फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Giant Virus: यहां पर बर्फ में पहली बार मिला ऐसा वायरस, देखकर हैरत में पड़े वैज्ञानिक

Sat, 08 Jun 2024 02:53 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
यहां पर बर्फ में पहली बार मिला ऐसा वायरस - फोटो : Istock
Giant Virus Discovered: दुनिया के लिए वायरस को खतरा माना जाता है। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई थी। इस खतरनाक वायरस ने लाखों लोगों की जान लेली। अब वैज्ञानिकों ने ग्रीनलैंड की बर्फ में एक विशाल वायरस की खोज की है। हालांकि, वैज्ञानिक हैरान हैं कि आखिर यह क्या है? वो ग्रीनलैंड में बर्फ पिघलने के बाद निष्क्रिय पड़े शैवाल का निरीक्षण कर रहे हैं। यहां पर उन्हें ऐसा कुछ मिला है, जो अप्रत्याशित है। 

आरहस यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने एक 'विशाल वायरस' की खोज की है। सवाल यह है कि क्या चीज इसे दूसरे सामान्य आकार के वायरस से उलट एक विशाल वायरस बनाती है? शोधकर्ताओं ने इस वायरस के बारे में हैरान करने वाली बातें बताई हैं। 

शोधकर्ता लॉरा पेरीनी ने बताया कि एक सामान्य वायरस की तुलना में इसमें एक बहुत बड़ा जीनोम अनुक्रम होता है। पहली बार 1981 में समुद्र के भीतर इस तरह का वायरस पाया गया था। उन्होंने आगे कहा कि आमतौर इनसे समुद्र में शैवाल संक्रमित होते हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार ऐसे स्थान पर एक विशाल वायरस मिला है। 
 
विज्ञापन

2 of 5
यहां पर बर्फ में पहली बार मिला ऐसा वायरस - फोटो : Istock
फिलहाल शोधकर्ताओं का मानना है कि यह एक बुरी खबर नहीं है। उनका मानना है कि किसी गुप्त हथियार के तौर पर विशाल वायरस कार्य कर सकते हैं। यह बर्फ के पिघलने को कम कर सकते हैं। माइक्रोबायोम जर्नल में इससे संबंधित अध्ययन प्रकाशित किया गया है। 

 
विज्ञापन

3 of 5
यहां पर बर्फ में पहली बार मिला ऐसा वायरस - फोटो : Istock
बर्फ को पिघलने से रोक सकता है? 

लॉरा पेरीनी ने बताया कि वायरस के बारे में हमें बहुत अधिक नहीं पता है, लेकिन मुझे लगता है कि वो शैवाल खिलने की वजह से पिघलने वाली बर्फ को कम करने के तरीके में काम आ सकते हैं। हालांकि, यह कितने विशिष्ट हैं और कितने कुशल होंगे। इसके बारे में अभी हमें कुछ नहीं पता है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई है कि कुछ सवालों के जवाब मिल सकते हैं। 

Ajab Gajab: अंतरिक्ष से आ रही है अजीबोगरीब आवाज, वैज्ञानिकों को है इस बात का डर

4 of 5
यहां पर बर्फ में पहली बार मिला ऐसा वायरस - फोटो : Istock
शोधकर्ताओं की टीम ने बर्फ की चादरों से नमूने को इकट्ठे किया। इनमें गहरे बर्फ के टुकड़े, लाल और हरी बर्फ शामिल थी। शोधकर्ताओं ने डीएनए का विश्लेषण किया, जिसके बाद शोधकर्ताओं को ज्ञात विशाल वायरस से मेल खाने वाले अनुक्रम मिले।

Amazon Forests: अमेजन के घने जंगलों में एलन मस्क ने ऐसा क्या पहुंचा दिया, कामधाम छोड़ ये सब करने लगे युवा, दुनिया में मचा हड़कंप
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
यहां पर बर्फ में पहली बार मिला ऐसा वायरस - फोटो : Istock
किसे कहा जाता है विशाल वायरस?

आमतौर पर बैक्टीरिया से वायरस बहुत छोटे होते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य वायरस 20-200 नैनोमीटर के आकार का होता है, तो सामान्य बैक्टीरिया 2-3 माइक्रोमीटर का होता है। इसका मतलब यह है कि बैक्टीरिया से वायरस करीब 1000 गुना छोटा है। लेकिन विशाल वायरस 2.5 माइक्रोमीटर के आकार तक बढ़ते हैं, जो अधिकतर जीवाणुों से बड़ा है। हालांकि, इनको नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें