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कार के कौन सी CNG किट है बेस्ट, कंपनी फिटेड या आफ्टरमार्केट, यहां पढ़ें पूरी जानकारी

Tue, 03 Mar 2020 11:25 AM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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CNG mechanic - फोटो : DNA
देश में सीएनजी कारें खासी पॉपुलर हैं। इसकी वजह है कि तेल की बढ़ती कीमतें। जिसके चलते ग्राहक सीएनजी गाड़ियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पेट्रोल के मुकाबले सीएनजी न केवल सस्ती है, बल्कि 40 फीसदी ज्यादा माइलेज भी देती है। वहीं कुछ लोग पैसे बचाने के लिए कंपनी फिटेड सीएनजी गाड़ी लेने की बजाय आफ्टर मार्केट सीएनजी लगवा लेते हैं। आइए जानते हैं आफ्टर मार्केट या कंपनी फिटेड में कौन है बेस्ट...
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CNG CYlender

कितने प्रकार की सीएनजी किट

सीएनजी किट दो तरह की होती है पहली वेंचुरी सीएनजी किट और दूसरी सिक्वेंशियल सीएनजी किट।

वेंचुरी सीएनजी किट

ये सीएनजी किट का शुरुआती वर्जन है, यानी कि सीएनजी किट का सिंपल वर्जन है, जो बाई-फ्यूल सिस्टम पर काम करता है। इस किट में न तो सेंसर होते हैं और न ही ईसीयू (इंजन कंट्रोल यूनिट) होता है। यह किट एक सीमित मात्रा में गैस को इंजन में भेजती है, यह मात्रा थ्रॉटल पर निर्भर करती है।

सिक्वेंशियल सीएनजी किट

यह सबसे आधुनिक सीएनजी किट है, जो आजकल की गाड़ियों में इस्तेमाल की जा रही है। इस किट की खासियत यह है कि इसमें लेटेस्ट सेंसर और ईसीयू लगा होता है। इसमें गैस इंजेक्टर्स को मौजूदा फ्यूल इंजेक्टर्स के साथ जोड़ा जाता है। साथ ही सीएनजी के लिए लगा विशेष ईसीयू गैस की मात्रा को नियंत्रित करता है। जैसे कि पेट्रोल के लिए लगा ईसीयू पेट्रोल की मात्रा को कंट्रोल करता है।
 
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CNG KIT SERVICE

दोनों सीएनजी किट में क्या है अंतर

  • दोनों में किट में विशेष अंतर सेंसर्स और ईसीयू का होता है।
  • ईसीयू से इंजन को जरूरत के मुताबिक गैस पहुंचती है, जो सिक्वेंशियल किट की खासियत है।
  • वहीं परंपरगत किट बिना ईसीयू के होती है, जिसमें गैस की मात्रा को कंट्रोल करने के लिए कुछ नहीं होता है।
  • वहीं सिक्वेंशनल सीएनजी किट सुरक्षित होती है, क्योंकि इसमें अलग से एक कंप्यूटर होता है।

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cng station - फोटो : अमर उजाला

क्या इंजन के लिए नुकसानदेह है सीएनजी

आमतौर पर लोग मानते हैं कि सीएनजी किट का लंबे वक्त तक इस्तेमाल इंजन के लिए हानिकारक है। असल में यह कंफ्यूजन बाहर बैठे डीलर्स फैलाते हैं। जबर आप फैक्टरी फिटेड सीएनजी कार खरीदने के लिए डीलर के पास जाते हैं तो वह आपसे पेट्रोल मॉडल के मुकाबले ज्यादा रकम वसूलता है। वहीं जब सीएनजी किट वाली कार बेचने जाते हैं, तो डीलर का तर्क होता है कि इंजन में जान ही नहीं बची है, सीएनजी गैस से इंजन के पार्ट्स ड्राई हो जाते हैं और जल्दी घिसते हैं। लेकिन ऐसा कतई नहीं है। सीएनजी टेस्टेड है और बेहद सस्ती पड़ती है। मारुति और ह्यूंदै समेत कई कार कंपनियां अपने पेट्रोल वाहनों को सीएनजी किट के साथ उतार चुकी हैं। अकेले मारुति ही सिलेरियो, वैगन आर, अर्टिगा, एस-प्रेसो, ऑल्टो, डिजायर और इको को सीएनजी किट के साथ बेचती है। ओला और ऊबर की सभी गाड़ियां सीएनजी पर चलती हैं। इसलिए इंजन वाली बात एक मिथक है, सच्चाई नहीं है।
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CNG kit - फोटो : google

कौन सी है बेहतर, कंपनी फिटेड या आफ्टरमार्केट                   

यह एक आम सवाल है। लोग नई कार लेने से पहले सोचते हैं कि वे नई कार खरीदते वक्त सोचते हैं कि सीएनजी बाहर से लगवा लेंगे। हालांकि बाहर से लगवाने का एक ही फायदा नजर है और वो है कम कीमत। मारुति की कारें S-CNG टेक्नोलॉजी के साथ आती हैं। मारुति का दावा है कि उनकी फैक्टरी फिटेड सीएनजी न केवल ज्यादा माइलेज देती है, बल्कि सुरक्षित और सस्ती भी है। वहीं बाहर से लगने वाली किट अप्रशिक्षित मैकेनिक लगाते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरा है, वहीं कंपनी की किट टेस्टेड होती हैं और सीएनजी किट के वजन का कंपनी उचित प्रबंधन करती है, जिससे पिकअप भी ठीक रहता है और ग्राउंड क्लीरेंस भी ठीक रहता है। Lovato, Tomasetto Achille और BRC जैसी कंपनियां सीएनजी किट बना रही हैं।  
 
बात करें कीमतों की तो पेट्रोल मॉडल के मुकाबले कंपनी फिटेड किट 60 से 70 हजार रुपये तक महंगी होती हैं, वहीं आफ्टर मार्केट किट की कीमत 40 से 50 हजार रुपये तक होती है। कंपनी अपनी किट पर पांच साल तक की वारंटी भी देती है। जबकि बाहर से किट लगाने पर गाड़ी की वारंटी खत्म हो जाती है। वहीं कंपनी उसकी लगातार सर्विस भी करती है। अगर आप पुरानी गाड़ी में सीएनजी किट लगवाना चाहते हैं, तो आफ्टर मार्केट किट का रुख कर सकते हैं। क्योंकि तब तक आपकी कार की ऑरिजनल वारंटी भी खत्म हो जाती है और कंपनी को कोई दिक्कत भी नहीं होती है।    
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Maruti Suzuki CNG - फोटो : Maruti suzuki

क्या सीएनजी किट सुरक्षित है

वहीं लोगों का बड़ा सवाल होता है कि क्या सीएनजी किट सुरक्षित होती है। जी हैं सीएनजी किट बेहद सुरक्षित हैं। इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि सीएनजी को जलने के लिए 649 डिग्री तापमान की जरूरत होती है। वहीं पेट्रोल मात्र 315 डिग्री तापमान पर जल जाता है। वहीं सीएनजी के मुकाबले अगर पेट्रोल लीकेज होता है तो वह सीएनजी के मुकाबले बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
 
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बंथरा में शुरू हुआ सीएनजी पंप। - फोटो : amar ujala

कितना मिलता है माइलेज

सीएनजी से गाड़ी का माइलेज पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा होता है। लगभग एक किग्रा सीएनजी गैस एक लीटर पेट्रोल के मुकाबले 40 फीसदी ज्यादा माइलेज देती है। वहीं पेट्रोल के मुकाबले कीमत भी कम होती है।
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Indraprashtha Gas Pump - फोटो : File

क्यों खरीदें सीएनजी कार

  • अगर आप रोजाना 70 से 80 किमी तक ड्राइव करते हैं, तो सीएनजी कार का विकल्प चुन सकते हैं।
  • वहीं अगर आपको लग रहा है कि पेट्रोल पर ज्यादा पैसे खर्च कर हो रहे हैं, तो सीएनजी पर जा सकते हैं।
  • अगर आप रोजाना 70-80 किमी चलते हैं तो सीएनजी की लागत आप सालभर में ही निकाल सकते हैं।
  • सीएनजी पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है।
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