मटिहानी गांव में अनोखी होली खेलते हुरियारे
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गांव के लोगों ने बताया कि बचपन से वे यह होली देखते आ रहे हैं। यहां होली की सामूहिक परंपरा की शुरुआत एक मारवाड़ी परिवार ने 100 साल पहले की थी। वह परिवार राजस्थान से बड़ी-बड़ी मारवाड़ पिचकारी लेकर आया था, जिनसे उन्होंने कुओं पर सामूहिक होली की शुरुआत कराई थी। होली मनाने के लिए सात कुएं चिह्नित हैं। होली के दिन पूरे गांव के लोग पांच कुओं पर जमा होकर एक-दूसरे पर रंगों की बौछार करते हैं, जबकि होली के अगले दिन शेष दो कुओं पर पर्व मनाकर इसका समापन किया जाता है।