प्रतीकात्मक तस्वीर
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बायोलॉजिस्ट ब्लेक चैपमैन का कहना है कि शार्क की करीब 530 प्रजातियां हैं, और उन सब में भी कई तरह के उपजातिया हैं। सभी का बर्ताव, चीजों को महसूस करने और शिकार करने का तरीका भी अलग है। मिसाल के लिए बुल शार्क उथले पानी में, तो व्हाइट शार्क बिल्कुल साफ पानी में शिकार करती है। अन्य प्रजातियों के मुकाबले इसकी नजर भी काफी तेज होती है। यही नहीं इसके दांत भी सेंसर का काम करते हैं।
वजह साफ नहीं है कि आखिर शार्क इंसान पर हमला क्यों कर रही है। हो सकता है साहिली इलाकों में इंसान की बढ़ती आबादी, समंदर के पानी में गंदगी, जलवायु परिवर्तन और समंदर में कम होते शिकार इसकी वजह हैं। इसके अलावा समुद्री इलाकों में बड़ी संख्या में बंदरगाह बन रहे हैं, जिसकी वजह से रीफ का बड़ा इलाका साफ हो रहा है, और समंदर में रहने वाले जीवों का घर तबाह हो रहा है। शार्क भी उसमें शामिल है। इसीलिए ये शिकार की तलाश में नए स्थान पर जा रही हैं। और जब शिकार नहीं मिलता तो इंसान पर ही हमला बोल देती हैं।