फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Most Mysterious Reptile: कौन है तीसरी आंख वाला ये 'जीवित जीवाश्म', 19 करोड़ साल से धरती पर है जिंदा

Tue, 22 Mar 2022 02:56 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
कौन है तीसरी आंख वाला ये 'जीवित जीवाश्म' - फोटो : iStock
न्यूजीलैंड (New Zealand) में धरती की सबसे रहस्यमयी छिपकली (Most Mysterious Reptile) पाई जाती है। इस छिपकली को तुआतारा (Tuatara) कहा जाता है जिसे वैज्ञानिकों द्वारा जीवित जीवाश्म भी कहा जाता है। इस छिपकली के अंदर बहुत कम बदलाव हुए हैं। यह अभी भी 19 करोड़ साल पुराने अपने पूर्वज की तरह दिखती है। इसको अभी 19 करोड़ साल पुराना तुआतारा कहा जा सकता है।

न्यूजीलैंड में मिलने वाले तुआतारा एक साधारण इगुआना की तरह ही नजर आते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरान होगी कि यह सच में छिपकली नहीं है। वैज्ञानिक इसको सिर्फ सरिसृप कहते हैं।  प्राचीन और रहस्यमयी सरिसृपों रिंचोसिफैलिंयस के ये काटेदार जीव वंशज हैं। डायनासोर के समय ही ज्यादातर रिंचोसिफैलियंस खत्म हो गए थे, हांलाकि कुछ जीवित बच गए थे। अभी भी इनके वंशज न्यूजीलैंड में मिलते हैं जिनमें अधिक बदलाव नहीं हुआ है। आइए जानते हैं धरती की सबसे रहस्यमयी छिपकली के बारे में रोचक बातें...
विज्ञापन

2 of 7
कौन है तीसरी आंख वाला ये 'जीवित जीवाश्म' - फोटो : iStock

दुनिया के बेहद अजीबोगरीब जीवों में सरिसृप भी शामिल हैं। तुआतारा सौ साल तक जिंदा रहते हैं। यह जीव ठंडी से ठंडी जगह और विपरीत परिस्थितियों में भी जीवित रह सकता है। इनके जबड़े पीछे से आगे की तरफ खिसकते हैं जिनसे ये अपना शिकार कर सकते हैं। इनकी तीसरी आंख सबसे बड़ी खासियत है जो सिर के ऊपर मध्य में त्वचा की परतों के नीचे छिपी रहती है। यह आंख सूरज की रोशनी को ट्रैक करने में सहायता करती है। 
विज्ञापन

3 of 7
कौन है तीसरी आंख वाला ये 'जीवित जीवाश्म' - फोटो : iStock
तुआतारा की इन खासियतों की वजह से जैविक पुरातत्वविद हैरान हैं। यह खासयितें डायनासोर के समय में मिलने वाली रहस्यमयी सरिसृप रिंचोसिफैलिंयस में थीं जो वैज्ञानिकों के हैरानी की वजह है। इनके अलावा बाकी सरिसृप, छिपकलियां और सांप में बदलाव हुआ और वह खुद को विकसित करते गए। हालांकि इनमें से ज्यादातर प्रजाति खत्म हो चुकी है। मिसोजोइक काल (Mesozoic Era) के समय की यह बात है।

4 of 7
कौन है तीसरी आंख वाला ये 'जीवित जीवाश्म' - फोटो : iStock
स्टेफनी पियर्स ने बताया कि उन्होंने हाल ही में हथेली के आकार की एक छिपकली के पूरे जीवाश्म पर शोध किया है। स्टेफनी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के म्यूजियम ऑफ कंपेरेटिव जूलॉजी में वर्टिब्रेट पैलियोंटोलॉजी की क्यूरेटर हैं। इस छिपकली का जीवाश्म साल 1982 में उत्तरी एरिजोना के कायेंटा फॉर्मेशन में पाया गया था, जहां पर डायनासोरों के समय के कई जीवाश्म दफनाए गए हैं। 
विज्ञापन

5 of 7
कौन है तीसरी आंख वाला ये 'जीवित जीवाश्म' - फोटो : iStock
माना जाता है कि उस काल में डिलोफोसॉरस जैसे डायनासोरों के मगरमच्छों जैसे जीवों के साथ संबंध बनाने से रिंचोसिफैलिंयस नाम के जीव पैदा हुए होंगे। सरिसृपों और स्तनधारियों के गुण वाला तुआतारा बहुत पुराना जीव है जिसकी वजह से इसको रहस्यमयी छिपकली कहते हैं। 
विज्ञापन

6 of 7
कौन है तीसरी आंख वाला ये 'जीवित जीवाश्म' - फोटो : iStock

डॉ. स्टेफनी पियर्स और उनके पोस्टडॉक्टोरल स्टूडेंट ने जीवाश्म का रिसर्च करते समय पाया कि यह जीव छिपकलियों के शुरुआती सतत विकास की पहली कड़ी लगता है। यह स्टडी कम्युनिकेशन बायोलॉजी में प्रकाशित हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
कौन है तीसरी आंख वाला ये 'जीवित जीवाश्म' - फोटो : iStock
वैज्ञानिकों के इस नए जीव को नावाजोसफेनोडोन सानी नाम दिया है जिसका मतलब अधिक उम्र होता है। यह जीवाश्म जिस स्थान पर पाया गया है वहां पर नावाजो आदिवासी रहते हैं। नावाजो का मतलब होता है अधिक उम्र। वैज्ञानिकों ने माइक्रो-सीटी स्कैन से जीवाश्म के अध्यन में मदद लिया था।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें