बेरूत बंदरगाह पर आग
- फोटो : Screengrab from twitter video
- साल 2020 में बेरूत के बंदरगाह पर जबरदस्त धमाका हुआ
बेरूत के बंदरगाह पर चार अगस्त को दुर्घटनावश करीब 2,750 टन अमोनिया नाइट्रेट अपर्याप्त तरीके से रखने की वजह से एक जबरदस्त धमाका हुआ। इसमें करीब 190 लोगों मारे गए और 6,000 से ज्यादा लोग घायल हुए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह इतिहास में होने वाला एक सबसे बड़ा गैर-परमाणु धमाका था। यह टीएनटी के एक किलोटन के बराबर था। हिरोशिमा पर गिराए गए बम के बीसवें हिस्से के बराबर। लेकिन दिसंबर, 1984 में भारत के भोपाल शहर में केमिकल प्लांट में जो गैस लीक होने की दुर्घटना हुई थी वो आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक है।
भारत सरकार का कहना है कि 3,500 लोग इस दुर्घटना में कुछ दिनों के अंदर मारे गए थे और उसके बाद के सालों में फेफड़े की बीमारी से 15,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे।दशकों तक इसका असर लोगों के ऊपर रहा।