बाढ़ आने से उफनाती कोसी नदी
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कोसी नदी के पानी में अचानक आए उफान से लोगों के आवागमन का एकमात्र सहारा नाव रह गई है। लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से आपदा मद से कोई नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इस वजह से उजुआ, उसड़ी, तेगच्छा, झाझा, कोदरा सिमरटोका, बुढिया सुकराशी, औरथुआ, गोलमा और तिलकेश्वर सहित करीब 30 गांवों के लोग अपनी जान को जोखिम में डालकर प्रखंड कार्यालय और निजी कार्यों के लिए निजी नाव से आते-जाते हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि चचरी पुल के बह जाने से लाखों की क्षति हुई है। आम लोगों को भी इस पार से उस पार जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।