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जागो ग्राहक जागो: कारों के इन 'चमक-दमक' वाले फीचर्स पर मत हो जाना ‘लट्टू’, कर देंगे आपकी जेब खाली!

Mon, 08 Nov 2021 02:48 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Useless Car features - फोटो : Amar Ujala
आजकल सभी कार कंपनियां गाड़ियों में जबरदस्त फीचर दे रही हैं। कुछ साल पहले तक गाड़ियों में एयरबैग्स, रिवर्स पार्किंग कैमरा, डीआरएल एबीएस, ईबीडी जैसे फीचर लग्जरी होते थे, लेकिन अब ये फीचर बेहद क़मन हो गए हैं, और सरकार ने कुछ फीचर्स को देना जरूरी बना दिया है। जिसके बाद कारमेकर्स ने ग्राहकों को लुभाने के लिए नए फीचर देना शुरू कर दिया। अब तो फीचर्स की बेहद लंबी लिस्ट है। गाड़ियों में कई लेटेस्ट ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, टचस्क्रीन, वायरलेस चार्जिंग, एयर प्यूरीफायर, पैडल शिफ्टर, सनरूफ, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे नए-नए आ गए हैं। आलम यह है कि जब कार खरीदने जाते हैं कारों के तमाम फीचर देखकर लोग भ्रमित हो जाते हैं। लेतिन इनमें से कुछ फीचर गैर जरूरी होते हैं और अगर आप इन पर 'लट्टू' होते हैं, तो समझिए आप इन पर पैसे बर्बाद कर रहे हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही यूजलेस फीचर्स के बारे में...
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Maruti Suzuki Ignis - फोटो : for Reference Only

फेक प्लास्टिक रूफ रेल्स

पहले कार कंपनियां रूफ रेल्स उन कारों में लगाती थीं, रूफ पर भारी सामान ले जाने में सक्षम होती थीं। लेकिन अब ये फैशन बन गया है, खासतौर पर हैचबैक, एमपीवी और एसयूवी सेंगमेंट में। कार कंपनियां कार को बोल्ड लुक देने के लिए रूफ रेल्स लगाती हैं, और इसके बदले में हजारों रुपये ग्राहकों से निकाल लेती हैं। न तो इस सेगमेंट की कारों की बॉडी इतनी मजबूत होती है और न ही इंजन इतना पावरफुल होता है। सिंगल मेटल शीट के साथ आने वाली कारों की छत बेहद कमजोर होती है और रूफ रेल्स का कोई फायदा नहीं होता।
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Car Sunroof - फोटो : for Reference Only

सनरूफ

एक समय था जब शेवरले ने अपनी ऑप्ट्रा कार में यह फीचर दिया था। जिसके बाद कई कार कंपनियों ने इस फीचर को देना शुरू कर दिया। वहीं अब कंपनियों ने मिड-लेवल हैचबैक्स और सस्ती कारों में भी यह फीचर दे रही हैं। भारत जैसे गर्म और नमी वाले देश में सनरूफ पर खर्च करना समझदारी नहीं है। जिन लोगों के पास सनरूफ वाली कारें हैं, खुद उनका अनुभव है कि इससे कार में धूल आ जाती है, वहीं शुरुआत में ओपन रूफ के साथ चलना लुभावना लगता है लेकिन बाद में इससे तौबा कर ली।
 

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Voice Commands - फोटो : For Refernce Only

वॉयस रिकॉगनाइजेशन

जेम्स बॉन्ड की कारों की तरह आजकल कंपनियां कारों में वॉयस रिकॉगनाइजेशन फीचर दे रही हैं। लेकिन देखने में ये आया है कि आजकल इस फीचर के साथ आ रही कारों के मालिक इनका इस्तेमाल ही नहीं करते। बस शुरुआत में इसका क्रेज होता है, लेकिन बाद में केवल म्यूजिक प्ले करने तक ही सीमित रह जाता है। इस फीचर के लिए एक्स्ट्रा खर्च करने की कोई तुक नहीं है।
 
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Touch AC Control - फोटो : for Reference Only

टच सेंसिटिव एसी कंट्रोल

यह फीचर है जिसे कार कंपनियां गाड़ियां बेचते समय लग्जरी फीचर के नाम से प्रचारित करती हैं। वहीं ड्राइविंग के दौरान हमारा मेन फोकस ड्राइविंग होता है, लेकिन यह फीचर कई बार हादसे भी करवा सकता है। एसी की स्पीड को नोब के जरिये कंट्रोल किया जा सकता है और ड्राइविंग के दौरान ये करना आसान होता है, यहां तक कि बिना देखे भी नोब को एडजस्ट किया जा सकता है। लेकिन टच सेंसिटिव बटन को दबाने के लिए फोकस करना पड़ता है।
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Car Paddle Shifters - फोटो : For Refernce Only

पैडल शिफ्टर

अगर आप हायएंड महंगी स्पोर्ट्स कार या एसयूवी चलाते हैं, तो आपको थ्रिलिंग कंट्रोल करने के लिए पैडल शिफ्टर की जरूरत होती है। लेकिन आजकल 100 बीएचपी की पावर वाली गाड़ियों में पैडल शिफ्टर की कोई आवश्यकता नहीं है। वैसे भी आजकल स्पीड लीमिट तय है और हाईवे पर ही इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
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car Automatic rain sensing wipers - फोटो : For Reference Only

ऑटोमैटिक वाइपर्स

पहले ये फीचर केवल महंगी गाड़ियों में ही मिलता था, वहीं अब कार कंपनियां सस्ती सेडान और हैचबैक में भी ऑफर कर रही हैं। इस फीचर की खासियत यह है कि जैसे ही सेंसर पर पानी पड़ेगा, वाइपर्स ऑटोमैटिकली शुरू हो जाएंगे। सुनने में यह बेहद अच्छा लगता है, लेकिन हल्का सा पानी पड़ते ही बिना जरूरत के चालू हो जाएंगे, साथ ही ब्लेड भी जल्दी घिसेंगे। बेहतर है मैनुअली वाइपर को ऑन करके अपनी जरूरत के मुताबिक ऑन-ऑफ किया जा सकता है।

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SUV third row Seats - फोटो : For Refernce Only

कॉम्पैक्ट एसयूवी में अतिरिक्त सीटें

अगर आप बड़ी एमपीवी गाड़ी ले रहे हैं, तो फैमिली कार के लिहाज से उसका 6-7 सीटर होना लाजिमी है। लेकिन 6-7 सीटर कॉम्पैक्ट सेगमेंट की एसयूवी खरीद रहे हैं, तो खरीदते वक्त आपको जरूर अच्छा लगेगा, लेकिन बाद में पछतावा जरूर करेंगे। क्योंकि जब कभी आप फैमिली के साथ लॉन्ग ड्राइव पर जाएंगे, तो कोई भी थर्ड रो की उन सीटों पर बैठने के लिए तैयार नहीं होगा। पीछे की सीटों पर लेग स्पेस कम होता है, केवल बच्चे ही इन सीटों पर बैठ सकते हैं। कई कंपनियां एक्सटेंडेड व्हीलबेस के साथ 7-सीटर वर्जन पर काम कर रही है।
 

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car infotainment system - फोटो : for reference Only

मिररलिंक कनेक्टिविटी

ये फीचर ऐसा है कि शुरुआत में नई कार खरीदते वक्त काफी आकर्षक लगता है, लेकिन बाद में कामकाज की आपाधापी के चलते लोग भूल जाते हैं। इस सिस्टम से आप अपने फोन को इंफोटेनमेंट सिस्टम से कनेक्ट कर सकते हैं। लेकिन कार में मिररलिंक के इस्तेमाल का कोई फायदा नहीं है। हां घर में अगर टीवी को मिररलिंक से कनेक्ट करते हैं, तो जरूर ये फायदेमंद है।
 

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car double exhaust tips - फोटो : For Refernce Only

फेक एग्जास्ट टिप्स

आजकल कंपनियां कारों में दो-दो एग्जास्ट टिप देती है, ताकि गाड़ी का लुक बोल्ड दिखे। पावरफुल इंजन वाली महंगी स्पोर्ट्स कारों और बड़ी एसयूवी में ये टिप शानदार दिखते हैं। लेकिन हल्के इंजन वाली कारों में इनका कोई यूज नहीं है।
 

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electronic parking brake - फोटो : For Refernce Only

इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक्स                                    

आजकल कार कंपनियां टॉप वैरिएंट्स में इलेक्ट्रॉनिक पार्किग ब्रेक्स दे रही है। लेकिन इनकी बजाय मैनुअल ब्रेक्स ज्यादा बढ़िया हैं। इसकी वजह है कि इन्हें मेंटेनेंस की कम जरूरत होती है। अगर कार का इलेक्ट्रिक सिस्टम खराब हो जाए, तो ये ब्रेक काम नहीं करेंगे। वहीं जब गाड़ी सर्विसिंग के लिए जाती है, तो मैनुअल ब्रेक्स आसानी से चेक हो जाते हैं, जबकि पार्किंग ब्रेक्स के लिए डायग्नोस्टिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

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car piano finish panels - फोटो : For Refernce Only

पियानो फिनिश पैनल्स

जब कार खरीदने जाते हैं, तो शोरूम में सेल्स मैन बताता है कि ये पैनल डस्टप्रूफ होने के साथ स्क्रेच रसिस्टेंट है। साथ ही उंगलियों के भी निशान नहीं पड़ते। लेककिन कार खरीदने के बाद आपको अहसास होगा कि इन्हें भी साफ करने की जरूरत पड़ती है। इनकी जगह बेहतर हैं मेट फिनिश पैनल्स। ये उनके मुकाबले सस्ते होते हैं।
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Keyless Push Start Button - फोटो : for reference only

कीलेस पुश बटन स्टार्ट

कीलेस पुश बटन आजकल कई कारों में कॉमन है। कार कंपनियां इस फीचर को प्रमुखता से हाईलाइट करके बेचती हैं। बी-सेगमेंट की हैचबैक कारों में यह फीचर बहुत मिलता है। पहले ये फीचर केवल टॉप वैरिएंट के मॉडल्स में ही दिखता था। लोग आकर्षित हो कर इस फीचर के चलते कार को खरीद लेते हैं, लेकिन इस फीचर से कोई फायदा नहीं होता है। हालांकि केवल कार को बिना चाबी के अनलॉक किया जा सकता है और केवल एक पुश बटन से कार ही को स्टार्ट किया जा सकता है। आजकल आने वाली ज्यादातर कारों में रिमोट लॉकिंग फीचर मिलता है और बटन दबा कर कार को लॉक-अनलॉक किया जा सकता है। लेकिन कीलेस पुश बटन स्टार्ट अगर आपको स्टैंडर्ड मिलता है, तब तो ठीक है, लेकिन एक्स्ट्रा खर्च करके यह फीचर वाली कार लेना कतई फायदे का सौदा नहीं है।
 
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