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हिमालय में दिखा हिममानव!, जानिए क्या होते हैं 'येति' और क्या कहता है इनका इतिहास

Tue, 30 Apr 2019 06:54 PM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय सेना को यति के पैरों के निशान - फोटो : PTI
भारतीय सेना ने हिमालय में हिम मानव 'येति' की मौजूदगी का दावा किया है। यह पहली बार है जब भारतीय सेना ने सबूतों के साथ 'येति' की मौजूदगी का दावा किया है।  फिलहाल भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें बर्फ के बीच बड़े-बड़े पांव के निशान देखे जा सकते हैं। इन निशानों को हिममानव 'येति' का माना जा रहा है।
 


सेना की तरफ से जारी ट्वीट में कहा गया है, 'पहली बार भारतीय सेना की पर्वतारोहण टीम ने 9 अप्रैल 2019 को मकालू बेस कैंप के नजदीक 32x15 इंच वाले हिममानव 'येति' के रहस्यमय पैरों के निशान देखे हैं. यह मायावी हिममानव इससे पहले केवल मकालू-बरून नेशनल पार्क में देखा गया था।'

             
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कैसा होता है येति?

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Genetic Literacy Project
ऐसा कहा जाता है कि येति का रहस्य करीब 900 साल पुराना है। येति के आकार, आकृति को लेकर अलग-अलग किस्से और कहानियां हैं, लेकिन यह असल में किसी को नहीं पता कि यह हैं कैसे? लद्दाख में कुछ बौद्ध मठों ने हिममानव येति को देखने के दावे किए थे। इसके अलावा नेपाल और तिब्बत के हिमालय में इसे देखे जाने का दावा किया जा चुका है। येति के बारे में कहा जाता है कि यह विशाल वानर जैसा होता है, जिसके पूरे शरीर में बाल होते हैं और जो बंदर की तरह दिखता है लेकिन इंसानों की तरह दो पैरों पर चल सकता है। येति के बारे में प्रचलित है कि यह हिमालय की गुफाओं और कंदराओं में रहता है।
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सिकंदर के वक्त से मिलते हैं येति के किस्से

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : The Weather Channel
येति के किस्से 326 ईसा पूर्व में भी मिल जाते हैं, जब सिकंदर भारत को जीतने आ पहुंचा था, उसने एक येति को देखने की इच्छा जाहिर की थी क्योंकि उसने येति की कहानियां सुन रखी थीं। हालांकि उसे येति देखने को नहीं मिला। कुछ रिसर्चर येति पोलर बियर की प्रजाति से जोड़ते हैं, जो करीब 40 हजार साल पुरानी बताई जाती है। जबकि कुछ का मानना है कि लू की ही एक प्रजाति है, जो हिमालयन रेंज में पाई जाती है। इस तरह कई और थ्योरी भी हैं, लेकिन किसी भी थ्योरी पर वैज्ञानिकों की एक राय नहीं है।

पहली बार 1832 में देखे जाने का दावा

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- फोटो : pixabay.com
सबसे पहले हिम मानव के बारे जानकारी तब मिली जब 1832 में बंगाल की एशियाटिक सोसायटी के जर्नल में एक पर्वतारोही बीएच होजशन ने येति के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि जब वह हिमालय में ट्रेकिंग कर रहे थे तब उनके गाइड ने एक विशालकाय प्राणी को देखा। जो इंसानों की तरह दो पैरों पर चल रहा था। जिसके शरीर पर घने लंबे बाल थे। लेकिन पर्वतारोही बीएच होजशन खुद उस प्राणी को नहीं देखा था। लेकिन उन्होंने इस घटना का जिक्र करते हुए उस जीव को येति नाम दिया था। इस तरह की कई सबूत सामने आए हैं।
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फिर से कैसे शुरू हुई येति की खोज?

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
येति हिमालयी सभ्यता के हिस्से जैसे हैं। लेकिन येति के होने का दावा तब पुख्ता होता है, जब एक ब्रिटिश फोटोग्राफर एरिक शिप्टन ने उसे देखने का वादा किया। दरअसल, जब 1951 में ब्रिटिश खोजी एरिक शिप्टन माउंट एवरेस्ट पर जाने के लिए प्रचलित रास्ते से अलग एक रास्ते की तलाश कर रहे थे तो उन्हें बहुत बड़े-बड़े पैरों के निशान दिखे। उन्होंने इन निशानों की तस्वीरें ले लीं और यहीं से शुरु हुई, आधुनिक युग में येति के रहस्य की चर्चा।
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- फोटो : twitter
एरिक ने ये तस्वीरें पश्चिमी एवरेस्ट के मेन लोंग ग्लेशियर पर खींची थीं। पैरों के ये निशान करीब 13 इंच लंबे थे और इसे अब तक हिमालय पर ली गई तस्वीरों में सबसे रोचक तस्वीरों में गिना जाता है (हालांकि अभी भारतीय सेना ने जिन पैरों के निशान देखे हैं वे इससे कहीं ज्यादा बड़े हैं)। इसके बाद यह उस दौर का इतना बड़ा मुद्दा बना कि नेपाल की सरकार ने येति खोज के लिए 1950 के दशक में लाइसेंस जारी किए। जाहिर सी बात है, एक भी येति खोजा नहीं जा सका।
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भारतीय सेना का पर्वतारोहण अभियान दल। - फोटो : twitter
जिसके बाद कई लोग यह मानने लगे कि यह कोई साधारण काला भालू रहा होगा लेकिन पैरों के निशान देखकर कई लोग इसे येति ही मानते रहे। इसके बाद से येति को देखने के कई मामले सामने आए और कई खोजियों और शेरपाओं ने पैरों के निशान देखने का दावा किया लेकिन कुछ भी पुख्ता साबित नहीं किया जा सका। एक हिमालयी खोजी ब्रायन बार्ने ने 1959 में अरुण घाटी में येति के पैरों के निशान देखे, जिसके बाद एक इटली के पर्वतारोही रैनोल्ड मेसनर ने तो यह दावा भी कर दिया कि उन्होंने येति को देखा है।
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येति के नाम पर बिकते हैं कई प्रॉडक्ट्स

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- फोटो : twitter
जैसा कि पहले कहा गया येति हिमालय की संस्कृति का हिस्सा है। आप येति के नाम से हिमालय के आस-पास के क्षेत्रों में कई चीजें बिकती हुई देख सकते हैं। वहां आपको याक और येति नाम के होटल मिलेंगे, बल्कि येति एयरलाइंस नेपाल की बेहतरीन एयरलाइंस में से एक है।




(साभार-Fact Fiction)
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