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आखिर क्या है टॉयलेट स्कैंडल, जिसके वजह से इवांका ट्रंप सुर्खियों में हैं?

Wed, 20 Jan 2021 10:04 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इवांका ट्रंप - फोटो : सोशल मीडिया
अमेरिका में जो बाइडन आज देश के नए राष्ट्रपति के रूप में पद ग्रहण करने जा रहे हैं। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप को लेकर लगातार नए-नए विवाद सामने आ रहे हैं। ताजा विवाद डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका से जुड़ा हुआ है, जिसे टॉयलेट स्कैंडल कहा जा रहा है। दरअसल, आरोप है कि इवांका ने अपनी सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस जवानों को टॉयलेट सुविधा दिलवाने के लिए टैक्सदाताओं के करोड़ों रुपए खर्च कर दिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इवांका ने लगाई रोक
बता दें कि मामला कुछ ऐसा है कि इवांका और उनके पति जेरेड कुश्नर की सुरक्षा खुफिया सर्विस के जवानों की तैनाती हुई। अमेरिका के राष्ट्रपति के परिवार की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल के तहत तैनात ये जवान ड्यूटी शुरू होने के साथ ही मुसीबतों से घिर गए। क्योंकि इवांका ने उन्हें अपने घर का टॉयलेट इस्तेमाल करने से मना कर दिया, जबकि उनके घर पर कुल 6 टॉयलेट बने हुए हैं।
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इवांका ट्रंप - फोटो : PTI
किराए पर लिया घर
ऐसे हालात में ड्यूटी पर लगे जवान लगभग तीन किलोमीटर की दूरी तय करके कथित तौर पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के घर जाते और उनके टॉयलेट इस्तेमाल करते थे। इतनी लंबी दूरी तय कर लौटने में जवानों को काफी समय लगता था। लिहाजा इवांका ने एक दूसरा तरीका निकलवाया। इवांका के घर के ही पास एक अन्य घर को किराए पर लिया गया, ताकि सीक्रेट एजेंट वहां के टॉयलेट का इस्तेमाल कर सकें। भाड़े पर लिए गए इस घर का मासिक किराया लगभग 2 लाख 20 हजार रुपए था। इस तरह से चार सालों में केवल टॉयलेट के लिए 74 लाख रुपए से भी ज्यादा पैसे खर्च हो गए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डेमोक्रेट्स ले रहे आड़े हाथ
14 जनवरी को वॉशिंगटन पोस्ट में इस खबर के प्रकाशित होने के बाद से ही विपक्षी पार्टी लगातार इवांका के गैरजरूरी खर्च की आलोचना कर रही है। डेमोक्रेट्स का कहना है कि इवांका के घर में 6 टॉयलेट होने के बाद भी पैसे खर्च करना सही नहीं था। हालांकि, टॉयलेट को लेकर ट्रंप परिवार पहले भी निशाने पर रहा है।साल 2016 में जब ट्रंप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे और चुनाव प्रचार कर रहे थे, तब न्यूयॉर्क सिटी के उनके अपार्टमेंट में एक सोने का बना कमोड की तस्वीर वायरल हो गई थी। इसके लिए ट्रंप को अय्याश भी कहा गया, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई कि ट्रंप के घर पर सोने से बना कमोड सही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पानी की कमी की शिकायत
राष्ट्रपति रहते हुए भी ट्रंप का टॉयलेट ऑब्सेशन सामने आया था, जब उन्होंने बाथरूम में वॉटर फिक्शचर के कारण पानी कम आने की शिकायत की थी। उनकी लगातार शिकायत के वजह से डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी ने शावर वॉटर प्रेशर के नियमों में नरमी बरतने की बात कही थी। आपको बता दें कि अधिकांश पश्चिमी देशों में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए बाथरूम में वॉटर फिक्शचर लगाया जाता है। ये एक तरह का सिस्टम है, जिससे नल से या शावर से सीमित मात्रा में पानी गिरता है।
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व्हाइट हॉउस, अमेरिका - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि ट्रंप के व्हाइट हॉउस छोड़ने और नए राष्ट्रपति के आने से पहले पूरे भवन को एक बार अच्छे से साफ किया जाएगा। डीप क्लीन का ये खर्च भी लगभग 1 करोड़ रुपए है। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने इसे फिजूलखर्ची बताते हुए बाइडन की काफी आलोचना भी की थी।
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