वियतनामी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माता VinFast (विनफास्ट) ने भारत सरकार से लगभग दो वर्षों के लिए अपनी कारों पर आयात शुल्क अस्थायी रूप से कम करने का अनुरोध किया है। एक मीडिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इस कदम का उद्देश्य यह है कि जब तक कंपनी का स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग प्लांट चालू न हो जाए, तब तक ग्राहक विनफास्ट के उत्पादों को आसानी से अपना सकें।
यह अनुरोध भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की विनफास्ट की रणनीति के अनुरूप है, जो कि अमेरिकी ईवी दिग्गज टेस्ला द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण के समान है। टेस्ला ने भी शुल्क में कमी की इच्छा जताई थी, लेकिन भारत सरकार द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था।
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VinFast Electric Car
- फोटो : VinFast
विनफास्ट इस समय दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में एक मैन्युफेक्चरिंग प्लांट बनाने की प्रक्रिया में है। कंपनी के भारत के सीईओ, फाम सान चौ ने संकेत दिया है कि उत्पादन 2023 के मध्य तक शुरू होने वाला है। कंपनी ईवी का निर्यात शुरू करने से पहले घरेलू बिक्री पर ध्यान देगी। तमिलनाडु में विनफास्ट की निवेश योजना, राज्य सरकार के सहयोग से, कुल 2 अरब डॉलर तक के निवेश की परिकल्पना करती है, जिसमें पहले पांच वर्षों के लिए 500 मिलियन डॉलर का शुरुआती निवेश शामिल है।
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VinFast Electric Car Plant
- फोटो : VinFast
टेस्ला की तरह, विनफास्ट ने भारत सरकार से पूरी तरह से निर्मित ईवी पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। इस रुख का घरेलू वाहन निर्माताओं द्वारा विरोध किया गया है। हालांकि, दुनिया के तीसरे सबसे बड़े वाहन बाजार के रूप में भारत, अनुरोधों पर विचार कर रहा है। लेकिन सरकारी अधिकारी के मुताबिक, अभी तक कोई निश्चित फैसला नहीं किया गया है।
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VinFast Electric Car
- फोटो : VinFast
चौ ने आयात शुल्क में अस्थायी कमी के विनफास्ट के प्रस्ताव पर रौशनी डाली, यह सुझाव देते हुए कि इसे दो सालों में सीमित संख्या में कारों के लिए 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कम कर दिया जाए। उनका मानना है कि यह दृष्टिकोण भारतीय ग्राहकों को विनफास्ट के कारों के अनुकूल बनाने में मदद करेगा। हालांकि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है, लेकिन विनफास्ट अपनी मैन्युफेक्चरिंग प्लांट के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत का ईवी बाजार अभी भी शुरुआती अवस्था में है, जो पिछले वर्ष कुल कार बिक्री का लगभग 2 प्रतिशत ही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने 2030 तक ईवी के लिए 30 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, और ईवी निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए कार्यक्रमों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
विनफास्ट की तमिलनाडु परियोजना से सालाना 150,000 वाहनों तक की उत्पादन क्षमता होने की उम्मीद है। जो वियतनाम में 250,000 वाहनों की वार्षिक क्षमता वाले अपने मुख्य प्लांट का पूरक होगा। कंपनी पहले से ही लगभग 55 भारतीय डीलरों के साथ मिलकर एक मजबूत बिक्री नेटवर्क स्थापित करने के लिए सहयोग कर रही है। और भविष्य में देश में अपने दोपहिया वाहन मॉडल पेश करने पर भी विचार कर रही है।