बाढ़ ने अस्त व्यस्त किया ग्रामीणों का जीवन
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नदियों का वर्तमान जलस्तर
सकरी नदी: 79.90 मीटर बेड लेवल, 80.95 मीटर पानी का फ्लो
पैमार नदी: 64.80 मीटर बेड लेवल, 64.85 मीटर पानी का फ्लो
पंचाने नदी: 53.25 मीटर बेड लेवल, 55.25 मीटर पानी का फ्लो
गोइठवा नदी: 52.17 मीटर बेड लेवल, 56.47 मीटर पानी का फ्लो
जिरायन नदी: 57.92 मीटर बेड लेवल, 61.92 मीटर पानी का फ्लो
सोईयवा नदी: 53.54 मीटर बेड लेवल, 57.84 मीटर पानी का फ्लो
कुंभरी नदी: 56.57 मीटर बेड लेवल, 57.17 मीटर पानी का फ्लो
प्रशासन की तत्परता और राहत कार्य
जिला प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहा है। नालंदा के हिलसा अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) प्रवीण कुमार ने बताया कि करायपरसुराय प्रखंड के मकरौता पंचायत के मुसाढ़ी, फतेहपुर और कमरथु गांवों में घरों में पानी प्रवेश कर गया है। वहां पर प्रभावित लोगों के बीच सूखा राशन वितरित किया जा रहा है। कम्युनिटी किचन की भी शुरुआत की गई है, जिससे बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध हो सके।
साथ ही, बांधों के कटाव वाले क्षेत्रों की मरम्मत के लिए भी युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर दिनेश चौधरी ने कहा कि मिल्की खंधा में हुए कटाव को रोकने के लिए कर्मियों को तुरंत लगा दिया गया है। प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल्द से जल्द बाढ़ का पानी निकाला जाए और स्थिति सामान्य हो।