अमेरिका की दिग्गज ईवी निर्माता कंपनी Tesla (टेस्ला) ने टेक्नोलॉजी सीक्रेट उल्लंघन और अनुचित प्रतिस्पर्धा विवादों पर एक चीनी फर्म पर मुकदमा दायर किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इसकी जानकारी दी है। दिलचस्प बात यह है कि Bingling Intelligent Technology (बिंगलिंग इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी) नाम की जिस चीनी कंपनी के खिलाफ टेस्ला ने शंघाई में मुकदमा दायर किया है, उसके हितधारकों में Xiaomi (शाओमी) भी शामिल है। Xiaomi के पास कथित तौर पर Bingling की 11.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीनी फर्म माइक्रोचिप्स और अन्य ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स को डिजाइन करती है।
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Xiaomi Electric Car
- फोटो : Xiaomi
मुकदमे की टाइमिंग
यह मुकदमा ऐसे समय में आया है जब टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी Xiaomi इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का एक बड़ा हिस्सा हथियाने का लक्ष्य बना रही है। इसके अलावा शाओमी अपनी इलेक्ट्रिक कार में ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी पेश करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पिछले महीने ही Xiaomi ने चीन के राज्य योजनाकार राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग (NDRC) से इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की मंजूरी हासिल की थी। इसके अलावा, Xiaomi ने पहले ही अपनी पहली इलेक्ट्रिक सेडान Modena (मोडेना) का खुलासा कर दिया है, जिसे आंतरिक रूप से MS11 कोडनेम दिया गया है। और इसका लक्ष्य अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार निर्माता के प्रमुख मॉडल Tesla Model S (टेस्ला मॉडल एस) के साथ प्रतिस्पर्धा करना है। बड़े पैमाने पर मोडेना का उत्पादन करने के लक्ष्य के साथ, चीनी स्मार्टफोन दिग्गज ने एक जॉइन्ट वेंचर स्थापित करने के लिए देश में स्थानीय कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है।
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Geely Icon
- फोटो : Geely
पहले की चल चुके हैं चोरी के आरोप
दिलचस्प बात यह है कि टेक कंपनी के खिलाफ टेस्ला का आरोप और मुकदमा उन घटनाओं की सूची में बिलकुल नया मामला है, जब चीनी कंपनियों पर अन्य वैश्विक कंपनियों से तकनीक चुराने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले, Apple (एपल) के एक पूर्व कर्मचारी पर एक चीनी कंपनी के लिए अमेरिकी तकनीकी प्रमुख से सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों से संबंधित डेटा चोरी करने का आरोप लगाया गया था। दरअसल, बाद में वह चीनी टेक कंपनी Baidu और ऑटोमेकर Geely के संयुक्त उद्यम में शामिल हो गए, जिसके तहत दोनों कंपनियां सेल्फ-ड्राइविंग वाहन तकनीक पर काम कर रही हैं।
एफबीआई दे चुका है चेतावनी
2020 में, एफबीआई ने अमेरिका में वाहन निर्माताओं को चेतावनी दी थी कि चीन इलेक्ट्रिक कार टेक्नोलॉजी की चोरी को उच्च प्राथमिकता दे रहा है। इस समय चीन दुनिया के अग्रणी ईवी निर्माताओं में से एक है। चीनी बाजार में, कई घरेलू इलेक्ट्रिक कार ब्रांडों ने वैश्विक वाहन निर्माताओं पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली है। इसके अलावा, चीनी ईवी निर्माता वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भी प्रभुत्व हासिल करने का लक्ष्य बना रहे हैं।