दूर किसी ग्रह पर जीवन की उपस्थिति का सवाल पृथ्वी वासियों को हमेशा से रोमांचित करता रहा है। परग्रही जीवन की अवधारणा हमेशा हमारे भीतर नई कल्पनाओं को जन्म देती है कि दूर किसी ग्रह पर जीवन का स्वरूप कैसा होगा? वहां पर फल-फूल रहे जीवों का रंग-ढंग किस तरह दिखता होगा? इस कड़ी में हमारे वैज्ञानिक निरंतर अंतरिक्ष में खोजबीन कर रहें हैं। कई वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारे सौरमंडल के भीतर कुछ जगहों पर परग्रही जीवन मिलने की संभावना ज्यादा है। उनके मुताबिक शनि के चंद्रमा टाइटन पर जीवन के सबूत हमें मिल सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : NASA
नासा, यूरोपीय स्पेस एजेंसी और इटालियन स्पेस एजेंसी के साझा गठजोड़ के अंतर्गत शनि ग्रह के विस्तृत अध्ययन के लिए 1997 में कैसिनी अंतरिक्ष मिशन को लांच किया गया। इस मिशन का लक्ष्य शनि ग्रह के साथ-साथ उसके बाकी चंद्रमाओं की जानकारी जुटाना था। इसी कड़ी में कैसिनी में लगे प्रोब ह्यूजेन्स ने शनि के सबसे बड़े चांद टाइटन की सतह पर 2005 में लैंड किया। इसके बाद इस प्रोब ने जो आंकड़े पृथ्वी पर भेजे वह वाकई चौकाने वाले थे।
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टाइटन
- फोटो : NASA
प्रोब ह्यूजेन्स ने टाइटन की सतह से जो तस्वीरें यहां पर भेजी थी। उसे देख ऐसा लगता था कि हम किसी दूसरी पृथ्वी को देख रहे हैं, जहां पृथ्वी की तरह समुद्र, नदियां और बादल हैं। गौरतलब बात यह है कि ये समुद्र, नदियां और बादल पानी के नहीं बल्कि मीथेन के बने थे। ऊपरी तौर पर टाइटन पर सब कुछ पृथ्वी के जैसा है। वहीं भीतर से टाइटन पूरी तरह पृथ्वी से भिन्न है।
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टाइटन
- फोटो : NASA
टाइटन का तापमान माइनस 180 डिग्री सेल्सियस रहता है। यहां पर बारिश पानी की नहीं बल्कि मीथेन गैस की होती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि टाइटन पर जीवन होने की संभावना काफी ज्यादा है। यहां फल-फूल रहे जीव मीथेन गैस पर निर्भर होकर अपनी जिंदगी जीते होंगे। इस प्रकार के जीवन के क्रमागत उन्नति में मीथेन गैस ने अहम भूमिका निभाई होगी। ऐसे में नासा टाइटन के अध्ययन के लिए एक और मिशन भेजने की तैयारी में है। नासा 2025 में ड्रैगनफ्लाई मिशन भेजने की योजना बना रहा है, जो 2034 तक टाइटन पर एक ड्रोन हैलीकॉप्टर लेकर पहुंचेगा। इस मिशन का मकसद शनि के इस चांद का बारीकी से अध्ययन करना है और उस पर मौजूद जीवन की संभावनाओं को तलाशना है।
ड्रैगनफ्लाई हेलीकॉप्टर टाइटन की सतह से कार्बनिक नमूनों को एकत्र कर उनका अध्ययन भी करेगा। इसके अलावा यह ड्रोन हैलीकॉप्टर टाइटन पर मौजूद जीवन की संभावनाओं के आयामों को तलाशेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टाइटन का आकार काफी बड़ा है। यह चांद हमारे सौरमंडल में उपस्थित बुद्ध ग्रह से भी काफी बड़ा है। वहीं दूसरी तरफ वैज्ञानिकों का कहना है कि टाइटन के अलावा बृहस्पति ग्रह के चांद यूरोपा पर भी जीवन की अधिक संभावना दिखती है।