बगल से जब कोई लंबी कार 150 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरती है, तो आपके मन में विचार नहीं आता कि इतनी स्पीड कैसे। जमाना हाईटेक है और इस जमाने में रोजाना नए प्रयोग हो रहे हैं, जो कारों की दुनिया को और हाईटेक कर रहे हैं। जर्मनी की कार निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू ने अपनी स्पोर्ट्स कंसेप्ट कार 'जीना (जियोमेट्री एंड फंक्शंस इन एडेप्शंस)' का पर्दापण किया, तो अन्य कार निर्माता कंपनियों के साथ-साथ पूरी दुनिया के लोग हैरान रहे गए।
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हाईटेक कार, अब रोज बदलेगा कार का डिजाइन
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BMW GINA
यह एक ऐसी कार है जिसकी शेप और लुक हर रोज बदला जा सकता है। इसकी बॉडी किसी तरह के मेटल या प्लास्टिक की बनी हुई नहीं है बल्कि इसे बनाने में फैब्रिक (खास किस्म के कपड़े) का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से इस कार को मनपसंद लुक देना बेहद आसान है। यह तकनीक पहली बार बीएमडब्ल्यू ने इस्तेमाल की है।
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BMW GINA
फ्लेक्सिबिलिटी तकनीक: बीएमडब्ल्यू ग्रुप के डायरेक्टर ऑफ डिजाइन क्रिस बैंगल के बताते हैं कि जीना को बनाने में फ्लेक्सिबिलिटी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। जीना के एक्सटीरियर और इंटीरियर का हर हिस्सा फ्लेक्सिबल है। इस तकनीक के तहत कार के फैब्रिक स्किन के नीच मूवेबल मेटल वायर्स लगाए गए हैं और इन्ही वायर्स को एडजस्ट करके कार की शेप को बदला सकता है। मेटल फ्रेम एडजस्ट करने के लिए एक बटन दबाना होता है और इलेक्ट्रो-हाइड्रॉलिक डिवाइस यह काम कर देती है। कार का डिजाइन बीएमडब्ल्यू के कैलिफोर्निया स्थित थिंक टैंक स्टूडियो ने दिया है। इसका बोनेट भी शर्ट के बटन और जिप की तरह डिजाइन किया गया है।
हाईटेक कार, अब रोज बदलेगा कार का डिजाइन
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toyota mirai
हाईड्रोजन बेस्ड कार: टोटोटा कंपनी ने हाल ही में हाइड्रोजन बेस्ड कार 'मिराए' की पहली झलक भारत में पेश की है। ड्रॉप ऑफ वॉटर जैसी शेप की यह कार हाइड्रोजन तकनीक से बनी है। इस कार में फ्यूल के रूप में हाइड्रोजन का इस्तेमाल होगा। हाईड्रोजन और ऑक्सीजन फ्यूल सेल मिलकर इलैक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस करें, जिससे यह कार दौड़ेगी। फ्यूल से होने वाले प्रदूषण की वजह से कई अन्य कार कंपनिया हाइड्रोजन तकनीक पर काम कर रही हैं। हाईड्रोजन सेल से चलने वाले वाहन प्रदूषण नहीं करते हैं।
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हाईटेक कार, अब रोज बदलेगा कार का डिजाइन
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renault eolab concept
हाईब्रिड तकनीक: कारों से होने वाले प्रदूषण की वजह से कार निर्माता कंपनियां 'हाईब्रिड तकनीक' पर जोर दे रही हैं। हाईब्रिड कार एक से अधिक फ्यूल सोर्स पर दौड़ती हैं। इसमें एक फ्यूल पेट्रोल या डीजल होता है और एक इलेक्ट्रिक फ्यूल होता है। टोयोटा यारिस, टोयोटा प्रियस, टोयोटा कैमरी, फोर्ड ऐस्केप, होंडा सिविक, मारूति सियाज हाइब्रिड कारें हैं। रेनो कंपनी ने भी 'इओलैब' हाईब्रिड कार लॉन्च की है, जो एक बार टैंक फुल करने पर 3 हजार किलोमीटर तक जाएगी। इसमें पेट्रोल इंजन के अलावा 6.7 किलोवॉट की लीथियम बैटरी है, जिसकी मदद से कार 40 मील की दूरी तय कर सकती है।
सिक्योरिटी : जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) के माध्यम से कारों को सुरक्षा प्रदान करने की तकनीक पिछले कई सालों से लागू है। कई कंपनियां अपनी कारों में जीपीएस इंस्टाल करके देती हैं, जबकि इस तकनीक को यूजर अलग से भी लगवा सकते हैं। लेकिन अगर बात करें मर्सिडीज बेंज मैबेक एस-400 गार्ड कार की तो, यह हाई सिक्योरिटी कार है। अलार्म के अलावा इस कार में कई ऐसे गैजेट लगे हैं, जो सुरक्षा से जुड़े अलर्ट प्रदान करते हैं। साथ ही इस कार में रिक्लाइनिंग सीट के साथ मसाज़ का फीचर भी दिया गया है। यह इतनी स्मार्ट कार है, जो यह पता लगा लेती है कि ड्राइवर थक तो नहीं गया है।