फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Marriage Law: आखिर भारत में कैसे अवैध मानी जा रही है नुसरत जहां की शादी? जानिए तुर्की का मैरेज रेगुलेशन

Sat, 12 Jun 2021 05:33 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
नुसरत जहां और निखिल जैन - फोटो : Instagram
तृणमूल कांग्रेस सांसद और बांग्ला फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री नुसरत जहां और व्यवसायी निखिल जैन की शादी टूटने की चर्चा जोरों पर है। नुसरत का कहना है कि निखिल जैन से उनकी शादी भारत में मान्य नहीं है, ऐसे में उन्हें औपचारिक तलाक की भी जरूरत नहीं हैं। बता दें कि सांसद नुसरत जहां ने एक विस्तृत बयान जारी कर यह साफ किया कि भारतीय कानून के मुताबिक, उनकी शादी वैध नहीं थी और इसके साथ ही यह भी कहा कि तुर्की के कानून के तहत भी ये शादी अवैध थी।
 
साल 2019 में नुसरत और निखिल की शादी तुर्की में ही डेस्टिनेशन वेडिंग के तौर पर हुई थी। लेकिन नुसरत ने इस शादी को अमान्य करार दिया। नुसरत का कहना है कि तुर्की मैरिज रेग्युलेशन के मुताबिक, विदेशी धरती पर होने के कारण यह विवाह समारोह मान्य नहीं है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से भारत और तुर्की के शादी से जुड़े कानून के बारे में बताएंगे।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
तुर्की के सिविल कोड के फैमिली लॉ कॉन्ट्रैक्ट की कड़ी नियामक औपचारिकताएं हैं। इस देश में केवल सिविल मैरिज को ही वैधानिक मान्यता मिलती है। वहीं जब दो विदेशी नागरिक तुर्की में शादी करना चाहते हों, तो उन्हें तुर्की में अपने देश के दूतावास के या उन तुर्की अधिकारियों के सामने उपस्थित होना होगा, जो सिविल मैरिज कराने के लिए अधिकृत किए गए हैं। तुर्की अधिकारियों के सामने शादी करने पर उन्हें शादी की इजाजत के प्रमाण भी देने होंगे।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
आपको बता दें कि अगर कोई विदेशी तुर्की में शादी करना चाहता है, लेकिन वो अपने देश में शादी करने के कानूनन मान्य नहीं है, तो वो तुर्की में भी शादी नहीं कर सकेंगे।

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
नुसरत ने अपने बयान में स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 का जिक्र किया है, जो भारत में सिविल मैरिज कहलाता है। यह कानून भारत के सभी नागरिकों के लिए है, चाहे वो किसी भी धर्म के हों। इस एक्ट के तहत हुई शादियों पर कोई भी पर्सनल लॉ लागू नहीं होता है। लेकिन इसके लिए भी एक कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होता है। सांसद नुसरत जहां के मुताबिक, उनकी शादी इस एक्ट के तहत भी मान्य नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
दरअसल, नुसरत और निखिल ने डेस्टिनेशन वेडिंग की थी जिसे कानूनी मान्यता हर जगह नहीं मिलती है। आपको बता दें कि भारत में भी कोई विवाह समारोह कानूनी रूप से शादी हो यह जरूरी नहीं है। ऐसे में धार्मिक रीति रिवाजों से की गई शादी को भी तलाक के मामलों में कई तरह की कानून अड़चनों का सामाना करना पड़ता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें