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Bihar Flood: कोई भी गाड़ी रुकते ही टूट पड़ते हैं बाढ़ पीड़ित, सहरसा में मंत्री-मेयर को घेरा; लूटी राहत सामग्री

Sat, 05 Oct 2024 04:44 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

Bihar Flood: कोई भी गाड़ी रुकते ही टूट पड़ते हैं बाढ़ पीड़ित, सहरसा में मंत्री-मेयर को घेरा; लूटी राहत सामग्री
Bihar: Flood victims in Saharsa surrounded Minister Dilip Jaiswal, Neeraj kumar Babloo, looted relief material
 
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मंत्री को देख बेकाबू हुए बाढ़ पीड़ित, लूटी राहत सामग्री - फोटो : अमर उजाला
बिहार सरकार के राजस्व मंत्री सह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह जिला के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल और पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार बबलू शनिवार को सहरसा जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं ने उनका घेराव कर दिया। लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उन लोगों की जिंदगी घर से सड़क पर आ गई है। जन प्रतिनिधि और अधिकारी आते हैं और चले जाते हैं। उन लोगों को अभी तक सरकार के स्तर से सही और समुचित सहयता नहीं मिली है।

 
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राहत सामग्री के लिए छीना-झपटी करते बाढ़ पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि भोजन भी ससमय नहीं मिलता है और मिलता भी है तो उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं होती है। दिन का भोजन दोपहर दो बजे मिलता है, तब तक बच्चे भूख से बिलख जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय छुटभैए नेता के कारण लोगों को प्लास्टिक शीट भी सभी को नहीं मिली। लोगों ने कहा कि मवेशी चारा के लिए भूखे हैं। महाजन से पैसे लेकर चारा लाते हैं। ये समस्याएं सुनकर पीएचईडी मंत्री ने लोगों को काफी समझाया-बुझाया, लेकिन महिलाएं कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुईं। उसके बाद प्रशासन ने महिलाओं को किसी तरह वाहन के आगे से हटाकर मंत्री के काफिले को आगे बढ़ाया।



 
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मंत्री दिलीप जायसवाल को महिलाओं ने घेरा - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि मंत्री शनिवार को महिषी अंचल क्षेत्र के ब्रह्मपुर में संचालित राहत मेगा शिविर का मुआयना करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने खुद से पीड़ितों के बीच खाना भी परोसा और खुद भोजन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद महिलाएं और पुरुष राहत सामग्री के लिए टकटकी लगाए थे। जैसे ही मंत्री विदा हुए लोगों ने काफिले को घेर कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मौके पर स्थानीय विधायक गुंजेश्वर साह, भाजपा विधायक आलोक रंजन, नगर निगम की महापौर बैन प्रिया, भाजपा नेत्री लाजवंती झा, सदर एसडीओ प्रदीप कुमार झा, सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, जलई ओपी प्रभारी ममता कुमारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
 

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बाढ़ पीड़ित में प्रशासन के प्रति भारी असंतोष - फोटो : अमर उजाला
राहत सामग्री को देख टूट पड़े बाढ़ पीड़ित, मची लूट  
महिषी प्रखंड क्षेत्र के ब्रह्मपुर स्थित बाढ़ राहत शिविर से जैसे ही राजस्व मंत्री का काफिला आगे बढ़ा कि पीछे से आ रहे एक पिकअप वाहन पर लदी राहत सामग्री पर लोगों की नजर पड़ी। उसके बाद लोग उस पर टूट पड़े, देखते ही देखते लूट मच गई। दरअसल, काफिले के पीछे चल रही पिकअप पर राहत सामग्री लदी थी, जो भाजपा लिखे झोलों में थी। दर्जनों महिला, बच्चे और बूढ़े राहत सामग्री की बात सुनकर पिकअप पर चढ़ कर उसे लूटने लगे। इस दौरान चालक लोगों से विनती करता रहा, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। चालक चाह कर भी वाहन लेकर भाग नहीं सकता था, क्योंकि आगे भी महिलाएं और बच्चे थे। देखते ही देखते दस मिनट के अंदर पिकअप पर लदी पूरी राहत सामग्री को लोगों ने लूट लिया, जिसके बाद लोगों ने गाड़ी को छोड़ा। लोगों की परेशानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके बाद सड़क पर गिरे राशन को भी लोगों ने नहीं छोड़ा और उसे भी समेट कर अपने साथ ले गए।
 
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मंत्री दिलीप जायसवाल और नीरज कुमार बबलू - फोटो : अमर उजाला
लोगों ने कहा कि बाढ़ में उनका घर और फसल सब तो बर्बाद हो ही गया है। लगता है कि भूख से कई की मौत होगी। लोगों को भरपेट भोजन नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने कहा कि भूख से बच्चे और बूढ़े तक परेशान हैं। राहत शिविर में दो समय खाना मिलता जरूर है, लेकिन बच्चों और बूढ़ों को उससे संतुष्टि नहीं मिलती है। बच्चों को दूध और बिस्कुट भी नहीं मिल पा रहा है।
 
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बाढ़ पीड़ितों को खाना परोसते मंत्री दिलीप जायसवाल - फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि राहत सामग्री लूट के दौरान कई महिला और बच्चे हल्के चोटिल भी हुए। लोगों ने कहा कि उन लोगों को उम्मीद थी जो मंत्री आएंगे तो उन लोगों को कुछ राहत मिलेगी, लेकिन नहीं मिला। जबकि पीछे पूरा पिकअप वाहन राहत सामग्री भरा था। कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। लोगों की भीड़ के सामने स्थानीय प्रशासन भी मूक दर्शक बना रहा।
 
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सड़क पर रह रहे बाढ़ पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
गाड़ी रुकते ही टूट पड़ते हैं बाढ़ पीड़ित
जिले में बाढ़ पीड़ितों की स्थिति काफी बुरी है। भूख मिटाने के लिए वह आने-जाने वाली गाड़ियों की तरफ टकटकी लगाए रहते हैं। जैसे ही कोई वाहन रुकता हैं, लोग उस और दौड़ पड़ते हैं। चूंकि सभी बाढ़ पीड़ित सड़क पर शरण लिए हुए हैं तो राहत सामग्री लेकर आने की बात जैसे ही उन्हें पता चलती है, वे उस गाड़ी की ओर दौड़ पड़ते हैं। इतना ही नहीं इस दौरान उन्हें दुर्घटना की भी चिंता नहीं रहती है। लोग खाद्य पदार्थ के लिए आपस में भी छीना-झपटी शुरू कर देते हैं।
 
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बाढ़ पीड़ितों ने मेयर की गाड़ी को रोका - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को भी ऐसा नजारा देखने को मिला। नगर निगम सहरसा की महापौर बैन प्रिया राहत सामग्री लेकर जैसे ही गंडोल के पास सड़क किनारे रह रहे लोगों के बीच पहुंचीं। लोग उन्हें वाहन से उतरने भी नहीं दे रहे थे और वाहन को घेर लिया। कुछ देर तो महापौर ने वाहन से ही लोगों के बीच राहत सामग्री बांटी। उसके बाद बाहर निकल कर खाद्य पदार्थ बांटे।

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