अगले तीन महीनों तक एलेक्जेंड्रा की फैमिली अपनी प्यारी बिल्ली को ढूंढती रही, उन्होंने घर-घर जाकर उसके बारे में पूछताछ की, उसके पोस्टर भी लगाए लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद हिम्मत हारकर उन्होंने बिल्ली को ढूंढना बंद कर दिया। हाल ही में 7 जनवरी को एलेक्जेंड्रा उस वक्त हैरान रह गई, जब उसके पास एक वेटनरी डॉक्टर का फोन आया।