फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM E-Drive: सरकार ने शुरू की पीएम ई-ड्राइव सब्सिडी योजना, केंद्रीय मंत्री ने वाहन निर्माताओं को दी खास हिदायत

Tue, 01 Oct 2024 07:55 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
Okinawa Electric Scooter - फोटो : Okinawa Scooters
सरकार ने मंगलवार को 10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना शुरू की। इसका उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना और ईवी मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करना है। यह योजना 1 अक्तूबर, 2024 से 31 मार्च, 2026 तक लागू रहेगी। 
विज्ञापन

2 of 5
Ola Electric Scooter - फोटो : PTI
1 अप्रैल, 2024 से 30 सितंबर, 2024 की अवधि के लिए कार्यान्वित की जा रही EMPS-2024 (ईएमपीएस-2024) (इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम) को पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत शामिल किया जा रहा है। 

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सब्सिडी बैटरी पावर के आधार पर 5,000 रुपये प्रति किलोवाट घंटा तय की गई है। लेकिन पहले वर्ष में कुल इंसेंटिव 10,000 रुपये से ज्यादा नहीं होगा। दूसरे वर्ष में इसे आधा करके 2,500 रुपये प्रति किलोवाट घंटा कर दिया जाएगा और कुल लाभ 5,000 रुपये से ज्यादा नहीं होगा।
विज्ञापन

3 of 5
Okinawa Electric Scooter - फोटो : Okinawa Scooters
केंद्रीय मंत्री ने की यह अपील
केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने मंगलवार को लॉन्च की गई पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इंसेंटिव (प्रोत्साहनों) का लाभ उठाते समय वाहन निर्माताओं से दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि फेम-2 योजना की तरह विवाद की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। 

भारी उद्योग मंत्री की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि FAME-II (फेम-2) (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) योजना के दूसरे चरण में कुछ कंपनियों द्वारा नियमों का उल्लंघन करके वित्तीय प्रोत्साहन (फाइनेंशियल इंसेंटिव) हासिल करने के आरोप लगे थे। 

4 of 5
Simple One Electric Scooter - फोटो : Simple One
FAME-II विनियमों ने भारत में निर्मित कंपोनेंट्स का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन की अनुमति दी। हालांकि, भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा की गई जांच से पता चला था कि कुछ कंपनियों ने कथित तौर पर आयातित घटकों का इस्तेमाल किया था। 

मंत्रालय ने गुमनाम ईमेल मिलने के बाद जांच की। जिसमें आरोप लगाया गया था कि कई ईवी निर्माता इलेक्ट्रिक वाहनों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए चरणबद्ध विनिर्माण योजना (पीएमपी) नियमों का पालन किए बिना सब्सिडी का दावा कर रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Ampere Nexus Electric Scooter - फोटो : Greaves Electric
कुमारस्वामी ने कहा, "आखिर में मैं अपने निर्माताओं से अनुरोध करता हूं क्योंकि फेम 2 योजना में निर्माताओं और हमारे मंत्रालय के बीच कुछ मतभेद हैं क्योंकि 2-3 निर्माता योजना के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं... कुछ मतभेद, कुछ विवाद, वास्तव में हर रोज वे हमारे मंत्रालय को अपना प्रतिनिधित्व दे रहे हैं।" 

पीएम ई-ड्राइव के शुभारंभ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मेरा सभी निर्माताओं से व्यक्तिगत अनुरोध है, मैं विवाद या किसी मतभेद की कोई गुंजाइश नहीं देना चाहता... हमने जो भी दिशा-निर्देश लागू किए हैं, कृपया उनका पालन करें।" 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें