ऑटोमोबाइल बाजार के लिए कोविड-19 महामारी के कारण बहुत सारी परेशानियां खड़ी हुईं। इसके अलावा, इसने कई ट्रेंड को भी बढ़ावा दिया है। ऐसी ही एक ट्रेंड पुरानी कारों की मांग है, जिसमें महामारी के बाद से तेजी देखी गई है। नौकरी छूटने और वेतन कटौती के कारण उपभोक्ताओं के वित्तीय संकट और आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारकों ने संभावित कार खरीदारों को पुरानी कारों के प्रति सकारात्मक सोचने के लिए प्रेरित किया है। साथ ही, कई कार मालिकों को अपनी कारें बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। कई लोगों को ईएमआई चुकाने में असमर्थता के कारण अपनी कारें छोड़नी पड़ीं। इन कारणों की वजह से कई अच्छे मेंटेनेंस वाली और अपेक्षाकृत नई कारें यूज्ड (सेकेंड हैंड) कार मार्केट में पहुंच गईं, और उन संभावित उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध हो गईं जो सस्ती कीमत पर अच्छी कार की तलाश में थे।
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Second Hand Cars
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पुरानी कारों की भारी मांग का सिलसिला अभी भी जारी है। मॉर्डर इंटेलिजेंस ने अनुमान लगाया है कि भारतीय यूज्ड कार मार्केट का साइज 2023 में 2.30 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2028 तक 4.63 लाख करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद है, 15.10 प्रतिशत की सीएजीआर पर। वास्तव में, इस साल की शुरुआत में अगस्त में, यह पाया गया कि जहां पूरे भारत में सालाना 38 लाख नई कारों की बिक्री हुई, वहीं यूज्ड कारों की संख्या 50 करोड़ यूनिट्स से ज्यादा दर्ज की जा रही थी। जिससे साफ है कि सेकेंड हैंड कारों की बिक्री नए यात्री वाहन की बिक्री को पीछे छोड़ रही थी। भारत में यूज्ड कार बाजार दो सेगमेंट में बंटा हुआ है। बाजार का सिर्फ 17 प्रतिशत हिस्सा ओईएम सहित संगठित खिलाड़ियों के पास है। जबकि भारत में ज्यादातर यूज्ड कारों की खरीद और बिक्री अनौपचारिक रूप से की जाती है।
यदि आप अपनी पहली कार खरीदने जा रहे हैं या आप एक अनुभवी खरीदार हैं, तो एक आदर्श पुरानी कार हासिल करना एक ही समय में रोमांचक और जटिल दोनों हो सकता है। यदि आप पुरानी कार खरीदते समय एक अच्छा सौदा हासिल कर सकते हैं, तो यह अत्यधिक लागत प्रभावी होने के साथ-साथ एक नए मॉडल को खरीदने और रखने के समान हो सकता है। यहां हम आपको पुरानी कार खरीदते समय अच्छा सौदा सुनिश्चित करने के लिए कुछ अहम टिप्स बता रहे हैं, जिनका पालन किया जाना चाहिए।
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एक बजट तय करें
यह कार आपको एक नई कार खरीदते समय भी करना पड़ता है, लिहाजा एक सेकेंड हैंड कार खरीदने के लिए भी आपको यह काम करना पड़ेगा। हमेशा ऐसा बजट निर्धारित करें जिसे आप वहन कर सकें और जो आपकी वित्तीय ताकत को नुकसान न पहुंचाए। इसके लिए जरूरत से ज्यादा खर्च करने से बचना होगा। कोई भी डील कितनी भी आकर्षक क्यों न हो, उस कार को खरीदने के लिए अपने बजट से आगे न बढ़ें। इसके अलावा, कार के लिए अपना बजट निर्धारित करते समय हमेशा बीमा जैसी बढ़ी हुई लागत पर विचार करें। इसके अलावा, कार के स्वामित्व से संबंधित रेकरिंग कॉस्ट (आवर्ती लागतों) पर भी विचार करें, जिसमें ईंधन बिल, रखरखाव लागत आदि शामिल हैं।
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बाजार पर रिसर्च करें
यह बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। बाजार पर शोध करना वाहन खरीदने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है, जिसे आपको नई या यूज्ड कारों के बावजूद नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई कारों, उनकी कीमतों और स्थितियों की जांच करने के लिए ऑनलाइन टूल का इस्तेमाल करें और साथ ही ऑफलाइन यूज्ड कार डीलरों के पास भी जाएं। माइलेज, निर्माण का वर्ष और वाहन की स्थिति जैसे चीजों पर विचार करें। यह भी जांचें कि किस तरह की कार आपके लिए सबसे उपयुक्त है। मार्केट रिसर्च आपको यह समझने में मदद करेगा कि कहीं किसी कार की कीमत ज्यादा तो नहीं है।
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सही विक्रेता चुनें
रिसर्च के निष्कर्षों के आधार पर सही विक्रेता चुनें। बाजार में संगठित और असंगठित खिलाड़ी हैं। संगठित खिलाड़ी कुछ सुविधाएं प्रदान करते हैं जैसे वारंटी की अवधि, सभी कागजी कार्रवाई सहित परेशानी मुक्त खरीद प्रक्रिया आदि। हालांकि, संगठित खिलाड़ियों को अक्सर कार के बाजार मूल्य से काफी ज्यादा शुल्क लेते देखा जाता है। दूसरी ओर, आप किसी असंगठित खिलाड़ी या व्यक्तिगत विक्रेता के पास जाकर कीमत पर बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, इन मामलों में, विक्रेता द्वारा वारंटी या कागजी कार्रवाई पूरी करने की संभावना नहीं है। इसलिए, सही विक्रेता चुनने से पहले इन कारकों का आकलन करें और समझदारी से उनकी तुलना करें।
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कार का इतिहास हासिल करें
जिस कार को आप खरीदने जा रहे हैं उसका डिटेल्स जानने का यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां और किससे पुरानी कार खरीद रहे हैं, हमेशा वाहन की इतिहास रिपोर्ट हासिल करें, जो कार के ओनरशिप की स्थिति, रखरखाव रिकॉर्ड, दुर्घटनाओं आदि सहित कार के अतीत के बारे में महत्वपूर्ण डिटेल्स बताती है। इसकी जांच करने से आप दोषपूर्ण कार खरीदने से बच सकते हैं, जिसमें हो सकता है कि शुरू में खामियां न दिखें लेकिन बाद में आपको परेशानी हो सकती है।
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कार की जांच कराएं
यदि आप कारों के बारे में विस्तार से जानते हैं, तो हमेशा कार की खुद जांच करें। जब तक आप जरूरी समझते हैं कई लंबी टेस्ट ड्राइव लें, जटिल डिटेल्स की जांच करें, और विक्रेता से आपके जो भी सवाल हों, उनसे पूछें। यदि आप कार के तकनीकी पक्ष के बारे में आश्वस्त नहीं हैं, तो हमेशा एक पेशेवर तकनीशियन को नियुक्त करें जो यह समझ सके कि वाहन में क्या खराबी है यदि कोई खराबी है जो स्पष्ट रूप से छिपी हुई है।
कागजी कार्रवाई को समझें और शर्तों पर बातचीत करें
कार खरीदने में बहुत सारी कागजी कार्रवाई शामिल होती है, खासकर अगर यह पुरानी कार हो। इसलिए हमेशा कागजी कार्रवाई और उसके डिटेल्स को समझने पर ध्यान दें। साथ ही, जितना संभव हो शर्तों को अपने पक्ष में करने के लिए विक्रेता से बातचीत करें। यदि आपको लगता है कि शर्तें आपके लिए सही नहीं हैं तो सौदे से बाहर निकलने पर विचार करें।