सुजुकी मोटर ने अपनी पहली फ्लाइंग कार का निर्माण शुरू कर दिया है। इसे जनवरी में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात सम्मिट के दौरान मारुति सुजुकी ने अपने पैवेलियन में प्रदर्शित किया था। पूरी तरह से इलेक्ट्रिक और ऑटोनॉमस Skycar (स्काईकार) को जापान स्थित फ्लाइंग कार स्टार्टअप स्काईड्राइव के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है। यह स्टार्टअप इवाता शहर में स्थित सुजुकी की विशाल उत्पादन इकाई का इस्तेमाल कर रहा है। शहरी क्षेत्रों में हवाई टैक्सी के रूप में काम करने वाली फ्लाइंग कार को विकसित करने के लिए सुजुकी और स्काईड्राइव ने पिछले साल अक्तूबर में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
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SkyDrive Flying Car
- फोटो : ANI
भारत में इस साल की शुरुआत में प्रदर्शित फ्लाइंग कार उस मॉडल का प्रोटोटाइप वर्जन है। जिसे इस समय सुजुकी जापान के अपने प्लांट में बना रही है। स्काईकार इमारतों की छतों से उड़ान भर सकती है और उतर सकती है। यह ऑटोनॉमस फीचर्स के साथ भी आती है। फ्लाइंग कार के प्रोडक्शन वर्जन को 2025 में जापान के ओसाका में होने वाले एक एक्सपो में प्रदर्शित किए जाने की उम्मीद है। उत्पादन शुरू होने से पहले इस महीने की शुरुआत में जापान के सुजुकी प्लांट में एक भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था।
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SkyDrive Flying Car
- फोटो : Twitter/@Skydrive_Global
यह परियोजना 2030 तक कार्बन न्यूट्रलिटी हासिल करने के लिए सुजुकी की पहल का हिस्सा है। सुजुकी हर साल ऐसे 100 मॉडल तक के उत्पादन क्षमता के साथ एयर मोबिलिटी (हवाई गतिशीलता) को व्यवहारिक बनाने के लिए काम कर रही है। फ्लाइंग कार की रेंज 15 मिनट है जिसके दौरान यह लगभग 15 किमी की यात्रा करने का वादा करती है। स्काईकार में दो यात्रियों को ले जाने की क्षमता होगी। यह 12 मोटरों और रोटरों की मदद से उड़ान भरती है। फ्लाइंग कार की टॉप स्पीड लगभग 100 किमी प्रति घंटा है। कंपनी 2031 तक एक बड़ी और बेहतर फ्लाइंग कार बनाने की योजना बना रही है, जो तीन यात्रियों को ले जा सकेगी और 40 किमी की रेंज देगी।
SkyDrive Flying Car
- फोटो : Twitter/@Skydrive_Global
सुजुकी भारत में भी फ्लाइंग कारों को लाने का लक्ष्य रखती है। कंपनी ने हाल ही में अपने फ्लाइंग वाहन के संयुक्त विकास के लिए भारत स्थित Cyient (सियेन्ट) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों के बीच हुए इस समझौता से जापान स्थित फ्लाइंग कार निर्माता भारत में टैलेंट और टेक्नोलॉजी के इंजीनियरिंग इकोसिस्टम का फायदा उठा सकेगा। हालांकि, भारत में पहली फ्लाइंग कार कब देखने को मिलेगी, इसकी कोई तय समयसीमा का खुलासा नहीं हुआ है।