढ़ने लगता है। वहीं इस रिसर्च के मुताबिक चंद्रमा का प्रभाव केवल यहीं तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव हमारे शरीर के भीतर भी पड़ता है। वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि पूर्णिमा के दिन पुरुषों के भीतर कई सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं। 
 
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पूर्णिमा का चांद - फोटो : @pixabay
इन हार्मोनल बदलावों के चलते पुरुषों को रात में नींद नहीं आती है। सेक्स हार्मोन कहे जाने वाले टेस्टोस्टेरोन बढ़ जाता है। खून के भीतर स्ट्रेस बढ़ाने वाले हार्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है। स्ट्रेस बढ़ाने वाले कोर्टिसोल में बढ़ोत्तरी देखने को मिलती है।
 

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पृथ्वी और चंद्रमा - फोटो : Pixabay
इस रिसर्च को ट्यूनीशिय और कतर के वैज्ञानिकों ने मिल कर अंजाम दिया। इस अनुसंधान को ट्यूनीशिया और कतर के रिसर्च सेंटर में किया गया। रिसर्च के परिणामों के बाद रिसर्च का हिस्सा रहे वैज्ञानिक इस्माइल डेरगा ने बताया कि इस शोध के लिए हमने पुरुषों के खून की पूर्णिमा के साथ-साथ बाकी दिनों में भी जांच की। इसके बाद जो नतीजे आए वह वाकई चौकाने वाले थे। 
 
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पूर्णिमा का चांद - फोटो : Social media
हमें मर्दों के खून के सैंपल में पूर्ण चंद्रमा के दिन और बाकी दिनों में काफी बदलाव देखने को मिले। उनके खून के सैंपल में पूर्णिमा की रात में टेस्टोस्टेरोन और स्लीप हार्मोन की मात्रा काफी कम थी। वहीं इस दौरान स्ट्रेस हार्मोन कहे जाने वाले कोर्टिसोल की मात्रा में वृद्धि हुई थी।
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