चंडीगढ़ नेशनल व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत अपनी पहली डेडिकेटेड व्हीकल स्क्रैपेज फैसिलिटी लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह व्हीकल स्क्रैपेज प्लांट चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र के फेज 1 में स्थित होगा और अगले वर्ष 1 अप्रैल से चालू होने वाला है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों के पास पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहन हैं, वे अपने वाहनों को कबाड़ में देने का विकल्प चुन सकते हैं और उसके बाद स्पेशल इंसेंटिव (विशेष प्रोत्साहन) की उम्मीद कर सकते हैं। रिपोर्ट में राज्य परिवहन प्राधिकरण के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया, "नीति के अनुसार, लाभार्थियों को जमा प्रमाण पत्र जमा करने के बाद नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में रियायत मिलेगी। यह प्रणाम पत्र पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) (आरवीएसएफ) द्वारा वाहन जमा करने पर जारी किया जाएगा।"
विज्ञापन
2 of 5
scrap chauhan
इस नीति के तहत गैर-परिवहन वाहनों पर 25 प्रतिशत तक की रियायत मिल सकती है। जबकि परिवहन वाहन पर 15 प्रतिशत तक की रियायत दी जा सकती है। पॉलिसी का इस्तेमाल करने वाले किसी व्यक्ति को, यदि वे बाद में वाहन खरीदे हैं तो, प्रोत्साहन के तौर पर रोड टैक्स पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
विज्ञापन
3 of 5
scrap
- फोटो : सोशल मीडिया
देश में व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी का मकसद शहर की सड़कों के साथ-साथ राजमार्गों से पुराने और/या प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाना है। इससे वाहन उत्सर्जन के स्तर को कम करने में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। साथ ही संभावित रूप से नए वाहनों की मांग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
4 of 5
For Reference Only
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अगस्त में भारत की वाहन स्क्रैपेज नीति लॉन्च की थी। इस नीति के तहत निजी वाहनों के लिए 20 साल बाद ऑटोमेटेड सेंटर्स में फिटनेस टेस्टिंग से गुजरना अनिवार्य है, जबकि वाणिज्यिक वाहनों की 15 साल बाद टेस्टिंग होगी।
मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के मालिकों को रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने के लिए आठ गुना ज्यादा भुगतान करना होगा। पॉलिसी ने 15 साल से ज्यादा पुरानी कारों के लिए रिन्यूअल फीस के रूप में 5,000 रुपये निर्धारित किया है। इसी तरह, 15 साल पुरानी बाइक के रजिस्ट्रेशन को रिन्यूअल करने की फीस 300 रुपये के मौजूदा फीस की तुलना में 1,000 रुपये होगी।