गधी का दूध
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NRCG के पूर्व निदेशक डॉक्टर एमएस बसु कहते हैं कि गधी के दूध के दो प्रमुख लाभ पाए जाते हैं, पहला यह महिला के दूध जैसा होता है, वहीं दूसरा इसमें एंटी-एजिंग, एंटि-ऑक्सिडेंट और रीजेनेरेटिंग कंपाउंड्स होते हैं, जो त्वचा को पोषण देने के अलावा उसे मुलायम बनाने में काम आते हैं। डॉक्टर बसु कहते हैं, "भारत में गधी के दूध पर अभी बहुत अधिक रिसर्च की जानी बाकी है। क्योंकि लोगों को इसके फायदों को लेकर जानकारी नहीं है। जबकि यूरोप में इसके बारे में लोग काफी जानते हैं, कामकाजी महिलाएं अपने नवजात बच्चों के लिए गधी के पाश्चुरिकृत दूध का इस्तेमाल कर रही हैं और अब तो अमेरिका ने भी इसकी अनुमति दे दी है। इसमें लैक्टॉज, विटामिन ए, बी-1, बी-2, बी-6, विटामिन डी और विटामिन ई भी होता है। गधी के दूध से बने साबुन, क्रीम, मॉश्चराइजर की बाजार में मांग है और आज भारत में कई महिलाएं गधी के दूध के बने इन उत्पादों का इस्तेमाल कर रही हैं।"
डॉक्टर बसु कहते हैं कि भारत में अभी गधी के दूध से कम उत्पाद बन रहे हैं लेकिन इसमें जब बढ़ोतरी होगी तो गधी के दूध की कमी होगी क्योंकि भारत में गधों की संख्या लगातार कम हो रही है।