Electric Car Charging
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कैसी है यह नई तकनीक?
हुआवेई की इस बैटरी में नाइट्रोजन-डोप्ड सल्फाइड इलेक्ट्रोड का इस्तेमाल किया गया है। जिससे समय के साथ बैटरी की क्षमता घटने की समस्या को कम किया जा सके। कंपनी का दावा है कि ये सेल 400 से 500 Wh/kg तक की एनर्जी डेंसिटी दे सकती है। जो मौजूदा लिथियम-आयन बैटरियों के मुकबले करीब तीन गुना ज्यादा है।
सिद्धांत रूप में देखें तो इतनी ज्यादा डेंसिटी वाली बैटरी एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक कार को एक बार चार्ज में लगभग 3,000 किलोमीटर तक चला सकती है। हालांकि, यह आंकड़ा चीन की CLTC टेस्टिंग पर आधारित है, जो आम तौर पर बहुत ही आशावादी होती है। अगर इसे अमेरिका के EPA जैसे सख्त मानकों से आंका जाए, तो रेंज घटकर लगभग 2,000 किलोमीटर रह जाती है। लेकिन ये भी आज की ज्यादातर ईवी से कहीं आगे है।
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