Ajab-Gajab: भारत में शादी दो शरीरों, आत्माओं और परिवारों का मिलन होता है। शादी एक पवित्र बंधन है और जीवन भर सुख-दुःख मे प्रेम, विश्वास और समर्पण के साथ संकल्प से बना एक पवित्र बंधन है। विवाह भारत में एक त्योहार की तरह होता है। यहां पर शादी को लेकर कुछ नियम हैं। कुछ समुदायों में अपने ही चचेरे भाई-बहनों से शादी की इजाजत है, जबकि कई समुदायों में चचेरे भाई या बहन से शादी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। एक ही परिवार में विवाह न करने की कई वैज्ञानिक वजहे भी हैं।
अब इस बीच में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, बीते कुछ सालों में दक्षिण भारत में हिंदू और बौद्ध समुदाय में अपने ही चचेरे भाई बहनों से शादी करने का चलन यानी सजातीय विवाह काफी बढ़ा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में परिवार के अंदर चचेरे भाई बहन या दूसरे ब्लड रिलेशन में शादी के आंकड़े करीब 11 प्रतिशत हैं। लेकिन अगर दक्षिण भारत के राज्यों की बात की जाए, तो सिर्फ दक्षिण भारत के चार बड़े राज्यों का आंकड़ा इस आंकड़े से ढाई गुना अधिक है।