फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Life on Eath: धरती पर कैसे हुई जीवन की शुरुआत? इस शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Wed, 23 Oct 2024 08:23 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

एस्टेरॉयड का नाम S2 है, जो एक बड़ी अंतरिक्ष चट्टान है। इसका आकार माउंट एवरेस्ट से चार गुना बड़ा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका पृथ्वी पर विशेष रूप से महासागरों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा था।
विज्ञापन
1 of 5
धरती पर कैसे हुई जीवन की शुरुआत? शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : Freepik
Life on Eath: धरती के लिए एस्टेरॉयड को खतरा बताया जाता है। अंतरिक्ष एजेंसियां अक्सर एस्टेरॉयड को लेकर चेतावनी जारी करती हैं। कहा जाता है कि एक बार विनाशकारी एस्टेरॉयड की धरती से टक्कर हुई थी, जिसके बाद डायनासोर खत्म हो गए थे। अब इस बीच शोधकर्ताओं ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका मानना है कि पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत से एस्टेरॉयड का जुड़ाव हो सकता है। एक शोध के मुताबिक, डायनासोर को खत्म करने वाले एस्टेरॉयड से 200 गुना बड़े एस्टेरॉयड ने वास्तव में प्रारंभिक पृथ्वी पर जीवन को पनपने में मदद की थी।

इस एस्टेरॉयड का नाम S2 है, जो एक बड़ी अंतरिक्ष चट्टान है। इसका आकार माउंट एवरेस्ट से चार गुना बड़ा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका पृथ्वी पर विशेष रूप से महासागरों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा था। इस एस्टेरॉयड को पहली बार 2014 में खोजा गया था। करीब 3.26 अरब साल पहले यह धरती से टकराया था। 
 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
धरती पर कैसे हुई जीवन की शुरुआत? शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : Freepik
एस्टेरॉयड के टकराने से भयानक सुनामी आई

पीएनएएस में एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एस्टेरॉयड S2 के पृथ्वी से टकराने पर महासागर उबल गए और भयानक सुनामी आई। हाल ही में वैज्ञानिक दक्षिण अफ्रीका के बार्बरटन ग्रीनस्टोन बेल्ट में उल्कापिंड द्वारा निर्मित प्रभावित क्रेटर पर जांच के लिए गए थे। टीम चट्टान को जांच लिए लैब में लेकर आई थी। 
 
विज्ञापन

3 of 5
धरती पर कैसे हुई जीवन की शुरुआत? शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : Freepik
वैज्ञानिकों को मिले ऐसे सबूत

चट्टान की शोध से खुलासा हुआ है कि S2 के टकराने से पैदा हुई सुनामी से जमीन से मलबा तटीय क्षेत्रों में बह गया। समुद्र की सतह की परत वाष्पित होकर वायुमंडल में उबलने लगी और वातावरण अपने आप गर्म हो गया। इससे तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव आया। वैज्ञानिकों को ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे जानकारी मिलती है कि सुनामी से लौह और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व नष्ट हो गए थे। 

Ajab Gajab: हजार के लिए क्यों लिखा जाता है 'K'? यहां जानें क्या होता है 'K' का मतलब

4 of 5
धरती पर कैसे हुई जीवन की शुरुआत? शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : Freepik
शोधकर्त का मानते हैं कि इस घटना ने जीवन के विकास को प्रेरित किया होगा। शोध के मुख्य लेखक हार्वर्ड विश्वविद्यालय की भूविज्ञानी नादजा ड्रेबोन हैं। उन्होंने बताया कि हम जानते हैं कि पृथ्वी के शुरुआती काल के दौरान विशाल एस्टेरॉयड के प्रभाव समय-समय पर होते थे। प्रारंभिक जीवन के विकास को एस्टेरॉयड ने प्रभावित किया होगा। हालांकि, हमें यह समझ नहीं थी कि आखिर कैसे। 

Asteroid News: धरती की तरफ आ रही है तबाही? नासा ने जारी की चेतावनी
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
धरती पर कैसे हुई जीवन की शुरुआत? शोध में हुआ चौंकाने वाला खुलासा - फोटो : Freepik
'एस्टेरॉयड से धरती पर जीवन को फलने-फूलने का मौका मिला'

ड्रेबन का कहना है कि एस्टेरॉयड की घटना को हम विनाशकारी मानते हैं, लेकिन इस शोध से पता चलता है कि इन प्रभावों से जीवन को फायदा हुआ होगा। खासतौर पर शुरुआत में इन प्रभाव के कारण ही वास्तव में जीवन को फलने-फूलने का मौका मिला होगा। यह इसलिए भी हो सकता है, क्योंकि लौह आमतौर पर उथले पानी में दुर्लभ होता है, भारी सुनामी की वजह से गहरे समुद्र से बाहर आ गया। इसके कारण तटीय क्षेत्रों में यह महत्वपूर्ण पोषक तत्व भर गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें