हर साल की तरह इस बार भी मानसून अपने साथ न सिर्फ ठंडक और राहत लाया है, बल्कि कई तरह की मुश्किलें भी खड़ी हो जाती हैं, खासतौर पर गाड़ी चलाने वालों के लिए।
हर साल की तरह इस बार भी मानसून अपने साथ न सिर्फ ठंडक और राहत लाया है, बल्कि कई तरह की मुश्किलें भी खड़ी हो जाती हैं, खासतौर पर गाड़ी चलाने वालों के लिए। उत्तर भारत के कई इलाकों में हाल ही में हुई जबरदस्त बारिश ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि बारिश में गाड़ी चलाना सिर्फ पानी से भरी सड़कों से गुजरने की बात नहीं है, बल्कि यह किसी चुनौती से कम नहीं होता। ट्रैफिक जाम, खराब गाड़ियां, गड्ढों में छुपे खतरे, इन सबसे बचने के लिए सिर्फ अच्छी वाइपर या तेजी से गाड़ी चलाना काफी नहीं है। आइए जानते हैं वे 10 जरूरी बातें जो बारिश में आपकी और आपकी गाड़ी की बड़ी मदद कर सकती हैं।
गाड़ी चलाते वक्त हेजार्ड लाइट का इस्तेमाल न करें
बारिश शुरू होते ही कई लोग हेजार्ड लाइट ऑन कर देते हैं। लेकिन ये लाइट सिर्फ इमरजेंसी में इस्तेमाल के लिए होती हैं। जैसे गाड़ी खराब होने पर सड़क किनारे खड़ी हो। गाड़ी चलाते वक्त इनका इस्तेमाल पीछे आने वाले ड्राइवर को भ्रमित कर सकता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। कम रोशनी में हेडलाइट और फॉग लैंप का इस्तेमाल करें।
पानी से भरी सड़कों से बचें
अगर सड़क पर पानी जमा है, तो यह सोचकर मत चलिए कि सामने वाला चला गया तो आप भी निकल जाएंगे। कई बार पानी इंजन में या एग्जॉस्ट पाइप में घुस जाता है और गाड़ी बीच में ही बंद हो जाती है। अगर पानी की गहराई का अंदाजा नहीं है, तो उस रास्ते से न जाएं या कोई दूसरा रास्ता लें।
डूब चुकी गाड़ी को स्टार्ट न करें
अगर आपकी गाड़ी कहीं खड़ी थी और वह पानी में डूब गई है, तो सबसे बड़ी गलती होगी उसे स्टार्ट करने की कोशिश करना। इससे इंजन में पानी चला जाता है और गाड़ी को हाइड्रोलॉक हो सकता है, जिससे पूरा इंजन खराब हो सकता है। ऐसी स्थिति में मदद का इंतजार करें या टो सर्विस को कॉल करें।
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car rain
- फोटो : Adobe Stock
एक ग्लास ब्रेकर हथौड़ा रखें
ये बात फिल्मी लग सकती है, लेकिन ये छोटा सा उपकरण जान बचा सकता है। अगर गाड़ी पानी में डूब रही हो या लॉक हो जाए, तो ग्लास ब्रेकर से शीशा तोड़कर बाहर निकलना संभव है। इसे ड्राइवर सीट के पास कहीं सुरक्षित रखें।
टायर का ट्रैड 3mm से कम न होने दें
मानसून में टायर की पकड़ सबसे अहम होती है। पुराने या घिसे टायर पानी में फिसल सकते हैं और गाड़ी का संतुलन बिगाड़ सकते हैं। टायर की ट्रैड गहराई कम से कम 3 मिमी होनी चाहिए। अगर टायर पर क्रैक या घिसाव है, तो फौरन बदलवाएं।
वाइपर और वॉशर फ्लूइड की जांच करें
बारिश में साफ नजरिया सबसे जरूरी चीज होती है। पुराने वाइपर ब्लेड धुंध या लकीरें छोड़ सकते हैं जिससे आपकी विजिबिलिटी कम हो सकती है। समय रहते वाइपर बदलवाएं और विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड भी भरवा लें, ताकि गंदगी साफ की जा सके।
शीशों पर फॉग जमने से रोकें
बारिश के मौसम में अंदर और बाहर के तापमान में फर्क होता है जिससे शीशे पर फॉग जम जाती है। सीधे एयर ब्लोअर चलाने से यह और बढ़ सकती है। इसके बजाय डिफॉगर मोड या एसी को रीसर्कुलेशन मोड पर चलाएं। साथ ही विंडशील्ड को साफ रखें।
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बारिश के बाद जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
गाड़ी में पानी की बोतल और कुछ खाना रखें
मानसून के ट्रैफिक जाम का शिकार कभी भी कोई भी बन सकता है। अगर आपने गाड़ी में पानी की बोतलें और कुछ सूखे स्नैक्स रखे हैं, तो घंटों के जाम में भी आप कम से कम भूखे-प्यासे नहीं रहेंगे। यह छोटी सी तैयारी आपका दिन बना सकती है।
पेड़ों के नीचे गाड़ी न लगाएं, सनरूफ की जांच करें
बारिश में पेड़ों के नीचे गाड़ी लगाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि तेज हवा में शाखाएं टूट सकती हैं या पूरा पेड़ गिर सकता है। अगर आपकी गाड़ी में सनरूफ है, तो हर बारिश के बाद उसकी जांच जरूर करें। सनरूफ की ड्रेनेज पाइप्स बंद होने या लीक होने से पानी अंदर आ सकता है।
इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स हमेशा साथ रखें
चाहे आपकी गाड़ी नई हो या पुरानी, मानसून में कुछ भी हो सकता है। इंश्योरेंस, रोड साइड असिस्टेंस (RSA), टो सर्विस और सर्विस सेंटर के नंबर फोन में सेव रखें। लंबी दूरी पर जा रहे हों, तो अपने रूट की जानकारी किसी परिवार वाले से शेयर करें और एक पावर बैंक जरूर साथ रखें।