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15 दिसंबर है अंतिम तारीख, अब तक सिर्फ 15 फीसदी वाहनों में ही लगा फास्टैग

Fri, 13 Dec 2019 12:27 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Fastag For Cars - फोटो : NHAI
राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर फास्टैग को लागू करने की सरकार की तमाम कोशिशें अभी तक रंग लाती नजर नहीं आ रही हैं। आलम यह है कि इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) के जरिये टोल वसूली का आंकड़ा अभी भी 50 फीसदी को नहीं छू पाया है। गौरतलब है कि देशभर में वाहनों के लिए फास्टैग को अनिवार्य करने की अंतिम तारीख 15 दिसंबर है, जिसे पूरा होने में बस कुछ ही दिन बचे हैं। 

खबरों के मुताबिक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मौजूदा समय में टोल प्लाजा पर हर रोज 78 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली हो रही है। इसमें ईटीसी के जरिये फास्टैग से 35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। बाकी बचे 43 करोड़ रुपये नगद अदा किए जा रहे हैं। यानी फास्टैग से टोल टैक्स वसूली का आंकड़ा 44 फीसदी के नजदीक पहुंचा है, जबकि 56 फीसदी टोल वसूली अभी भी नगद हो रही है। 

अधिकारी ने बताया कि ईटीसी में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) के जरिये वाहन में लगे फास्टैग से टोल का भुगतान खुद ही हो जाता है। अभी देशभर में रोजाना औसतन 1.25 लाख फास्टैग की बिक्री हो रही है। 

अधिकारी के मुताबिक पिछले छह महीने में कुल 92 लाख फास्टैग की बिक्री हो चुकी है, जबकि दो एक्सल ट्रक, ट्रेलर और टेंपो की संख्या एक करोड़ से ज्यादा है। वहीं सरकारी और निजी बसों व कारों को इसमें जोड़ लिया जाए तो यह आंकड़ा सात करोड़ हो जाएगा। इस लिहाज से सभी निजी और व्यावसायिक वाहनों में से अभी तक सिर्फ 15 फीसदी वाहनों में ही फास्टैग लग पाया है। 
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Fastag Banks

फास्टैग कैसे खरीदें 

फास्टैग को 22 अधिकृत बैंकों से प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) जैसे विभिन्न चैनलों से ऑफलाइन खरीदा जा सकता है। इनकी बिक्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा और चुनिंदा बैंक शाखाओं में हो रही है। साथ ही इसकी बिक्री अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी हो रही है। 
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fastag

फास्टैग की कीमत 

बहुत आम सवाल है कि फास्टैग को खरीदने के लिए कितने रुपये खर्च करने पड़ेंगे। अधिकृत बैंक फास्टैग जारी करने के लिए अधिकतम 100 रुपये चार्ज कर सकते हैं। इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने तय किया है। 

बैंक, फास्टैग के क्रेता से पहली बार खरीदे जाते वक्त सुरक्षा निधि व अन्य शुल्क लेने के साथ कुछ बैलेंस अमाउंट खाते में बनाए रखने योग्य राशि लेते हैं। हालांकि, टैग जारी करने के असल चार्ज बैंक तय करते हैं। यह अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग है। 

इसके साथ ही फास्टैग के टॉप-अप चार्ज भी अलग-अलग बैंकों में अलग हो सकते हैं। इस अंतर के बारे में बैंकों की वेबसाइट या फिर संबंधित बैंक की किसी शाखा में जाकर जानकारी ली जा सकती है।

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Fastag

पेटीएम से भी खरीद सकते हैं फास्टैग 

पेटीएम फास्टैग रियूजेबल टैग है। यह भी आरएफआईडी तकनीक पर ही काम करता है। फास्टैग को आपके पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट और पेटीएम वॉलेट से जोड़ा जा सकता है। इसलिए आपके पेटीएम वॉलेट में पर्याप्त पैसा होना जरूरी है, इस बात को पहले से ही सुनिश्चित कर लें। 
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Fastag RFID CHIP - फोटो : AmarUjala

एचडीएफसी बैंक से खरीद सकते हैं फास्टैग 

एचडीएफसी बैंक रिलोडेबल/रिचार्जेबल फास्टैग जारी करता है। इनसे आप पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने 420 से ज्यादा टोल प्लाजा पर शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इसके लिए आप बैंक के आधिकारिक एजेंट के कार्यालय अथवा टोल प्लाजा पर प्वाइंट-ऑफ-सेल से फास्टैग खाता सक्रिय करा सकते हैं। आपको बस अपने केवाईसी कराने के लिए अपनी पहचान से जुड़े समस्त मूल दस्तावेज और उनकी फोटो कॉपी लेकर जाना होगा। एचडीएफसी बैंक के फास्टैग की वैधता पांच वर्ष होती है। 
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फास्ट टैग - फोटो : self

फास्टैग को ऐसे रिचार्ज करें

यदि आपका फास्टैग आपके बैंक खाते से लिंक है तो आपको प्रीपेड वॉलेट में अलग से रुपये या बैलेंस रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि आपको लिंक कराए गए अपने बैंक खाते में बैलेंस या पर्याप्य राशि बनाए रखनी होगी। इसलिए घर से निकलते वक्त ही इस बात पर गौर कर लें, ताकि टोल प्लाजा पर भुगतान आसानी से हो जाए।

यदि आपने फास्टैग को प्रीपेड वॉलेज से लिंक कराया है तो क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/एनईएफटी/आरटीजीएस या नेट-बैंकिंग, चेक या अन्य ऑनलाइन माध्यम इनमें से किसी का भी इस्तेमाल आप रिचार्ज करने के लिए कर सकते हैं। इस तरह के अन्य माध्यमों से रिचार्ज करने के लिए आपको मामूली सा अतिरिक्त शुल्क अवश्य चुकाना होगा।

केवाईसी करा चुके वाहन चालक या फास्टैग के क्रेता इसमें एक लाख रुपये तक का रिचार्ज करा सकते हैं। वहीं लिमिटेड केवाईसी वाले क्रेता अपने फास्टैग प्रीपेड वॉलेट में बीस हजार रुपये से ज्यादा की राशि नहीं रख सकते हैं। सिर्फ यही नहीं हर महीने इसमें राशि डालने की सीमा भी बीस हजार रुपये ही है।

 
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