मैदानी इलाकों से सीधे लेह तक बाइक चलाना या कार चलाना एक अद्भुत अनुभव होता है। रास्ते के नजारे और आवाजें मनमोहक होती हैं, खासकर तब जब पहाड़ी क्षेत्र शुरू होते हैं। और इस बात का भी फायदा है कि 1,000 किलोमीटर की यात्रा को अपनी जरूरत के हिसाब से तय किया जा सकता है। लेकिन यह वास्तव में हर किसी के लिए नहीं है क्योंकि सिर्फ ईंधन पर ही बहुत ज्यादा खर्च हो जाता है। और अगर सही तरीके से ब्रेक न लिया जाए तो यात्रा का समय सिंगल राइडर या ड्राइवर को थका सकता है। लेकिन अब आपके पास एक किफायती विकल्प भी है। अगर आप हरियाणा रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HRTC) द्वारा शुरू की गई बस सर्विस का इस्तेमाल करना चुनते हैं।
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Pangong Lake in Leh-Ladakh
- फोटो : Leh.nic.in
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, HRTC ने हाल ही में दिल्ली और लेह के बीच केलांग के रास्ते एक सीधी सेवा शुरू की है। जिसमें 33 घंटे लग सकते हैं, लेकिन बजट को ध्यान में रखने वाले यात्रियों के लिए यह जेब पर भारी नहीं पड़ेगा। एक कार को सामान्य रूप से इस दूरी को तय करने के लिए 21 घंटे लगातार चलना पड़ता है। जबकि 37 सीटों वाली बस दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर तक जाती है जहां ड्राइवर बदल जाता है। यहां से बस केलांग जाती है जहां एक बार फिर ड्राइवर बदलता है। लेकिन पहले की तरह, केलांग में रात का कोई ठहराव नहीं है।
राष्ट्रीय राजधानी और केलांग के बीच की कुल दूरी भी - चंडीगढ़, मंडी और मनाली के रास्ते - अटल टनल के खुलने के बाद 981 किमी तक कम हो गई है। जो लगभग 74 किमी की यात्रा बचाती है।
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लेह-दिल्ली बस सेवा शुरू
- फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि बस सेवा नियमित रूप से चलती है। जिसमें एक बस दिल्ली से शुरू होती है और दूसरी लेह से दिल्ली की ओर आती है। बस में एक टिकट की कीमत 1,657 रुपये तय की गई है।
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Leh City
- फोटो : Leh.nic.in
पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया
HRTC अधिकारियों का दावा है कि दिल्ली और लेह के बीच नई बस सेवा को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। साथ ही प्रतिदिन लगभग 1.23 लाख रुपये की कमाई हो रही है। उनके अनुसार, यह सेवा कुल्लू और लाहौल और स्पीति जिलों में पर्यटन को और बढ़ावा देने की क्षमता रखती है। लेकिन यह न सिर्फ मैदानी इलाकों के पर्यटकों के लिए बल्कि स्थानीय लोगों, मजदूरों और साथ ही सेना के जवानों को भी फायदा पहुंचा सकता है।