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यमराज का घर: सौरमंडल का एक ऐसा ग्रह, जहां असंभव है इंसानों का रहना

Fri, 26 Mar 2021 12:12 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
सौरमंडल में ग्रहों की दुनिया भी बड़ी अजीब है। उसे जितना भी समझने की कोशिश करिए, आप उतना ही उसमें उलझते जाएंगे। वैसे तो हर ग्रह अपनेआप में विशेष है, लेकिन इसमें प्लूटो ग्रह थोड़ा अलग है। प्लूटो ग्रह को 'यम ग्रह या गृह' भी कहा जाता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से प्लूटो ग्रह से जुड़ी अजीबोगरीब और रहस्यमय बातें बताएंगे, जिन्हें जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे।

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प्लूटो ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
खगोल विज्ञानी क्लीड डब्ल्यू. टॉमबॉघ ने 18 फरवरी 1930 को प्लूटो को गलती से खोज लिया था। असल में वह 'प्लैनेट एक्स' नामक एक अज्ञात ग्रह की तलाश कर रहे थे, जो यूरेनस (अरुण ग्रह) और नेपच्यून (वरुण ग्रह) की कक्षाओं में गड़बड़ी पैदा कर रहा था।
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सौरमंडल के ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
ऑक्सफॉर्ड स्कूल ऑफ लंदन में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा वेनेशिया बर्ने ने इस ग्रह का नाम रखा था। इस बच्ची का कहना था कि रोम में अंधेरे के देवता को प्लूटो कहा जाता है और इस ग्रह पर भी लगभग हमेशा अंधेरा ही रहता है, ऐेसे में इसका नाम प्लूटो रखा जाए। इस बच्ची को उस समय इनाम के तौर पांच पाउंड दिए गए थे, जो आज के हिसाब से करीब 499 रुपये होते हैं।

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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
प्लूटो को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 248 साल लग जाते हैं। यहां एक दिन पृथ्वी के मुकाबले 6.4 दिन का होता है यानी इस ग्रह का 24 घंटा लगभग 153 घंटे के बराबर होता है।
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सौरमंडल के ग्रह - फोटो : Pixabay
प्लूटो और सूर्य के बीच बहुत अधिक दूरी होने के कारण सूर्य की रोशनी को प्लूटो ग्रह तक पहुंचने में लगभग पांच घंटे लगते हैं, जबकि सूरज की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने में आठ मिनट और 20 सेकेंड लगते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्लूटो ग्रह पर बर्फ के रूप में मौजूद है और इस पानी की मात्रा पृथ्वी के सभी महासागरों में आरक्षित पानी से लगभग तीन गुना अधिक है। इसके अलावा कहा जाता है कि इसकी सतह पर बड़े-बड़े गड्ढे भी हैं।
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प्लूटो ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
वैज्ञानिकों का मानना है कि प्लूटो ग्रह पर जीवन का अस्तित्व संभव नहीं है, क्योंकि यहां तापमान बेहद ही कम है। इस ग्रह की सतह का तापमान अमूमन माइनस 233 से माइनस 223 डिग्री सेल्सियस बना रहता है, जो किसी भी इंसान को पल भर में जमा सकता है।
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