फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lunar Eclipse 2024: इस दिन लगेगा साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण, जानिए कहां-कहां आएगा नजर

Sun, 03 Mar 2024 02:16 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
इस दिन लगेगा साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण - फोटो : Istock
Lunar Eclipse 2024: खगोल विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए चंद्र ग्रहण एक खास घटना है। साल 2024 में दो चंद्र ग्रहण लेगेंगे। पहला चंद्र ग्रहण 25 मार्च को लगेगा, इसके दूसरा ग्रहण 17-18 सितंबर को दिखाई देगा। मार्च के महीने में लगने वाला चंद्र ग्रहण एक उपछाया ग्रहण है, जो 25 मार्च को सुबह 10 बजकर 23 मिनट से शुरू होगा और दोपहर 03 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। 

यह चंद्र ग्रहण नार्वे, स्विट्जरलैंड, आयरलैंड, इंग्लैंड, स्पेन, पुर्तगाल, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, हॉलैंड, बेल्जियम, इटली, जर्मनी, फ्रांस, अमेरिका, अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। हालांकि, 25 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। 

क्यों लगता है चंद्र ग्रहण?

चंद्र ग्रहण खगोलीय घटना होती है। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चंद्रमा एक उपग्रह है, धरती का चक्कर लगाता है। जब सूर्य और चंद्रमा के बीच धरती आ जाती है, तो सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती है। इससे धरती की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।
विज्ञापन

2 of 5
इस दिन लगेगा साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण - फोटो : iStock
इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में होते हैं, तो चंद्र ग्रहण लगता है। पूर्णिमा के दिन यह खगोलीय घटना होती है। 
 
विज्ञापन

3 of 5
इस दिन लगेगा साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण - फोटो : iStock
इतने प्रकार के होते तीन ग्रहण?

तीन प्रकार के चंद्र ग्रहण होते हैं। यह इस निर्भर है कि सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में किस तरह हैं। आंशिक चंद्र ग्रहण, पूर्ण चंद्र ग्रहण और उपछाया चंद्र ग्रहण होता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण उस समय लगता है, जब पूरे चंद्रमा की सतह पर धरती की छाया पड़ती है। 

Solar Eclipse: सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान से क्यों गायब हो जाते हैं बादल? वैज्ञानिकों ने सुलझा लिया रहस्य

4 of 5
इस दिन लगेगा साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण - फोटो : iStock
आंशिक चंद्र ग्रहण के समय चांद का सिर्फ एक भाग पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है। तब लगता है कि यह चंद्र सतह से काट रहा है। चंद्रमा के धरती की तरफ वाले हिस्से पर धरती की छाया काली दिखाई देगी। कटा हिस्सा दिखाई देता है, तो वह इस पर निर्भर करता है कि किस प्रकार सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में हैं। 

Richest Dog Of The World: ये है दुनिया का सबसे अमीर कुत्ता, 30 अरब के मालिक की सेवा करते हैं कई नौकर-चाकर
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इस दिन लगेगा साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण - फोटो : iStock
उपछाया चंद्र ग्रहण के दौरान धरती की छाया का हल्का बाहरी भाग चंद्रमा की सतह पर पड़ता है। इस ग्रहण को देखना कुछ मुश्किल होता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें