Electric Vehicles FAME 3 Subsidy News: इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से अपनाने और निर्माण का दूसरा चरण, जिसे आमतौर पर फेम 2 योजना के रूप में जाना जाता है, 2019 से तीन साल तक प्रभावी रहने के बाद 31 मार्च 2024 को खत्म हो गया। एएनआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और उपभोक्ताओं को योजना के तहत कुल 11,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की है। अब, भारत सरकार द्वारा इस साल जुलाई में पेश किए जाने वाले मुख्य केंद्रीय बजट में योजना के तीसरे चरण या फेम 3 की घोषणा करने की उम्मीद है।
फेम 2 योजना
फेम 2 योजना को 2019 में भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की कोशिश में 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ तीन साल के लिए शुरू किया गया था। इस योजना का मकसद इंडस्ट्री की मांग और आपूर्ति दोनों पक्षों को बढ़ावा देने के लिए ईवी निर्माताओं और उपभोक्ताओं को इंसेंटिव और सब्सिडी प्रदान करना था।
विज्ञापन
2 of 6
Electric Scooter
- फोटो : For Reference Only
फेम 2 योजना में 7,000 इलेक्ट्रिक बसों, पांच लाख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों, 55,000 इलेक्ट्रिक कारों और 10 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को समर्थन देने का लक्ष्य रखा गया था। बाद में इस योजना का विस्तार किया गया। सरकार ने इस योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये और आवंटित किए। इस योजना के तहत 30 मार्च 2024 तक कुल 15,42,452 इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी दी गई है। जिसमें 13,64,929 दोपहिया, 157,171 तिपहिया और 20,352 चार पहिया शामिल हैं।
एएनआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन बनाने के लिए फेम 2 योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी टाटा मोटर्स था। और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए ओला इलेक्ट्रिक सबसे बड़ा लाभार्थी था। फेम 2 योजना के तहत कुल 221 विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन लाभान्वित हुए हैं। वर्ष 2023-24 में, फेम 2 के लिए बजट आवंटन 5,171.97 करोड़ रुपये था।
विज्ञापन
3 of 6
Electric Car
- फोटो : For Reference Only
फेम 3 योजना
फेम 2 योजना के तहत सब्सिडी ने भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को काफी मदद की है। जहां सब्सिडी ने कंज्यूमर की मांग को बढ़ावा देने में मदद की है। वहीं इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए दिए गए प्रोत्साहनों ने ईवी इको सिस्टम के विकास में मदद की है। जिसमें वाहन उत्पादन और संख्या में बढ़ोतरी, चार्जिंग बुनियादी ढांचा आदि शामिल हैं।
अब, इस साल की शुरुआत में इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए, अंतरिम बजट के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फेम 3 योजना के लिए 2671.33 करोड़ रुपये आवंटित किए। हालांकि, उन्होंने योजना के डिटेल्स का एलान नहीं किया। आगामी संसदीय चुनाव के बाद बनने वाली नई सरकार के तहत इस साल जुलाई में मुख्य केंद्रीय बजट के दौरान योजना की विस्तार से घोषणा किए जाने की संभावना है।
4 of 6
Electric Three-wheeler
- फोटो : For Reference Only
फेम 3 योजनाः क्या उम्मीद की जाए
जबकि फेम 3 योजना के डिटेल्स की घोषणा की जानी बाकी है, अंतरिम बजट के दौरान इसके लिए 2,671.33 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन वित्त वर्ष 2023-24 के आवंटन से लगभग 44 प्रतिशत कम है। हालांकि, उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार इस राशि को मुख्य बजट में बढ़ाएगी, जिसकी घोषणा इस साल जुलाई में की जानी है। केंद्रीय बजट में फेम योजना के तीसरे चरण के लिए 10,000-12,000 करोड़ रुपये अलग रखे जा सकते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
Tesla Roadster
- फोटो : Tesla
इससे पहले 15 मार्च 2024 को, भारत सरकार ने वैश्विक ईवी निर्माताओं को आकर्षित करने के प्रयास में कम सीमा शुल्क पर देश में इलेक्ट्रिक कारों के सीमित आयात की घोषणा की थी। यह लाभ लेने वाली वाहन कंपनियों को तीन वर्षों में देश में मैन्युफेक्चरिंग प्लांट (विनिर्माण सुविधाएं) स्थापित करनी होंगी और पांच वर्षों के भीतर 50 प्रतिशत स्थानीयकरण स्तर हासिल करना होगा। फेम 3 योजना में घोषित की जाने वाली नीति के बारे में ज्यादा जानकारी की अपेक्षा करें।
फेम 3 योजना बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक ट्रकों के विकास और अपनाने पर जोर देगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी को अब तक की पेशकश की गई राशि की तुलना में कम किया जा सकता है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के बावजूद, ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी की रफ्तार उपभोक्ताओं के साथ-साथ निर्माताओं के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। फेम 3 योजना इस पर भी विशेष जोर दे सकती है।