गाड़ी को परचेज करते समय हम लोग उसकी इंश्योरेंस पॉलिसी को भी खरीदते हैं। भविष्य में अगर दुर्भाग्यवश कोई वाहन संबंधी घटना होती है, तो उस समय हमें इंश्योरेंस क्लेम मिल जाता है। इसी कड़ी में आज हम आपको उन कारणों के बारे में बताने वाले हैं, जिनकी वजह से आपका इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से -
नेम ट्रांसफर इन द नेम ऑफ पॉलिसी
अक्सर जब हम अपने सेकेंड हैंड वाहन को किसी दूसरे व्यक्ति को बेचते हैं, तो उस वक्त वाहन की आरसी को नए ऑनर के नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाता है। वहीं इंश्योरेंस का जो क्लेम रहता है वो पुराने ऑनर के नाम पर ही रहता है। इन परिस्थितियों में जिस व्यक्ति के नाम पर वाहन होता है और जिसके नाम पर इंश्योरेंस होता है दोनों ही इंश्योरेंस के लिए क्लेम नहीं कर सकते हैं। ऐसे में इस बात का खास ध्यान रखें कि वाहन को खरीदते वक्त इंश्योरेंस का ट्रांसफर जरूर करवाएं। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपके वाहन का मोटर बीमा क्लेम खारिज हो जाएगा।