एडोल्फ हिटलर
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इस दौरान विश्व में एक बड़ा कोलाहल मचा हुआ था। दुनिया प्रथम विश्व युद्ध से गुजर रही थी। इस समय हिटलर भी सेना में भर्ती होकर जर्मनी की तरफ से लड़ रहा था। प्रथम विश्व युद्ध जब खत्म हुआ उस समय जर्मनी की हार हुई। इसके बाद हिटलर ने सेना को त्यागपत्र दिया और जर्मन वर्कर पार्टी की सदस्यता ली, जो बाद में नाजी पार्टी बन गई। इसके बाद उसने देश भर में राष्ट्रवादी विचारधाराओं का प्रभाव बढ़ाया। उसने लोगों को यहूदियों और सामाजवादियों के विरुद्ध उकसाने की शुरुआत की। हिटलर के भाषण इतने ओजस्वी होते थे कि कई समझदार लोग भी उसके गलत मंसूबों के प्रभाव में आ जाते थे। इस कारण उसको धीरे-धीरे विशाल जनसमर्थन मिलने लगा।