भारत की नई वाहन परीक्षण एजेंसी, Bharat NCAP (भारत एनसीएपी) शुक्रवार, 15 दिसंबर से अपना कामकाज शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ग्लोबल एनसीएपी की तर्ज पर बनाई गई एजेंसी, इस तारीख से वाहनों के पहले सेट की टेस्टिंग करेगी। एजेंसी को आधिकारिक तौर पर अगस्त में भारत के अपने नए वाहन मूल्यांकन कार्यक्रम के रूप में लॉन्च किया गया था। संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, दक्षिण कोरिया और जापान के बाद भारत दुनिया का पांचवां देश है जिसके पास अपनी स्वदेशी कार क्रैश टेस्ट सुविधा है। इससे पहले ग्लोबल एनसीएपी भारत में बनी कारों की टेस्टिंग किया करती थी।
विज्ञापन
2 of 5
Command-and-Control Centre of Bharat NCAP at Central Institute of Road Transport (CIRT) in Pune
- फोटो : Social Media
भारत एनसीएपी की आधिकारिक वेबसाइट डमी टेस्ट के साथ लाइव हो गई है। हालांकि, वेबसाइट पर इस्तेमाल की गई कुछ तस्वीरें इस बात का संकेत देती हैं कि भारत में किन कारों का क्रैश टेस्ट पहले होने की उम्मीद है। इन तस्वीरों के मुताबिक, ऐसा लगता है कि किआ सोनेट और टाटा पंच एजेंसी द्वारा परीक्षण किए जाने वाले वाहनों के पहले सेट में से हैं। हालांकि, इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि भारत एनसीएपी ने वास्तव में इन कारों का परीक्षण पहले ही कर लिया है या नहीं।
ह्यूंदै मोटर जैसे कार निर्माता पहले ही अपनी कारों को भारत एनसीएपी द्वारा परीक्षण के लिए भेजने की पुष्टि कर चुके हैं। कोरियाई ऑटो दिग्गज ने कहा था कि वह क्रैश टेस्ट के लिए भारत एनसीएपी को तीन कारें भेजेगी।
विज्ञापन
3 of 5
Nitin Gadkari Inaugurated Command-and-Control Centre of Bharat NCAP in Pune
- फोटो : Social Media
इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि भारत एनसीएपी उन कारों को 5-स्टार रेटिंग देगी जो 6 एयरबैग के साथ आती हैं। भारत में फिलहाल सभी कारों में कम से कम दो एयरबैग अनिवार्य करने का नियम है। ड्राइवर और सामने की सीट पर बैठे यात्री के लिए बने ये दो एयरबैग ज्यादातर छोटी कारों में इस्तेमाल किए जाते हैं। जिनमें पीछे के यात्रियों के लिए ज्यादा एयरबैग देने के लिए जगह की कमी होती है।
4 of 5
For Reference Only
- फोटो : Global NCAP
भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट की एक सीरीज आयोजित करेगा। जिसमें फ्रंट इम्पैक्ट, साइड पोल इम्पैक्ट, साइड बैरियर इम्पैक्ट, इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल (ईएससी), पैदल यात्री सुरक्षा अनुपालन और बहुत कुछ शामिल होंगे। कार्यक्रम में बाद के चरण में लेन डिपार्चर वार्निंग के साथ रियर क्रैश प्रोटेक्शन और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग (एईबी) शामिल करने की योजना है।
5-स्टार सुरक्षा रेटिंग हासिल करने के लिए कारों को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (एओपी) में न्यूनतम 27 अंक और चाइल्ड ऑरक्यूपेंट प्रोटेक्शन (सीओपी) में 41 अंक हासिल करने की जरूरत होगी। न्यूनतम 3-स्टार सुरक्षा रेटिंग के लिए, कारों को 6 एयरबैग, ईएससी, पैदल यात्री सुरक्षा अनुरूप फ्रंट डिजाइन और फ्रंट सीटों के लिए सीटबेल्ट रिमाइंडर से लैस होना चाहिए। भारत एनसीएपी के तहत 30 से ज्यादा मॉडल पहले से ही परीक्षण के लिए तैयार हैं।