पाकिस्तान की रहस्यमयी जनजाति
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महिलाओं के पास है आजादी
यहां सालभर में तीन त्योहार मनाए जाते हैं। इन मौके पर लड़के और लड़कियां आपस में मुलाकात करते हैं। इस दौरान ही बहुत लोग एक दूसरे से शादी कर लेते हैं। अगर यहां पर महिला को कोई दूसरा पुरुष पसंद आ गया तो वह उसके साथ रह सकती हैं। महिलाओं और लड़कियों को अपना मनपसंद साथी चुनने की पूरी आजादी है। तो वहीं पाकिस्तान के बाकी इलाकों में महिलाओं को आजादी नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कलाश जनजाति की लड़की त्योहार के दौरान अपने मनपसंद लड़के के साथ चली जाती है और हफ्ता या महीने बाद लौटती है, तो मान लिया जाता है कि लड़की उस लड़के के साथ शादी करने के लिए राजी है और तब दोनों की शादी होती है।