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Pragati Yatra: बक्सर को 450 करोड़ की सौगात दिए सीएम नीतीश कुमार, समीक्षा बैठक में की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

Sat, 15 Feb 2025 06:07 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बक्सर

सार

CM Nitish Kumar: प्रगति यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार के सर्किट हाउस पहुंचने को लेकर रास्ते में लगाए गए फूलों के गमले को लोगों ने लूट लिया। हालांकि, यह घटना सीएम के लौटने के बाद हुई। वहीं, सीएम नीतीश बक्सर को 450 करोड़ की सौगात दिए।
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बक्सर में सीएम नीतीश कुमार - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा के दौरान शनिवार को बक्सर जिले में पहुंचे। इस दौरान वे जिले के सिमरी प्रखंड के केशोपुर बहुग्रागी जलापूर्ति प्लांट का उद्घाटन और जिला अंतर्गत अन्य विकास योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन व शिलान्यास तथा विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। 

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महिलाओं द्वारा लगाया गया स्टॉल देखते हुए - फोटो : अमर उजाला

इसके पहले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री लगभग 10:20 पर केशोपुर हेलीकॉप्टर से पहुंचे। इसके बाद उन्होंने परसनपाह में पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन किया, जिसके बाद वह सड़क मार्ग से बक्सर रामरेखा घाट पहुंचे। यहां उन्होंने घाट का निरीक्षण किया तथा एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन किया। 

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स्टॉल का निरीक्षण करते हुए - फोटो : अमर उजाला

रामरेखा घाट पर उन्होंने गंगा घाट का निरीक्षण किया। उसके विकास के लिए योजनाएं बनाने की बात कही, साथ ही घाट पर उनका स्वागत करने के लिए खड़े कलाकारों का भी उन्होंने अभिनन्दन किया। मौके पर नगर परिषद की सभापति कमरुन निशा फरीदी ने सीएम को तस्वीर भेंट की। मौके पर रेड क्रॉस सचिव डॉ. श्रवण कुमार तिवारी समेत तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे।

कलेक्ट्रेट परिसर में किया विकास कार्यों की समीक्षा
वहां से सीएम सर्किट हाउस पहुंचे, कुछ देर विश्राम तथा अल्पाहार के बाद उन्होंने कुछ विशेष नेताओं से मुलाकात की और फिर समीक्षा बैठक में भाग लेने के लिए कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हो गए। बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बक्सर प्रगति यात्रा के दौरान लगभग 400 करोड़ रुपये से अधिक के विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

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कलाकारों की प्रस्तुति - फोटो : अमर उजाला

रामरेखा घाट पर दलितों ने किया विरोध
बक्सर में सीएम के रामरेखा घाट जाने के दौरान अजीबो-गरीब स्थिति देखने को मिली। जब वार्ड-15 के रामरेखा घाट दलित बस्ती के लोग अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर उनसे मिलना चाहते थे। दलित बस्ती की महिला मुन्नी देवी ने कहा कि जब वे अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचाने पहुंचे तो प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें जबरन पीछे धकेल दिया। इस व्यवहार से नाराज होकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

उसने कहा, उनके पास न तो रहने के लिए घर है, न जमीन और न ही पीने के पानी की व्यवस्था। दलित बस्तीवासियों का कहना है कि वे वर्षों से घर, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री के आगमन से जगी उम्मीदें भी टूट गईं, जब उन्हें मिलने तक की अनुमति नहीं दी गई। बता दें कि जैसे ही सीएम बक्सर सर्किट हाउस से निकले उनके स्वागत के लिए सजाए गए गमलों पर लोगों ने धावा बोल दिया। विशेषकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग गमलों में लगे पौधे और फूल लेकर भागने लगे। 

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घाट का निरीक्षण करते हुए सीएम - फोटो : अमर उजाला

असली समस्याओं को नजर अंदाज करने का लगाया आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जब मुख्यमंत्री आते हैं तो साफ-सफाई और सजावट होती है, लेकिन असली समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी परेशानियों का हल नहीं निकला तो, वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

476 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात
सीएम ने जिले को 476 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। सिमरी प्रखंड के केशोपुर में 202 करोड़ की लागत से निर्मित बहुग्रामीण जलापूर्ति प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्लांट मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इससे दियारा क्षेत्र के 20 पंचायतों के 51 गांवों में स्थित 36,760 घरों को शुद्ध गंगाजल की आपूर्ति होगी। सबसे बड़ा लाभ उन क्षेत्रों को भी मिलेगा जो आर्सेनिक युक्त पानी पीने को मजबूर थे। अब इन क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलेगी।

ये किया घोषणाएं

  • ज्योति चौक से बक्सर गोलम्बर पथ का चौड़ीकरण किया जाएगा

  • बक्सर-कोइलवर तटबंध का कालीकरण एवं सड़क निर्माण किया जाएगा

  • कॉव नदी पर मलई बराज का कार्य पूर्ण किया जाएगा। इसका लगभग 93 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है

  • आईटीआई मैदान में स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा

  • भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां संगीत महाविद्यालय स्थापित किया जाएगा

  • राष्ट्रीय उच्च पथ 922 से बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर एवं बाजार तक जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा

  • बक्सर शहर में प्रेक्षागृह का निर्माण किया जाएगा

  • भोजपुर-सिमरी पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाएगा

  • बड़ी मस्जिद से सेंट्रल जेल तक पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाएगा

  • धनसोई बाजार बाईपास पथ का निर्माण किया जाएगा

  • बक्सर के बक्सर सदर, सिमरी, चौसा, चौगाई एवं केसठ प्रखण्डों में नये प्रखण्ड-सह-अंचल कार्यालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा

  • एनएच-922 से चक्की ग्राम होते हुये जनेश्वर मिश्रा गंगा सेतु तक सीधी सम्पर्कता प्रदान करने हेतु भारत सरकार से अनुरोध किया जाएगा

  • इन सब कामों को करा दिया जायेगा और इसके अतिरिक्त बक्सर जिले में और कोई भी जरूरत होगी, उसको भी कराया जाएगा

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प्रगति यात्रा के दौरान बक्सर में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री ने बक्सर में चल रही विकासात्मक योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रगति यात्रा के क्रम में विकासात्मक योजनाओं के संबंध में समाहरणालय सभागार में समीक्षात्मक बैठक में बक्सर के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने बक्सर जिले में चल रही विकासात्मक योजनाओं की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने प्रस्तुतिकरण में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, कुशल युवा कार्यक्रम, हर घर नल का जल एवं उनका अनुरक्षण, हर घर तक पक्की गली-नाली, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, हर खेत तक सिंचाई का पानी, कृषि फीडर का निर्माण, मुख्यमंत्री कृषि विद्युत कनेक्शन योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य उपकेंद्र में टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सा परामर्श, पशु चिकित्सा सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी एवं पंचायत सरकार भवन के निर्माण की अद्यतन स्थिति के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

इसके अलावा हर पंचायत में 10+2 विद्यालय, ग्राम पंचायत/नगर पंचायत में खेल-कूद को बढ़ावा देने हेतु स्पोर्ट्स क्लब का गठन, प्रत्येक पंचायत में खेल का मैदान, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष), मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों का गठन, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, दाखिल खारिज/परिमार्जन/परिमार्जन प्लस एवं जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जीर्णोद्धार कराए गए सार्वजनिक कुओं, पोखर तथा तालाबों की अद्यतन स्थिति के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं भी रखीं।

समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आप सभी का इस समीक्षात्मक बैठक में अभिनंदन एवं स्वागत करता हूं। बक्सर के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने जिले में चल रहे विकासात्मक कार्यों की जानकारी दी है, मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। यहां उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी-अपनी बातें रखी हैं। आज हमने भी यहां कई जगहों पर जाकर विकास कार्यों को देखा है। हम अधिकारियों से कहेंगे कि यहां जो भी जरूरतें हैं, उसे ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें। हमारा उद्देश्य है हर प्रकार से बिहार की तरक्की हो। भाजपा के साथ मिलकर 24 नवंबर 2005 को हमारी सरकारी बनी। वर्ष 2005 से पहले बिहार की क्या स्थिति थी, आप सभी इससे अवगत हैं। शाम के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे। हिन्दू-मुस्लिम के बीच प्रायः झगड़े होते थे, जिसे हमने खत्म कराया। अस्पतालों में इलाज का इंतजाम नहीं था, सड़कें जर्जर थीं। शिक्षा की हालत ठीक नहीं थी। सड़कों का काफी अभाव था। अस्पतालों में मरीजों को दवा नहीं मिलती थी। जब बिहार के लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया, तब से बिहार की स्थिति बदली है। हर क्षेत्र में विकास के काम किए जा रहे हैं। बिहार में अब डर और भय का माहौल खत्म हो गया है। शांति एवं भाईचारा का वातावरण कायम है।

वर्ष 2005 के बाद हम लोगों ने बिहार में विकास का जो काम किया है, उसे याद रखियेगा। प्रारंभ से ही हम लोगों ने बिहार के विकास के लिए काम करना शुरू किया, तब से निरंतर बिहार को आगे बढ़ाने में लगे हैं। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में व्यापक पैमाने पर सड़कों का निर्माण किया गया। उन्होंने ही हमें बिहार का मुख्यमंत्री बनाया। पार्टी के कुछ लोगों की गलती के कारण हम दो बार इधर से उधर चले गये, अब ऐसा नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पहले बिजली की स्थिति काफी दयनीय थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली न के बराबर रहती थी, जबकि राजधानी पटना में 8 घंटे से अधिक बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाती थी। हिंदू-मुस्लिम विवाद खत्म करने के लिये वर्ष 2006 से हम लोगों ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम शुरू कराया। अब तक 8 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी गई है, 1273 और कब्रिस्तानों को चिह्नित किया गया है, जिसमें से 746 कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी गई है और शेष बचे कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा रही है। हम लोगों ने देखा कि मंदिरों से मूर्ति चोरी की घटनाएं हो रही हैं, इसे देखते हुए 60 वर्ष से पुराने मंदिरों की चहारदीवारी के निर्माण का निर्णय लिया ताकि मंदिरों में चोरी की घटनाएं न हो। हम लोगों ने कोई काम नहीं छोड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिये हम लोगों ने काफी काम कराया। बड़ी संख्या में नये स्कूल भवन बनाये गये। नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई। वर्ष 2006 से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोशाक योजना की शुरुआत की गई। वर्ष 2009 से लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की गई थी। लेकिन जब लड़कों ने मांग शुरू की तो वर्ष 2010 से उनके लिए भी साइकिल योजना शुरू की गई। पहले काफी कम संख्या में लड़कियां पढ़ने जाती थीं। लड़कियों को जब साइकिल दी गई तो वे समय पर स्कूल जाने लगीं। साथ ही शाम में अपने माता-पिता को भी बाजार ले जाती हैं। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में विकास का काम हम लोग करा रहे हैं। बिहार का कोई भी इलाका विकास से वंचित नहीं है। हम लोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया के निर्माण का काम बड़े पैमाने पर कराया है, जिसके कारण बिहार के किसी भी कोने से पहले 6 घंटे में लोग पटना पहुंचते थे, अब उसे घटाकर 5 घंटे किया गया है। इसके लिए हर प्रकार से काम किया जा रहा है।

बिहार में बड़े पैमाने पर नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई है। स्कूल भवनों का निर्माण कराकर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया है। बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षकों की भी बहाली की जा रही है। इसके साथ ही नियोजित शिक्षकों को परीक्षा के माध्यम से सरकारी मान्यता प्रदान की जा रही है। मदरसों को भी सरकारी मान्यता प्रदान की गई और वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को सरकारी शिक्षक के अनुरूप वेतन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह में सिर्फ 39 मरीज इलाज कराने आते थे। हमलोगों ने सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा एवं इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई, जिसके कारण अब एक माह में औसतन 11 हजार से अधिक मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। पहले बिहार में सिर्फ 6 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। बिहार का सबसे पुराना अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) को 5400 बेड की क्षमता का बनाया जा रहा है। बाकी 5 पुराने मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों का भी विस्तार कर 2500 बेड की क्षमता का अस्पताल बनाया जा रहा है। आई०जी०आई०एम०एस०, पटना का भी विस्तार कर उसे 3000 बेड की क्षमता का अस्पताल बनाया जा रहा है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने वर्ष 2015 से सात निश्चय योजना के माध्यम से हर घर तक नल का जल, हर घर में शौचालय का निर्माण, हर घर तक पक्की गली नाली निर्माण, हर टोले तक पक्की सड़क का निर्माण, हर घर तक बिजली का कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों तक पहुंचा दी है। जो भी नई बसावटें बनी हैं, उनमें भी ये सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खुले में शौच करने से लोगों को अनेक प्रकार की बीमारियां होती थीं, जिन परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण के लिए जगह नहीं थी. उनके लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। वर्ष 2020 से सात निश्चय योजना-2 के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, टेलीमेडिसिन, बाल हृदय योजना, हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिये हमलोग लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। हमलोगों ने वर्ष 2006 से पंचायती राज संस्थाओं तथा वर्ष 2007 से नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसके बाद अब तक कुल 4 चुनाव संपन्न हो चुके हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर आई हैं। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या काफी कम थी। जब हमलोगों की सरकार बिहार में बनी तो हमलोगों ने वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूह की संख्या को बढ़ाया। बिहार में अब स्वयं सहायता समूह की संख्या 10 लाख 61 हजार हो गई है, जिससे 1 करोड़ 35 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं। हमलोगों ने विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूह की संख्या बढ़ानी शुरू की। हमने ही स्वयं सहायता समूह का नाम जीविका दिया और इससे जुड़ी महिलाओं को जीविका दीदी कहा। यहां के काम से प्रेरित होकर उस समय की केंद्र सरकार ने भी इसे अपनाया और इसका नाम आजीविका दिया।

हम लोगों ने अब बिहार के शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन शुरू कराया है। अब तक शहरी इलाकों में 34 हजार स्वयं सहायता समूह का गठन हो चुका है, जिससे 3 लाख 60 हजार जीविका दीदियां जुड़ चुकी हैं। हमलोगों ने वर्ष 2013 से पुलिस की बहाली में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया, जिसका नतीजा है कि बिहार पुलिस बल में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक है। बिहार पुलिस में जितनी महिलाएं हैं, देश के किसी भी दूसरे राज्य के पुलिस बल में महिलाओं की संख्या उतनी नहीं है। वर्ष 2018 से हमलोगों ने सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से वर्ष 2020 के बीच में 8 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई। हमलोगों ने सात निश्चय योजना-2 के तहत वर्ष 2020 में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे बढ़ाकर 12 लाख किया गया है। अब तक 9 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दे दी गई है। इसके अलावा 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक 24 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा चुका है। वर्ष 2025 में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी तथा 34 लाख लोगों को रोजगार मुहैया करा दिया जाएगा। हमलोगों ने सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है। सभी पार्टियों के साथ बैठक कर बिहार में जाति आधारित गणना कराई गई, जिसमें 94 लाख गरीब परिवारों को चिह्नित किया गया है, जो हर जाति से जुड़े हैं। ऐसे गरीब परिवारों को प्रति परिवार 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है ताकि वे अपना जीविकोपार्जन कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर जिला में विकास के अनेक कार्य कराए गए हैं। यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, पारा मेडिकल संस्थान और छात्रावासों का निर्माण कराया गया है। साथ ही राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान, महिला आई०टी०आई०, सभी अनुमंडलों में आई०टी०आई०, जी०एन०एम० संस्थान एवं अनेक सड़क तथा पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। यहां जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास का निर्माण कराया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय विद्यालय का तथा अनुसूचित जाति कन्या आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया गया है। डुमरांव में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना की जाएगी। बक्सर में सिंचाई सुविधाओं का विकास कराया गया है। यहां 39 चेकडैम का निर्माण हुआ है। ब्रह्मपुर स्थित बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर का विकास एवं सौंदर्गीकरण के साथ ही मंदिर परिसर की घेराबंदी कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां 18 पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा चुका है और शेष 122 पंचायत सरकार भवन का निर्माण भी जून, 2025 तक पूरा करा लिया जाएगा। बक्सर में 2 विद्युत ग्रिड सब स्टेशन तथा 23 पॉवर सब स्टेशन का निर्माण कराया गया है। बक्सर में 26 डेडिकेटेड कृषि फीडर का निर्माण कराया गया है, जिससे 4882 बिजली कनेक्शन किसानों को सिंचाई हेतु उपलब्ध कराया गया है। बक्सर में 13 हजार 123 स्वयं सहायता समूह से 1 लाख 61 हजार जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं। यहां 5 जीविका दीदी की रसोई संचालित है।

समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधान सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, नगर विकास एवं आवास मंत्री तथा बक्सर जिला के प्रभारी मंत्री नितिन नवीन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, विधायक अजीत कुमार सिंह, विधायक विश्वनाथ राम, विधान पार्षद राधाचरण साह, विधान पार्षद जीवन कुमार, बक्सर जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी, बक्सर नगर परिषद अध्यक्ष कमरु निशां, जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष विजय कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक बरवड़े, शाहाबाद प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक सत्य प्रकाश, बक्सर के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल एवं बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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