संतोकबेन जडेजा
संतोकबेन जडेजा जरायम की दुनिया में तब आई जब मिल में काम करने वाले उसके पति की लोकल गुंडों ने हत्या कर दी। घटना के बाद जडेजा पुलिस के पास नहीं गईं। बल्कि खुद ही अपने पति के मौत का बदला लिया। उन्होंने कुछ लोगों के साथ मिलकर कथित रूप से उन सभी 14 लोगों की हत्या की, जो उसके पति के मर्डर में शामिल थे। इसके बाद वह कठियावाड़ की माफिया बन चुकी थी। अपराध की दुनिया के बाद उसने राजनीति में भी हाथ आजमाया। चिमनभाई पटेल की करीबी मानी जाने वाली जडेजा ने जनता दल के टिकट से चुनाव लड़ा और साल 1990 से 1995 तक विधायक भी रहीं। ट्रांसपोर्ट के बिजनेस से लेकर रियल स्टेट बिजनेस तक हर जगह संतोकबेन की तूती बोलती थी।