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अजब-गजब: इंसान से लेकर डॉल्फिन तक को शिकार बना रहा 'दिमाग खाने वाला फंगस', जानिए इसके बारे में हैरान करने वाली बातें

Sun, 07 Nov 2021 01:39 PM IST
आशिकी पटेल फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इंसान से लेकर डॉल्फिन तक को शिकार बना रहा ये फंगस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
दिमाग को बुरी तरह प्रभावित करके जान लेने वाला एक फंगस जमीन से प्रशांत महासागर के उत्तर-पश्चिम में पहुंच गया है। इसकी वजह से 40 डॉल्फिन्स और पॉरपॉइज की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि वैज्ञानिकों को 1997 से 2016 के बीच 42 ऐसी मरी हुई डॉल्फिन्स मिलीं, जिनकी मौत फंगस की वजह से हुई थी। वैज्ञानिकों को वॉशिंगटन और ब्रिटिश कोलंबिया के आसपास सैलिश सागर में ये 42 डॉल्फिन्स मरी मिली थीं। हैरान करने वाली बात ये थी कि इनके शरीर में जो फंगस था, वह जमीन पर पाया जाता है। 

इस फंगस का नाम क्रिप्टोकोकस गट्टी है। ये उष्णकटिबंधीय फंगस है, जिसने समुद्र में डॉल्फिन्स के फेफड़ों और दिमाग को बुरी तरह से प्रभावित किया था। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दिमाग के फैसले लेने की क्षमता खत्म करता है, उसके बाद उसे अंदर ही अंदर खा जाता है। आइये जानते हैं इस खतरनाक फंगस के बारे में विस्तार से... 
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इंसान से लेकर डॉल्फिन तक को शिकार बना रहा ये फंगस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
इस फंगस के बारे में कहा जा रहा है कि ये दिमाग को बुरी तरह से प्रभावित करता है और ये जमीन से अब समुद्र में पहुंच गया है। ब्रिटिश कोलंबिया में इसी क्रिप्टोकोकस गट्टी फंगस की वजह से 1999 से 2007 के बीच करीब 218 लोग बीमार हुए थे, जिनमें से 19 लोगों की मौत भी हो गई थी। लेकिन उस समय ये समझ पाना मुश्किल था कि ये समुद्र से जमीन पर आया या जमीन से समुद्र में गया, क्योंकि ये फंगस जमीन पर मिट्टी के अंदर रहता है। फिर सवाल ये था कि ये फंगस समुद्री जीवों को कैसे प्रभावित कर रहा है। सबसे बड़ी बात कि ये फंगस एक जीव से दूसरे जीव में भी नहीं जाता है। लेकिन अब इस रहस्य का खुलासा हो गया है। 
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इंसान से लेकर डॉल्फिन तक को शिकार बना रहा ये फंगस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
एक रिपोर्ट के मुताबिक क्लाइमेट चेंज की वजह से ये फंगस के रहने का स्थान बदल रहा है। ये ट्रॉपिकल इलाके को छोड़कर उत्तर की ओर जा रहा है। साथ ही जंगलों की कटाई और लगातार बन रहे शहरों की वजह से ये फंगस जमीन और पेड़ों से निकल कर हवा में तैरते हुए समुद्र तक पहुंचा और समुद्र की ऊपरी सतह पर तैरता रहा, जिसे डॉल्फिन्स और पॉरपॉएज मछलियों ने सांस लेते समय शरीर में ले लिया। 
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इंसान से लेकर डॉल्फिन तक को शिकार बना रहा ये फंगस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
कहा जा रहा है कि सैलिश सागर में मिला क्रिप्टोकोकस गट्टी का पहला केस 1997 में सामने आया था। तब कई डॉल्फिन्स और पॉरपॉइज मछलियां मर गई थीं। इसके बाद 1999 में इंसानों में इस फंगस का संक्रमण फैला। फिलहाल वैज्ञानिक ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि जमीन से समुद्र में जाकर मछलियों को मारने वाला ये फंगस इंसानों को कैसे संक्रमित कर रहा है।  
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