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81 साल बाद इतिहास बनी तानाशाह हिटलर की ड्रीम कार, दूसरे विश्व युद्ध में लिया था हिस्सा

Fri, 12 Jul 2019 05:00 AM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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Adolf Hitler and Ferdinand Porsche With Volkswagen Beetle - फोटो : Twitter
फॉक्सवैगन की हैचबैक बीटल कार को ‘आम आदमी की कार’ कहा जाता है। वहीं दुनिया को विश्व युद्ध के दलदल में धकेलने वाले जर्मनी के तानाशाह अडोल्फ हिटलर का इस कार से गहरा नाता रहा है। वहीं फॉक्सवैगन कंपनी की यह कार अब हिटलर की तरह इतिहास का पन्ना हो जाएगी। कंपनी ने 81 साल बाद इस हफ्ते से इस कार आखिरी मॉडल को बंद करने का एलान किया है।   
 
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27 मई 1938 में पहली बार इस कार का प्रोडक्शन

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British army Major Ivan Hirst drives the 1,000th Beetle - फोटो : Twitter
पिछले साल भी फॉक्सवैगन ने 13 सितंबर 2018 से इस कार का प्रोडक्शन बंद करने का एलान किया था। 27 मई 1938 में पहली बार इस कार का प्रोडक्शन शुरू किया गया था। जब यह कार बनी थी, तो हिचलर को कार बेहद पसंद आई थी। हिटलर की इच्छा थी कि इस कार को जर्मनी का निजी परिवहन बनाया जाए, जैसा अमेरिका में फोर्ड मॉडल टी के साथ हुआ था।  
 
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हिटलर करता था पसंद

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Volkswagen Beetle Britain - फोटो : BBC
फर्डिनांड पोर्श की डिजाइन की हुई 5 सीटर बीटल कार बाद में पीपुल्स कार में तब्दील हो गई। हिटलर को एक ऐसी कार चाहिये थी जिसे 100 किमी की रफ्तार से दौड़ाया जा सके और इसमें चार लोगों के बैठने की सुविधा उपलब्ध हो। शुरुआत में इस कार का इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सेना के कामों में किया गया। युद्ध के बाद मेजर इवान हिर्स्ट के प्रयासों से यह कंपनी ब्रिटिश हाथों में चली गई और इसका इस्तेमाल सिविलयंस के लिये होने लगा।
 

1950 के दशक में अमेरिका में लॉन्च

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Volkswagen Beetle - फोटो : Twitter
दूसरा विश्व युद्ध खत्म होने के बाद मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी को आर्थिक तंगी से बाहर निकालने के लिये फॉक्सवैगन की इस कार को 1950 के दशक में अमेरिका में लॉन्च किया। पहले साल केवल दो बीटल कारें ही बिकीं। 1960 के दशक में यह कार अमेरिका में इतनी पॉपुलर हुई कि 1968 में कार के कुल उत्पादन का 40 फीसदी हिस्सा यानी 5.63 लाख कारें बिकीं। उस समय इस कार को लेकर एडवरटाइजिंग एजेंसी डोयले डाने ने इस कार की बिक्री बढ़ाने के लिये ‘थिंक स्माल’ का स्लोगन दिया। वहीं इस कार के ऊपर 1968 में डिज्नी ने एक फिल्म 'दी लव बग' भी बनाई, जिससे इस कार को काफी लाकप्रियता हासिल हुई। फिल्म में एक ऐसी फॉक्सवैगन कार की कहानी थी जो खुद सोच सकती थी।
 
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शुरुआती नाम फॉक्सवैगन टाइप 1

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Vintage Volkswagen Beetle - फोटो : Twitter
शुरुआत में इस कार का नाम बीटल नहीं था, इसे फॉक्सवैगन टाइप 1 के नाम से जाना जाता था। लेकिन 1960 में बीटल कीड़े की तरह दिखने वाली इस कार का नाम बीटल रखा गया। वहीं फ्रांस में इसे कोकिनेला (लेडीबग), इटली और ब्राजील में फुस्का, मैक्सिको में वोको, बोल्विया में पेटा (टर्टल) और इंडोनेशिया में कोडक (मेंढक) नाम रखा गया।  
 
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मैक्सिको में बीटल की ऑरिजनल शेप बरकार रही

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Volkswagen Beetles at Junkyard - फोटो : Twitter
वहीं साल 1979 में अमेरिका में बीटल को बंद कर दिया गया, लेकिन मैक्सिको और ब्राजील में इसका प्रोडक्शन जारी रहा। आज भी मैक्सिको के जंकयार्ड में बड़ी संख्या में बीटल खड़ी हैं। साथ ही, मैक्सिको अकेला ऐसा देश रहा जहां बीटल की ऑरिजनल शेप बरकार रही। अमेरिका में बंद होने के बाद फॉक्सवैगन ने 'न्यू बीटल' को 1997 में अमेरिकी बाजार में पेश किया। लेकिन बीटल की बिक्री में लगातार गिरावट आती रही, यहां तक कि 2017 में बीटल की अमेरिका में बिक्री 3.2 प्रतिशत गिरकर 15,667 यूनिट्स तक पहुंच गई।
 
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म्यूजियम में रखी जाएगी आखिरी कार

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Volkswagen Beetle India - फोटो : सांकेतिक
मॉडर्न बीटल में कई नए फीचर शामिल किये गए, जिनमें टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, एयरबैग्स, ईबीडी के साथ एबीएस, ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे फीचर थे। फॉक्सवैगन ने इसका उत्पादन बंद करने से पहले केवल 5,961 यूनिट्स में से 5,960 कारें ही बनाई हैं। वहीं 10 जुलाई को मैक्सिको के युबला में एक सेरेमनी का आयोजन किया गया, जहां आखिरी कार को म्यूजियम में रखा जाएगा।    
 
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