यूरोपीय संघ में नई कारें एक इवेंट डेटा रिकॉर्डर (ईडीआर) से लैस होंगी। इसे ब्लैक बॉक्स के तौर पर भी जाना जाता है। यूरोपीय आयोग की वेबसाइट पर साझा की गई जानकारी के आधार पर, जुलाई 2024 से सभी नए पंजीकृत वाहनों में इस डिवाइस को स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर लगाया जाएगा। इन उपकरणों का इस्तेमाल आम तौर पर एविएशन इंडस्ट्री (विमानन उद्योग) में दुर्घटना के बाद विमान के डिटेल्स हासिल करने के लिए किया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि इसे ब्लैक बॉक्स कहा जाता है बावजूद इसके, इस डिवाइस का रंग चमकीला नारंगी होता है। जिससे दुर्घटना की स्थिति में इसे आसानी से देखा जा सकता है।
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ब्लैक बॉक्स
- फोटो : For Reference Only
इस फैसले में M1 क्लास के तहत आने वाले सभी वाहनों को शामिल किया जाएगा। यानी उन सभी वाहनों में इस डिवाइस को लगाया जाएगा, जिसमें ड्राइवर सीट सहित आठ यात्रियों के बैठने की जगह है। इसके अलावा, इसमें N1 श्रेणी के वाहन भी होंगे, जिसमें 3500 किलोग्राम से कम के पिकअप ट्रक और वैन शामिल हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि ब्लैक बॉक्स को फिर से डिजाइन किया जाएगा ताकि इसकी साइज आसानी से वाहनों में फिट हो सके।
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Car Accident America
- फोटो : Wikimedia
ब्लैक बॉक्स अधिकारियों को दुर्घटना का विश्लेषण करने के लिए जरूरी डेटा उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इससे उनके लिए यह जांचना आसान हो जाएगा कि गलती किसकी है। यह दुर्घटना से पांच सेकंड पहले और टक्कर के 0.3 सेकंड के बाद के बहुत कम समय के लिए डेटा रिकॉर्ड करेगा। डिवाइस में वाहन के मेक और मॉडल के साथ-साथ उपकरण से संबंधित जानकारी भी होगी।
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For Reference Only
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ईडीआर को आमतौर पर एयरबैग कंट्रोल यूनिट में इंटीग्रेट किया जाता है और इसे डिएक्टिवेट नहीं किया जा सकता है। यह तब ऑटोमैटिक तरीके से एक्टिव हो जाता है जब एयरबैग और सीट बेल्ट टेंशनर तैनात हो जाते हैं। इसके अलावा, यह रिकॉर्डिंग शुरू करता है जब वाहन का एक्टिव हुड बाहर निकलता है, या यदि 0.15 सेकंड के भीतर लेटरल या लॉगिट्यूडिनल दिशा में स्पीड में 8 किमी / घंटा (5 मील प्रति घंटे) से ज्यादा का बदलाव होता है।
यह आदेश ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक गणराज्य/चेकिया, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन और स्वीडन सहित यूरोपीय संघ के 27 देशों में लागू किया जाएगा।