रमजान मुस्लिमों का एक पाक त्योहार है। इसमें सभी मुस्लिम रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। इस दौरान वे सुबह सुर्योदय से शाम सुर्यास्त तक बिना कुछ खाए-पीए रहते हैं। विश्व भर में रमजान के महीने की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में लेबनान से एक ऐसी खबर सामने निकल कर आई है, जिसे जानने के बाद आप भी भावुक हो जाएंगे। लेबनान में शरण लिए सीरिया के लोगों को रोजा खोलने के लिए खाना और मिठाई तक नसीब नहीं हो रहा है। उन्हें प्याज खाकर अपना रोजा खोलना पड़ रहा है।
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मिठाई
- फोटो : Social media
यहां पर हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लोगों को रमजान के बाद अपना रोजा खोलने के लिए अच्छा भोजन और मिठाइयां नहीं मिल रहीं हैं। ये सभी लोग सीरिया के शरणार्थी हैं, जो कि सीरिया में चल रहे ग्रह युद्ध के चलते यहां पर पलायन करके आए हैं। एक ओर जहां कई जगहों पर शाम को अच्छे-अच्छे भोजन और स्वादिष्ट मिठाइयों के साथ लोग रोजा खोलते हैं। वहीं लेबनान में सीरिया के शरणार्थियों को प्याज खाकर अपना रोजा खोलना पड़ रहा है।
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आबेद
- फोटो : Social media
एक महिला आबेद ने बताया कि "यह अब तक का हमारा सबसे मुश्किल रमजान है। रोजा खोलने के लिए हमें सही से भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है। रमजान के महीने में हमें पहले से ज्यादा पोषण युक्त भोजन की जरूरत होती है ताकि हमारा स्वास्थ्य ठीक रह सके। वहीं हमें ऐसा कुछ नहीं मिल रहा है। ये सब देखते हुए मैंने हार मान ली है।"
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
वहीं उनके पति राएड मटर ने कहा - "यहां पर भोजन की कीमतें काफी ऊंची हैं। इस कारण हम उन्हें खरीद नहीं पा रहे हैं। पूरा-पूरा दिन भूखा रहना पड़ता है। रोजा खोलने के लिए हमें कुछ खाने की जरूरत होती है इसलिए हम प्याज खाकर अपना रोजा खोलते हैं।"
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लेबनान एक गहरे आर्थिक संकट में फसा हुआ है। इस देश में 10 लाख से भी ज्यादा सीरिया से आए शरणार्थी रह रहे हैं। ऊपर से कोरोना की मार ने इसकी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है।