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पेट्रोल-डीजल की मार: कार कंपनियों को भी चुभ रहे हैं तेल के बढ़ते दाम, बड़ा दांव लगाने की कर रही हैं तैयारी

Sat, 26 Jun 2021 12:14 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Indian Oil Petrol Pump - फोटो : PTI
देश के नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल ने 100 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर लिया है। चार मई से लेकर अभी तक तेल की कीमतों की कीमतों में 29 बार बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं पिछले 29 दिनों में पेट्रोल के दाम 7.36 रुपये बढ़ चुके हैं। जहां दिल्ली में इन दिनों पेट्रोल के दाम 97.76 रुपये प्रति लीटर हैं, तो डीजल के दाम भी आसमान छू रहे हैं। डीजल की दिल्ली में कीमतें 88.30 रुपये प्रति लीटर हैं। पेट्रोल-डीजल के बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है। वाहन में प्रयोग वाले परंपरागत ईंधन में इस समय सीएनजी सबसे सस्ती है, जिसकी दिल्ली में कीमत 43.40 रुपये प्रति किग्रा है। लोग नई गाड़ी खरीदने में भी सीएनजी युक्त वाहनों को तरजीह दे रहे हैं। तो ऑटो कंपनियों भी सीएनजी से चलने वाले वाहनों की बिक्री पर खासा जोर दे रही हैं। देश की दो सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी मारुति और ह्यूंदै पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सीएनजी फिटेड वाहनों पर फोकस कर रही हैं।
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CNG Fitted Car - फोटो : Agency (File Photo)

मांग में लगातार बढ़ोतरी

मारुति सुजुकी की तैयारी है कि वह इस वित्तीय वर्ष में तकरीबन ढाई लाख सीएनजी फिटेड वाहन बनाएगी, जो मौजूदा से 60 फीसदी ज्यादा है। वहीं ह्यूंदै ने उम्मीद जताई है कि इस कैलेंडर वर्ष में उसके सीएनजी मॉडल की बिक्री तीन गुना बढ़कर लगभग 35,000 यूनिट हो जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक मारुति सुजुकी का कहना है कि पिछले कुछ समय से सीएनजी वाहनों की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसकी मख्य वजह पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम हैं। इसके अलावा सीएनजी की उपलब्धता पहले से बेहतर हुई है, जिसकी वजह से ग्राहक सीएनजी कारों को पसंद कर रहे हैं। फिलहाल मारुति अपनी गाड़ियों को फैक्टरी फिटेड सीएनजी के साथ बेचती है, जिसमें ऑल्टो, एस-प्रेसो, सिलेरियो, वैगन आर, अर्टिगा, इको और डिजायर शामिल हैं। वहीं कंपनी की योजना भविष्य में सभी छोटी गाड़ियों को सीएनजी विकल्प के साथ उतारने की है।
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HYundai CNG cars - फोटो : Hyundai

ह्यूंदै की यह है रणनीति

वहीं मारुति की मुख्य प्रतिद्वंदी ह्यूंदै भी सीएनजी गाड़ियों की बिक्री में तेजी का अनुभव कर रही है। ह्यूंदै अपनी तीन गाड़ियों ऑरा, सैंट्रो और Nios में सीएनजी का विकल्प देती है। ह्यूंदै का कहना है कि अगर बाकी अन्य गाड़ियों में भी सीएनजी की मांग देखेंगे को उन्हें भी हम सीएनजी के साथ उतारने में देरी नहीं करेंगे। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में 35 हजार सीएनजी यूनिट्स की बिक्री की उम्मीद जताई है। फिलहाल पिछले कुछ सालों से कंपनी की औसतन बिक्री 8000 से 10000 यूनिट्स की है। ह्यूंदै छोटी कार सेगमेंट में पेट्रोल और सीएनजी पर जबकि एसयूवी के लिए पेट्रोल और डीजल पर ध्यान केंद्रित करेगी।

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Cars at CNG station - फोटो : PTI (File Photo)

रनिंग कॉस्ट पेट्रोल-डीजल से आधी

कार निर्माता कंपनी का कहना है कि सीएनजी से चलने वाले वाहनों की रनिंग कॉस्ट पेट्रोल-डीजल वाहनों से भी आधी है। दिल्ली में सीएनजी वाहन की रनिंग कॉस्ट 1.60 से 1.70 प्रति किमी तो पेट्रोल-डीजल वाहन की रनिंग कॉस्ट 4-4.10 रुपये प्रति किमी तक पड़ती है। साथ ही, पेट्रोल मॉडल की तुलना में सीएनजी पर 75,000-80,000 रुपये का प्रीमियम देना पड़ता है, जबकि डीजल मॉडल पर 1,25,000-1,50,000 रुपये तक का प्रीमियम चुकाना पड़ता है।
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बीपीसीएल सीएनजी पंप। - फोटो : अमर उजाला।

350 शहरों में 3400 से ज्यादा सीएनजी पंप

इसके अलावा पहले के वर्षों के मुकाबले सीएनजी की उपलब्धता बेहतर हुई है। देश के 350 शहरों में 3400 से ज्यादा सीएनजी पंप हैं, जबकि पहले 142 शहरों में केवल 1400 सीएनजी आउटलेट्स थे। 2019 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में एलान किया था कि आने वाले 10 सालों में सीएनजी आउटलेट्स की संख्य़ा बढ़ा तक 10 हजार करने की है। सरकार की योजना निजी सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देकर तकरीबन दो लाख करोड़ रुपये तेल निर्यात पर बचाने की है।
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