फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tesla: भारत टेस्ला के लिए क्यों सबसे बड़ा वाहन बाजार है, जिसमें उसने अभी तक एंट्री नहीं की है?

Fri, 15 Dec 2023 05:01 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
Elon Musk Tesla Cars - फोटो : Amar Ujala
टेस्ला दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। और 2030 तक हर साल 2 करोड़ कारों की मैन्युफेक्चरिंग की महत्वाकांक्षी योजना के साथ, कंपनी ऐसी उत्पादन क्षमता पर विचार कर रही है जो उसके नजदीकी प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में दोगुनी हो। चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका इसके सबसे बड़े बाजार हैं लेकिन वहां कोई आश्चर्य की बात नहीं है। दोनों देश वाहन बिक्री में भी वर्ल्ड लीडर हैं। लेकिन तीसरे स्थान पर मौजूद भारत कई ऑटोमोटिव ब्रांडों के लिए भी काफी अहम है। लेकिन यह टेस्ला के लिए क्यों नहीं है। हालांकि अभी तक तो नहीं है।

भारत सबसे बड़ा ऑटोमोटिव बाजार है जिसमें टेस्ला की कोई मौजूदगी नहीं है। टेस्ला इस स्थिति को बदलना चाहती है। भारत सरकार ने भी इसमें गहरी दिलचस्पी दिखाई है। लेकिन हर बार जब मतभेद के पहलू शांत होने की कगार पर दिखाई देते हैं, तो कोई नया मसला सामने आ जाता है।
विज्ञापन

2 of 5
Tesla Car - फोटो : Tesla
हाल ही में पिछले महीने, ब्लूमबर्ग ने बताया कि टेस्ला और भारत सरकार के अधिकारी 2024 में देश में ईवी लाने की कगार पर हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्स मस्क ने लंबे समय से भारत में ग्राहकों को टेस्ला मॉडल पेश करने से पहले आयात शुल्क में कटौती की मांग की है। कई लोग इस मांग में योग्यता देखते हैं क्योंकि यहां आयात शुल्क दर दुनिया में कहीं भी सबसे ज्यादा है। जोकि आयातित ईवी पर 100 प्रतिशत है जिनकी कीमत 40,000 डॉलर से ज्यादा है। पिछली रिपोर्टों में इस बात पर रोशनी डाली गई थी कि यदि कोई कंपनी कुछ स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध है तो भारत सरकार इस शुल्क में 15 प्रतिशत तक की कटौती करने को तैयार है।

गुरुवार को इसके उलट एक नया संदेश आया। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह देश में ईवी के आयात के लिए शुल्क रियायतों और स्थानीय मूल्यवर्धन से छूट के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। यह बात वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कही। तो क्या यह टेस्ला के लिए बुरी खबर है? हो सकती है।
विज्ञापन

3 of 5
Tesla Supercharger - फोटो : Social Media
टेस्ला भारतीय बाजार के लेकर सावधान है
भारतीय ऑटोमोटिव बाजार बहुत जीवंत है लेकिन कुल यात्री वाहनों की बिक्री में ईवी की पहुंच महज दो प्रतिशत है। दूसरी ओर, आने वाले वर्षों में कुल कार बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ने की उम्मीद है। टाटा मोटर्स इस समय बाजार में अग्रणी है, लेकिन ह्यूंदै, किआ, महिंद्रा, सिट्रोएन, एमजी मोटर इंडिया, ऑडी, मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू और जगुआर जैसी अन्य कंपनियों के पास कम से कम एक फुल-इलेक्ट्रिक मॉडल उपलब्ध है। यहां तक कि भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी भी अपने पहले पूरी तरह से बैटरी से चलने वाले मॉडल के साथ तैयार है।

लेकिन टेस्ला बढ़त चाहती है। और भारत जैसे मूल्य संवेदनशील बाजार में यह संभव नहीं हो सकता है। सबसे सस्ते टेस्ला - मॉडल 3 के साथ भी नहीं, जिसकी कीमत 39,000 डॉलर या 32.50 लाख रुपये से ज्यादा है। भारत में 70 प्रतिशत आयात शुल्क जोड़ें तो एक आयातित टेस्ला लगभग मिड-लेवल की मर्सिडीज, ऑडी या बीएमडब्ल्यू एसयूवी जितनी महंगी हो सकती है। 

4 of 5
Tesla Car Plant - फोटो : Tesla
तो भारत में क्यों नहीं बनाती कार
टेस्ला मेक्सिको के नुएवो लियोन में अपनी अगली मेगा फैक्ट्री का निर्माण कर रही है। और भारत में 10 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। भारत के संभावित उम्मीदवार के रूप में उभरने के साथ ही दूसरी साइट की तलाश जारी है। लेकिन कई लोगों का कहना है कि पश्चिमी दुनिया में ऐसा प्लांट लगाने की तुलना में भारत में निवेश पर रिटर्न में कहीं ज्यादा समय लगने की संभावना है। यह एक पेचीदा स्थिति है जहां टेस्ला प्रयोग करना चाहती है। और भारत सरकार चाहती है कि वह कार का यहीं निर्माण करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Tesla Car Plant - फोटो : Tesla
ईवी के संभावित प्रतिद्वंद्वी भी इस बात के लिए उत्सुक नहीं हैं कि भारत सरकार टेस्ला को लुभाए। रॉयटर्स ने पिछले हफ्ते खबर दी थी कि टाटा मोटर्स आयात कर में कटौती की अनुमति नहीं देने के लिए सरकार से पैरवी कर रही है। ऐसा सूत्रों के हवाले से बताया गया है। और इस हफ्ते, प्रकाश ने आधिकारिक बयान जारी किया।

तो सवाल यह है कि क्या टेस्ला को भारत की जरूरत है या क्या भारत को टेस्ला की जरूरत है। या क्या बिना किसी संपर्क के दोनों के लिए सामान्य कारोबार हो सकता है?
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें