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ज्ञान की बात: इन देशों में कर्मचारी करते हैं सबसे ज्यादा घंटे काम, कंपनियां जबरदस्ती देती है छुट्टी

Fri, 18 Jun 2021 09:34 AM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ज्यादा देर काम करना किसी को पसंद नहीं होता। आवश्यकता से अधिक काम करने से शरीर पर तो बुरा असर पड़ता ही है साथ ही साथ इससे इंसान की मानसिक स्थिति भी बिगड़ती है। इसके चलते हमारे भीतर भारी मात्रा में अवसाद पैदा होता है। इसके बावजूद भी देश दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां कर्मचारियों से आवश्यकता से अधिक मात्रा में काम करवाया जाता है। इन देशों में एक कर्मचारी रोजाना 16 -16 घंटे काम करता है, जिसके चलते वे हमेशा तनाव भरी स्थिति में रहता है। कई मर्तबा इन देशों में वर्करों के ऊपर से वर्कलोड कम करने के लिए कई बड़े आंदोलन भी हुए हैं, पर नतीजा कुछ खास नहीं निकला। वहीं दूसरी तरफ कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां कर्मचारी काम को लेकर काफी एडिक्टिव हैं। इन देशों में कंपनियों और सरकारों को मजबूरन अपने कर्मचारियों और वर्करों को छुट्टी पर भेजना पड़ता है। आइए जानते हैं ऐसे देशों के बारे में जहां कर्मचारियों से औसत से अधिक काम लिया जाता है -  

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चीन 

चीन में एक कर्मचारी से औसत घंटों से ज्यादा देर तक काम लिया जाता है। इस कारण यहां पर युवा अब भड़कने लगे हैं। यहां पर लोग सप्ताह के 6 दिन रोजाना 12-12 घंटे काम करके परेशान हैं। यहां के युवा 12 घंटे के काम करने की अवधि को कम करवाने की मांग कर रहें हैं। वहीं चीनी सरकार इस अभियान की पहुंच को कम करने के लिए सेंसरशिप लगा रही है।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोस्टा रिका और दक्षिण कोरिया

अमेरिका के मध्य भाग में एक देश है कोस्टा रिका। यहां पर एक साल में कर्मचारी से लगभग 2060 घंटे काम लिया जाता है। दक्षिण कोरिया में भी पहले हर एक कर्मचारी से इतनी ही देर काम करवाया जाता था। बाद में सरकार द्वारा कुछ नियमों में बदलाव कर काम करने की अवधि को कम कर दिया गया। दक्षिण कोरिया में अभी भी हर हफ्ते कर्मचारी को 52 घंटे काम करना होता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

भारत 

भारत में भी वर्करों से ज्यादा काम लिया जाता है। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस के आंकड़ों की मानें तो शहरों में औसतन एक कर्मचारी हर हफ्ते 53 से 54 घंटे काम करता है और गांव में 46 से 47 घंटे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

रूस 

रूस देश में भी व्यक्ति आवश्यकता से अधिक काम करता है। इस देश में सरकार ने ये नियम बना रखा है कि एक व्यक्ति सप्ताह में औसतन 40 घंटे ही काम कर सकता है और अगर वह ओवर टाइम करना चाहता है तो उससे हफ्ते में 50 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकता। इसके बावजूद रूस की आबादी घर से ही काम करती है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पैसे को कमाया जा सके।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

जापान 

जापान इकलौता ऐसा देश है जहां की आबादी को काम करने की सनक सबसे ज्यादा रहती है। यहां पर लोगों को काम करने का एडिक्शन हो चुका है। जापान में रोजाना लोग 16-16 घंटे काम करते हैं। यहां पर कर्मचारियों को पेड लीव भी मिलती है। इसके बावजूद वे छुट्टियां नहीं लेते। इसे देखते हुए यहां की सरकार, कर्मचारियों को निश्चित समय के लिए जबरदस्ती छुट्टी देती है, ताकि कर्मचारियों का तनाव घटे और उनकी उत्पादकता में वृद्धि हो।
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