ज्यादा देर काम करना किसी को पसंद नहीं होता। आवश्यकता से अधिक काम करने से शरीर पर तो बुरा असर पड़ता ही है साथ ही साथ इससे इंसान की मानसिक स्थिति भी बिगड़ती है। इसके चलते हमारे भीतर भारी मात्रा में अवसाद पैदा होता है। इसके बावजूद भी देश दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जहां कर्मचारियों से आवश्यकता से अधिक मात्रा में काम करवाया जाता है। इन देशों में एक कर्मचारी रोजाना 16 -16 घंटे काम करता है, जिसके चलते वे हमेशा तनाव भरी स्थिति में रहता है। कई मर्तबा इन देशों में वर्करों के ऊपर से वर्कलोड कम करने के लिए कई बड़े आंदोलन भी हुए हैं, पर नतीजा कुछ खास नहीं निकला। वहीं दूसरी तरफ कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां कर्मचारी काम को लेकर काफी एडिक्टिव हैं। इन देशों में कंपनियों और सरकारों को मजबूरन अपने कर्मचारियों और वर्करों को छुट्टी पर भेजना पड़ता है। आइए जानते हैं ऐसे देशों के बारे में जहां कर्मचारियों से औसत से अधिक काम लिया जाता है -