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इन दमदार गाड़ियों की बदौलत ही भारतीय सेना रहती है 24 घंटे मुस्तैद, जानते हैं इनकी खूबियां

Fri, 14 Aug 2020 11:37 AM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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republic day - फोटो : File Photo
हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्रों में 101 उत्पादों के आयात को पूरी तरह से बंद करने का कदम उठाया है। ताकि प्रधानमंत्री की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की मुहिम को बल मिल सके और स्वदेशी उत्पादों को दुनिया की चौथी सबसे बड़ी भारतीय सेना में शामिल किया जा सके। हालांकि कुछेक उपकरणों को छोड़ कर काफी संख्या में स्वदेश में बने रक्षा उत्पादों को वरियता दी जा रही है। हमारे देश की सेना और केंद्रीय सुरक्षा बल पहले ही सड़क परिवहन के लिए स्वदेश में बनी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, इनमें जंगी वाहन और लॉजिस्टिक्स भी शामिल है, आइए जानते हैं इन स्वदेश निर्मित रक्षा वाहनों के बारे में...
 
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Tata Merlin defence-1 - फोटो : for Reference Only

टाटा मर्लिन एलएसवी (लाइट सपोर्ट व्हीकल)

टाटा इन गाड़ियों को खासतौर पर सेना के लिए बना रही है। मारुति जिप्सी की बाद टाटा मर्लिन और टाटा सफारी ने भारतीय सेना में जगह बनाई है। मर्लिन की छत पर 7.6 एमएम की मीडियम मशीनगन और 40 एमएम का ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर लगा है। यह आसानी से फौजी दस्तों को लाने ले जाने के साथ सप्लाई में भी मदद करती है। मर्लिन दोनों तरफ और पीछे से STANAG 4569 लेवल-1 सुरक्षा देती है, जो नाटो के STANAG 4569 लेवल-1 स्टैंडर्ड्स में सबसे ज्यादा है। टाटा मर्लिन में 3.3-लीटर का लिक्विड कूल डायरेक्ट इंजेक्शन इंजन दिया गया है। जो 3,200 आरपीएम पर 185 बीएचपी और 2,400 आरपीएम पर 450 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है।
 
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viper by shri lakshmi defence solutions - फोटो : For Refernce Only

श्री लक्ष्मी डिफेंस सॉल्यूशंस वाइपर

इस कंपनी के नाम पर मत जाना। यह रक्षा क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में से एक है, जो सेना  लिए सैन्य वाहन, एंटी माइन बुलेट प्रूफ वाहन, बॉडी आर्मर वेस्ट, बुलेट प्रूफ हेलमेट्स, ब्लास्ट प्रोटेक्शन सीट्स और सेल्फ डिफेंस के लिए आर्मर्ड सिस्टम बनाती है। भारत में बना यह पहला उच्च कोटि का सैन्य वाहन है, जो बुलेट, लैंडमाइन और ब्लास्ट प्रूफ कैपेबिलिटीज के साथ आता है। इसका इस्तेमाल डिफेंस और अटैक दोनों में किया जाता है। इसमें छह कमांडोज के बैठने की क्षमता है। इसकी अंदरूनी दीवारें बैलिस्टिक चादरों से निर्मित है। इस कार को B7+ रेटिंग वाले आर्मर से डिजाइन किया गया है। किसी मुठभेड़ के दौरान इसमें लगे लोअर पैनल्स बुलेटप्रूफ शील्ड का काम करते हैं। इस कार में लोअर आर्मर स्टील पैनल दिए गए हैं जिन्हें आपातकाल में हटाकर ब्लास्ट शील्ड के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
 

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Mahindra Marksman - फोटो : for Reference Only

महिंद्रा मार्क्समैन

26/11 के आतंकी हमलों के बाद महिंद्रा ने इस गाड़ी का निर्माण शुरू किया था। अभी इसे फोर्स वन, कोलकाता पुलिस, सीआईएसएफ और भारतीय सेना में इस्तेमाल किया जा रहा है। महिंद्रा की Marksman एक बुलेट प्रूफ गाड़ी है जिसमें छह लोग आराम से बैठ सकते हैं। इस कार में 360 डिग्री विजिबिलिटी के साथ कई फायरिंग पॉइंट और मशीन गन पॉइंट भी दिया गए हैं। इसमें 2.6-लीटर का टर्बोचार्ज्ड CRDe डीजल इंजन दिया गया है जो 150 बीएचपी की पावर और 228 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इसकी टॉप स्पीड 120 किमी प्रति घंटा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ के दौरान इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह न केवल हैवी बुलेट से बचाती है बल्कि ग्रेनेड के धमाके को भी आसानी से झेल सकती है।
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Mahindra 6x6 mpv - फोटो : for Reference Only

महिंद्रा माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल

भारतीय सुरक्षा बल टाटा एमपीवी के अलावा महिंद्रा एमपीवी भी इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसे महिंद्रा एंड महिंद्रा एंड डिफेंस लैंड सिस्टम ने बनाया है। इस खास वाहन को आतंकवाद विरोधी और नक्सल विरोधी अभियानों में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें 18 लोगों के बैठने की क्षमता है और 14 किग्रा का विस्फोट सह सकता है।
 
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mahindra armoured meva straton plus - फोटो : For Refernce Only

महिंद्रा MEVA Straton Plus

महिंद्रा ने फोर्ड के साथ मिल कर इस वाहन को बनाया है। इसमें फोर्ड का F550 6.7 लीटर टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन लगा है, जो 300 बीएचपी की पावर और 894 एनएम का टॉर्क देता है। महिंद्रा ने इस वाहन के वैरिएंट बनाए हैं। यह लाइट ऑर्म्ड व्हीकल (LAV) और लाइट टेक्टिकल व्हीकल (LTV) वर्जन के साथ आता है। इसमें 12 लोगों को ले जाने की क्षमता है। इसमें अलग से सीट बेल्ट्स और केबिन एसी के साथ टायर इंफ्लेशन सिस्टम और हैवी ड्यूटी सस्पेंशन फीचर मिलता है। जरूरत पड़ने पर इसके माउंट पर हैवी मशीनगन या ग्रेनेड लॉन्च लगाया जा सकता है।
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Ashok Leyland Medium Bullet Proof Vehicle - फोटो : For Refernce Only

अशोक लेलैंड मीडियम बुलेट प्रूफ व्हीकल (एमबीपीवी)

अशोक लैलेंड के इस सैन्य सुरक्षा वाहन का इस्तेमाल रेड कॉरिडोर्स के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। यह 10x10 व्हीकल है और अपनी बेहतरीन बैलिस्टिक और ब्लास्ट प्रोटेक्शन फीचर के चलते यह आठ किग्रा का टीएनटी विस्फोटक सहने की क्षमता रखती है। सीआरपीएफ और पंजाब पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस स्पेशल ऑपरेशन में इसका इस्तेमाल करती है। इसमें 360-डिग्री PTZ कैमरा लगा है, जो सर्विलांस के साथ एक घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर सकता है। इसमें 10 लोग सफर कर सकते हैं और यह HVAC एयर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के साथ आती है।
 

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Tata MPV - फोटो : For Refernce Only

टाटा एमपीवी

टाटा एमपीवी से आप मल्टी पर्पज व्हीकल होने की भूल न समझ लेना। इसका पूरा नाम है टाटा माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल। इसे सबसे पहले डिफेंस एक्सपो 2010 में पेश किया गया था। इसमें एक साथ 12 लोग बैठ सकते हैं। इसमें एयर कंडीशनिंग सिस्टम दिया गया है। इसके रूफ माउंटेड टुरेट पर हैवी मशीनगन लगाई जा सकती है। 4×4 क्षमता के साथ आने वाले यह एमपीवी बुलेट, लैंड माइन, एके 47 की गोलियां और 7.62 एमएम की गोलियां और ग्रेनेड झेलने की क्षमता से लैस है। 21 किग्रा तक का टीएनटी ब्लास्ट झेलने की इसकी क्षमता है। इसमें 242 बीएचपी की पावर वाला 6-स्पीड ट्रांसमिशन के साथ डीजल इंजन लगा है, जो 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार देता है। यह किसी भी तरह के इलाके में काम करने में सक्षम है। मुठभेड़ के दौरान सैन्यबल अकसर इसका इस्तेमाल करते हैं।
 

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DRDO-Tata WhAP - फोटो : Tata Motors (For Reference Only)

टाटा केस्ट्रल (WhAP)

भारत-चीन सीमा विवाद के बीच इस वाहन की बेहद उपयोगिता है। क्योंकि यह वाहन जल और थल दोनों जगह चल सकता है और एंफीबियस कैटेगरी का है। लद्दाख जैसे हाई एल्टीट्यूड वाले इलाके में यह बेहद उपयोगी है। टाटा मोटर्स की डिफेंस डिविजन, DRDO और यूके की फर्म सुपाकैट ने मिल कर इस वाहन को बनाया है। इसे टाटा-डीआरडीओ व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म या WhAP पर बनाया गया है। (WhAP = Kestrel + BMP-2)। हल्का वजन और ज्यादा विध्वंसक क्षमता इसकी खूबी है। इसका अमेरिकी स्ट्राइकर और हमवी जैसी गाड़ियों से है। इसका वजन मात्र 25 टन है, जबकि एक टी-72 या टी-92 जैसे मेन बैटल टैंक का वजन 70 टन तक होता है। 2014 के डिफेंस एक्सपो में इसने सभी का ध्यान खींचा था, वहीं 2016 के डिफेंस एक्सपो में इसका नाम WhAP कर दिया। 8x8 या 8-व्हील ड्राइव वाले इस वाहन में 600 बीएचपी की क्षमता वाला टर्बो डीजल इंजन लगा है। इसकी टॉप स्पीड 100 किमी प्रति घंटा है। इसमें एक साथ 12 लोग बैठ सकते हैं। इसके अलावा इसमें एंटी माइन और IED प्रोटेक्शन के एक खास फीचर दिया है। ऐसी स्थिति में यह फ्लैट टायर पर भी चल सकता है। दस हजार किमी तक इसके टायर या पहियों की सर्विसिंग करने की जरूरत नहीं पड़ती है, जबकि एक टैंक को प्रत्येक 500 किमी बाद आवश्यकता होती है।   
 
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BEML GAUR - फोटो : For Refernce Only

BEML Gaur

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में भारत में बने इस मीडियम बुलेट प्रूफ व्हीकल (MBPV)- MK II GAUR को लॉन्च किया है। इसे भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड ने बनाया है। इसे इस साल डिफेंस एक्सपो में भी पेश किया गया था। इसे नाटो के STANAG लेवल-2 प्रोटेक्शन मानकों के तहत भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह 7.62X51 एमएम, हैंड ग्रेनेड को सह सकता है। इसकी खासियत है कि यह नाइट विजन कैमरे से लैस है, इसमें ब्लास्ट रजिस्टेंस सीट, फुली ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, जीपीएस नेविगेशन, रेडियो टेलीकम्यूनिकेशन सिस्टम, सेंट्रल टायर इंफ्लेशन सिस्टम लगा है। यह फ्लैट टायर्स पर दौड़ लगा सकती है। इसमें एक साथ 10 लोग बैठ सकते हैं और यह 4X4 व्हील ड्राइव सिस्टम से लैस है। खास बात यह है कि यह 1000 एमंएम तक पानी में भी तैर सकती है। इसकी टॉप स्पीड 80 किमी प्रति घंटा है। इसमें फ्यूल एफिशियंट बीएस3 वाटर कूल्ड 220 आरपीएम पर 235 kW की पावर वाला इंजन लगा है।    
 
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