दिल्ली परिवहन विभाग ने वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना शहर में चलने वाले वाहनों का पता लगाने के लिए विशेष कैमरे लगाए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) (पीयूसीसी) के बिना वाहन चलाने वाले वाहन मालिकों को दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा नोटिस भेजा जाएगा, यदि उनके वाहन दिल्ली में चार अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए स्पेशल नंबर प्लेट रीडर कैमरों द्वारा पहचान लिए जाते हैं।
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PUC Certificate
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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये स्पेशल नंबरप्लेट रीडिंग कैमरे राजधानी के रणनीतिक स्थानों में एक पायलट प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में लगाए गए हैं। दिल्ली परिवहन विभाग ने कथित तौर पर शहर के चार ईंधन भरने वाले स्टेशनों पर एक वैध पीयूसीसी वैलिडिटी वेरिफिकेशन सिस्टम (वैधता सत्यापन प्रणाली) स्थापित की है। कथित तौर पर ये कैमरे मॉडल टाउन, शास्त्री नगर, मॉल रोड और शाहदरा में ईंधन भरने वाले स्टेशनों पर लगाए गए हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि ये विशेष कैमरे वाहनों की नंबर प्लेटों को पढ़ सकते हैं और पंजीकरण संख्या रिकॉर्ड करने के बाद वाहन के डिटेल्स को अपने डेटाबेस से मिलाते हैं। यदि यह पाया जाता है कि वाहन वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना चल रहा है, तो वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को चिह्नित कर लिया जाएगा और उस वाहन के मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।
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एक अधिकारी ने बताया, "ये कैमरे नंबर प्लेट को स्कैन करके यह पता लगा सकते हैं कि किसी वाहन में वैध पीयूसीसी है या नहीं। यह ईंधन स्टेशनों पर चार प्रदूषण जांच केंद्रों पर दो महीने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में, इन जगहों पर ऐसे 60 प्रतिशत वाहनों का पता चला है जो बिना वैध पीयूसीसी के चल रहे हैं।"
रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि दिल्ली में लगभग 23 लाख वाहन बिना वैध पीयूसीसी के हैं। अधिकारी ने कथित तौर पर कहा, "ऐसे सभी वाहनों के मालिकों को नोटिस भेजना मुश्किल है। हम लोगों को वैध पीयूसीसी हासिल करने के लिए एसएमएस भेज रहे हैं।" रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वायु प्रदूषण के मौसम की शुरुआत के साथ, दिल्ली परिवहन विभाग ने जांच करने के लिए एनफोर्समेंट (प्रवर्तन) टीमों को तैनात किया है, जबकि वाहन मालिकों को वैध पीयूसीसी हासिल करने के लिए संदेश भी दिए जा रहे हैं।