मुंबई का अटल सेतु, जिसे मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल) के नाम से भी जाना जाता है, ने उद्घाटन के बाद पहले महीने में ही आठ लाख से ज्यादा वाहनों को पार कर लिया है। अटल सेतु, भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल, दक्षिण मुंबई में सेवरी और नवी मुंबई में न्हावा शेवा को जोड़ता है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने हाल ही में उन वाहनों की संख्या का खुलासा किया है जो पुल पर चल चुके हैं। पुल का उद्घाटन इस साल 12 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया गया था। जिसके बाद 13 जनवरी से पुल चालू हो गया था।
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अटल सेतु
- फोटो : Social media
अटल सेतु 21.8 किलोमीटर लंबा है और दक्षिण मुंबई और नवी मुंबई के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाता है। यह इसकी यात्रा को अब लगभग 30 मिनट तक कम कर देता है, जिसमें पहले दो घंटे लगते थे। लगभग 16.5 किमी पुल समुद्र पर खड़ा है जबकि शेष 5.5 किमी दोनों तरफ से पुल तक जाने वाली सड़कें हैं। समुद्री लिंक लगभग 70,000 वाहनों को प्रतिदिन संभालने में सक्षम है। इस मेगा स्ट्रक्चर के निर्माण में 177,903 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है, जो 500 बोइंग हवाई जहाजों के वजन के बराबर या एफिल टावर के वजन का 17 गुना है।
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अटल सेतु
- फोटो : Amar Ujala
अटल सेतु पर एक महीने के भीतर वाहनों की उच्च संख्या पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए, एमएमआरडीए के आयुक्त संजय मुखर्जी ने कहा कि अब यह दूरी तय करने में मुश्किल से कुछ मिनट लगते हैं। उन्होंने कहा, "अब तक इस पुल पर 8 लाख से ज्यादा वाहन गुजर चुके हैं। इस पुल से मुंबई से नवी मुंबई की यात्रा सिर्फ 20 मिनट की हो गई है।"
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अटल सेतु
- फोटो : ANI
मुखर्जी ने यह भी कहा कि बिना टोल चुकाए निकलने वाले वाहन गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। उन्होंने कहा, "12 जनवरी को पुल के उद्घाटन के बाद से लगभग 4 प्रतिशत वाहन बिना टोल चुकाए निकल गए हैं। अटल सेतु पुल पर प्रतिदिन औसतन 30,000 रुपये का नुकसान होता है, और 4 प्रतिशत वाहन बिना टोल चुकाए निकल जाते हैं। जो प्राधिकरणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।"
पिछले एक महीने में, अटल सेतु में चार दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें पांच लोग घायल हुए हैं। अटल सेतु यात्रियों के लिए कई सुरक्षा सुविधाओं का दावा करता है। इनमें 400 कैमरे शामिल हैं, जिनमें से 36 पुल के नीचे लगाए गए हैं। हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे भी हैं जो सेंसर-आधारित होते हैं और पुल पर हलचल होने पर चलते हैं। यह चलती कार की नंबर प्लेट भी कैप्चर कर सकता है। इनके अलावा, थर्मल-संवेदनशील कैमरे हैं जो अंधेरे में या कोहरे की स्थिति में काम करते हैं। एमएमआरडीए ने तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों को ट्रैक करने के लिए कई स्पीड गन भी लगाई हैं। अटल सेतु की निगरानी के लिए कॉल सेंटर और 24X7 कंट्रोल रूम हैं।